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Bareilly News: उप कुलसचिव ने बदला कर्मचारियों का पटल, कुलसचिव ने किया निरस्त

Thu, 25 Apr 2024 06:51 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Thu, 25 Apr 2024 06:51 AM IST
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Deputy Registrar changed the list of employees, Registrar canceled
बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में कुलपति और कुलसचिव के बीच चल रहा विवाद जारी है। कुलपति ने कुलसचिव को प्रशासनिक कार्यों से हटाने का आदेश बरकरार रखा है। वहीं, कुलसचिव अजय कृष्ण यादव शासन के निर्देश का हवाला देते हुए कार्य कर रहे हैं। बुधवार को उप कुलसचिव ने कर्मचारियों के पटल परिवर्तन का आदेश जारी किया, जिसे कुलसचिव ने निरस्त कर दिया।
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विश्वविद्यालय में शिक्षकों के प्रोन्नत वेतनमान निर्धारण संबंधी प्रकरण के निस्तारण को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। कुलपति, कुलसचिव और उप कुलसचिव के बीच पत्राचार जारी है। कुलपति ने प्रकरण की रिपोर्ट राजभवन को भेजी है। उन्होंने कुलसचिव को प्रशासनिक कार्यों से विरत करने और सुनीता यादव को अतिरिक्त प्रभार देने का आदेश भी बरकरार रखा है। इधर, कुलसचिव अजय कृष्ण यादव का कहना है कि शासन स्तर से कुलपति के आदेश को नियम विरुद्ध बताया जा चुका है।
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कुलपति की ओर से उप कुलसचिव सुनीता यादव को कुलसचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। हालांकि, वह कुलसचिव कार्यालय में नहीं बैठ रही हैं। बुधवार को उन्होंने कुलसचिव के रूप में आठ कर्मचारियों का पटल परिवर्तन कर दिया। इसमें कुलसचिव कार्यालय के वैयक्तिक सहायक अर्जुन सिंह और अजय कुमार मौर्य भी शामिल थे। इसके तत्काल बाद कुलसचिव अजय कृष्ण यादव ने पत्र जारी कर इस आदेश को निरस्त कर दिया।
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलसचिव अजय कृष्ण यादव वर्ष 2022 में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा में परीक्षा नियंत्रक थे। वहां मुख्य परीक्षा के दौरान केंद्रों के निर्धारण में अनियमितताओं के आरोप लगे थे। इस संबंध में उप सचिव एसपी मिश्र की ओर से उन्हें पत्र भेजा गया था। इसका जवाब देने के लिए उन्हें 15 दिनों का समय दिया गया था। निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने पर अब शासन की ओर से दोबारा पत्र भेजकर 10 दिन में स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है। ऐसा नहीं करने पर यह मान लिया जाएगा कि उन्हें आरोपों के संबंध में कुछ नहीं कहना है। साथ ही उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर प्रकरण में अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा।
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