उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक बोले: सत्ता के भूखे लोगों का समूह है कांग्रेस, सपा को बताया एक परिवार के कब्जे वाली पार्टी
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शनिवार को बरेली में आयोजित काला दिवस गोष्ठी में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा, सपा पर एक परिवार का कब्जा है। अखिलेश यादव ने अपने पिता को ही धक्का मारकर कुर्सी हथिया ली।बोले, कांग्रेस में भी इसी तरह एक ही परिवार के पास शक्तियां हैं।
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बरेली में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक आपातकाल का जिक्र करते हुए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई का महात्मा गांधी ने नेतृत्व किया। कांग्रेस ने उनके कामों को आगे बढ़ाने के बजाय अपने नाम के आगे गांधी लगा लिया। इस शब्द का प्रयोग वोट लेने के लिए किया गया। कांग्रेस सत्ता के भूखे लोगों का समूह है, जो जनता को गुमराह करने का काम कर रहा है। बोले, बरेली क्रांति का गढ़ है। यहां से उठी आवाज पूरी दुनिया में जाती है, इसलिए भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस के कारनामों को घर-घर जाकर बताएं। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शनिवार को ये बातें भाजपा की ओर से आयोजित काला दिवस गोष्ठी में कहीं।
आईएमए हाल में आयोजित गोष्ठी में मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी अब आचार्य नरेंद्र देव, चंद्रशेखर के समय वाली पार्टी नहीं है। सपा आज एक परिवार के कब्जे वाली पार्टी है। इसी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने अपने ही पिता को धक्का मारकर कुर्सी हथिया ली है। कहा, ऐसा कार्य मुगलकाल में होता था। उन्होंने कहा कि सपा के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष भी अखिलेश यादव के ही बेटे होंगे। कांग्रेस में भी इसी तरह एक ही परिवार के पास शक्तियां हैं। इस पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष भी राहुल गांधी के ही परिवार से होगा, यदि वह शादी करेंगे तो उनके बेटा-बेटी बनेंगे या फिर प्रियंका वाड्रा के परिवार से अध्यक्ष होगा। इस दौरान उन्होंने शिवसेना पर भी निशाना साधा। बिना नाम लिए कहा कि पिता सीएम हैं और बेटा कैबिनेट मंत्री। पूरा परिवारवाद चल रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा में ऐसा नहीं होता है। उदाहरण देते हुए कहा कि हो सकता है भाजपा का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष इसी गोष्ठी में बैठा हो।
उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान जनसंघ के नेताओं को जेलों में बंद कर दिया गया। यातनाएं दी गईं। लोगों को रोड रोलर से कुचलने की कोशिशें हुईं। वह दिन कभी नहीं भूला जा सकता। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों से कहा कि उनका सम्मान वह कम नहीं होने देंगे। इस दौरान उन्होंने 70 से अधिक लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया। लोकतंत्र सेनानी वीरेंद्र अटल ने आपातकाल के अनुभव बताए।
स्वागत के दौरान अव्यवस्था, लोकतंत्र सेनानी हुए नाराज
कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री के स्वागत के लिए एक साथ मंच पर कई कार्यकर्ता बुला लिए गए। इससे अव्यवस्था हो गई। मंच से कार्यकर्ता नहीं उतर रहे थे। सेल्फी ली जा रहीं थीं। यहां धक्का-मुक्की भी हो गई। इस पर एक लोकतंत्र सेनानी नाराज होकर जाने लगे तो उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने उन्हें रुकने के लिए कहा।