{"_id":"675f459f1068eac12c0d527d","slug":"deserted-night-shelters-cold-bonfires-the-night-is-passing-on-the-cold-footpath-bareilly-news-c-4-bly1015-541948-2024-12-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: रैन बसेरे सूने... ठंडे पड़े अलाव सर्द फुटपाथ पर गुजर रही रात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: रैन बसेरे सूने... ठंडे पड़े अलाव सर्द फुटपाथ पर गुजर रही रात
विज्ञापन
- डीएम के आदेश पर भी नहीं जागी नगर निगम की टीम, कमिश्नरी के पीछे सड़क किनारे लाइन से सो रहे असहाय लोग
बरेली। रैन बसेरों में सन्नाटा, ठंडे पड़े अलाव और खुले आसमान के नीचे सर्द फुटपाथ पर सोते लोग। ये तस्वीरें नगर निगम और प्रशासन की व्यवस्था की पोल खोल रही हैं। कमिश्नरी के पीछे बने फुटपाथ पर लाइन से बिस्तर लगे हुए हैं। यहां असहाय वर्ग के लोग हल्के कंबल के सहारे रात काट रहे हैं। दो दिन पहले निरीक्षण के दौरान डीएम ने खुले में सो रहे लोगों को रैन बसेरों तक पहुंचाने का निर्देश नगर निगम की टीम को दिया था, लेकिन जिम्मेदारों ने इसे हवा में उड़ा दिया।
रैन बसेरों पर अलाव ठंडे पड़े हैं। रोज रात आठ बजे 50 किलो की जगह सिर्फ 20-30 किलो लकड़ियां डाली जा रही हैं। इनमें से ज्यादातर लकड़ियां गीली होती हैं। पेड़ों की जड़ तक डाल दी जा रही है। इस वजह से वे जल्दी आग नहीं पकड़तीं। इस वजह से राहगीर व बेसहारा लोग रातभर ठिठुरते रहते हैं।
सार्वजनिक स्थलों पर नहीं लगी रैन बसेरों की सूची
डीएम रविंद्र कुमार ने रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और जिला चिकित्सालय के बाहर सक्षम स्तर के अधिकारी/कर्मचारी की रात्रिकालीन ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए थे। सार्वजनिक स्थलों पर रैन बसेरों की सूची चस्पा करने की हिदायत दी थी, ताकि लोग वहां तक पहुंच सकें। यात्रियों को परेशानी न हो। जिलाधिकारी के इस निर्देश का भी पालन नहीं किया जा रहा है। सार्वजनिक स्थलों पर सूची चस्पा नहीं की गई है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। रैन बसेरों में सन्नाटा, ठंडे पड़े अलाव और खुले आसमान के नीचे सर्द फुटपाथ पर सोते लोग। ये तस्वीरें नगर निगम और प्रशासन की व्यवस्था की पोल खोल रही हैं। कमिश्नरी के पीछे बने फुटपाथ पर लाइन से बिस्तर लगे हुए हैं। यहां असहाय वर्ग के लोग हल्के कंबल के सहारे रात काट रहे हैं। दो दिन पहले निरीक्षण के दौरान डीएम ने खुले में सो रहे लोगों को रैन बसेरों तक पहुंचाने का निर्देश नगर निगम की टीम को दिया था, लेकिन जिम्मेदारों ने इसे हवा में उड़ा दिया।
रैन बसेरों पर अलाव ठंडे पड़े हैं। रोज रात आठ बजे 50 किलो की जगह सिर्फ 20-30 किलो लकड़ियां डाली जा रही हैं। इनमें से ज्यादातर लकड़ियां गीली होती हैं। पेड़ों की जड़ तक डाल दी जा रही है। इस वजह से वे जल्दी आग नहीं पकड़तीं। इस वजह से राहगीर व बेसहारा लोग रातभर ठिठुरते रहते हैं।
विज्ञापन
सार्वजनिक स्थलों पर नहीं लगी रैन बसेरों की सूची
डीएम रविंद्र कुमार ने रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और जिला चिकित्सालय के बाहर सक्षम स्तर के अधिकारी/कर्मचारी की रात्रिकालीन ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए थे। सार्वजनिक स्थलों पर रैन बसेरों की सूची चस्पा करने की हिदायत दी थी, ताकि लोग वहां तक पहुंच सकें। यात्रियों को परेशानी न हो। जिलाधिकारी के इस निर्देश का भी पालन नहीं किया जा रहा है। सार्वजनिक स्थलों पर सूची चस्पा नहीं की गई है। संवाद
विज्ञापन