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निजी अस्पतालों में भर्ती हो रहे डेंगू मरीज
बरेली।
Updated Sun, 05 Nov 2017 02:01 AM IST
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मच्छरों का प्रकोप धीरे-धीरे इस कदर बढ़ गया कि डेंगू के मरीज सामने आने लगे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग अंजान बना हुआ है। जिला अस्पताल में भले ही डेंगू के मरीज न पहुंच रहे हों लेकिन निजी अस्पतालों में कई डेंगू के मरीज भर्ती हैं। डॉक्टरों ने कार्ड टेस्ट से उन्हें डेंगू होने की पुष्टि की है और उसी के मुताबिक उनका इलाज कर रहे हैं। हालांकि किसी भी निजी अस्पताल ने अब तक एक भी डेंगू मरीज के भर्ती होने की सूचना स्वास्थ्य विभाग को नहीं भेजी है।
स्वास्थ्य विभाग के नोडल प्रभारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि रामपुर बाग और मिनी बाईपास स्थित निजी अस्पतालों में एक महीने में 10 से अधिक मरीजों को डेंगू की पुष्टि की जा चुकी है, लेकिन एक भी मरीज की सूचना स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी गई है। डॉ. अशोक ने बताया कि निजी अस्पतालों में डेंगू के मरीजों के भर्ती होने की सूचना उन्हें गोपनीय तौर पर मिली है। अब सभी अस्पतालाें को पत्र भेजे जा रहे हैं। रामपुरबाग के अस्पताल में भर्ती एक मरीज की तीमारदार ने बताया कि उनकी चाची को डेंगू बताकर भर्ती किया गया है। प्लेटलेट्स काउंट 50 हजार बताई गई है। सिविल लाइंस स्थित अस्पतालों में भी डेंगू के मरीजों का इलाज चल रहा है।
प्लेटलेट्स और प्लाज्मा की बढ़ गई डिमांड
डेंगू सीजन में प्लेटलेट्स और प्लाज्मा की मांग बढ़ जाती है। आईएमए ब्लड बैंक से मिली जानकारी के अनुसार सामान्य दिनों में जहां 40 से 50 यूनिट प्लेटलेट्स की मांग थी, वहीं अब ये बढ़कर 70 से 80 यूनिट तक पहुंच गई है। इस समय प्लाज्मा का प्रयोग भी डॉक्टर अधिक कर रहे हैं। इसकी मांग 50 यूनिट से बढ़कर 120 यूनिट तक पहुंच गई है। तीमारदार डेंगू मरीज के लिए ले जाने की बात ही बता रहे हैं।
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बिना एलाइजा जांच के नहीं मान रहे डेंगू
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियाें का कहना है कि बिना एलाइजा जांच के डेंगू की पुष्टि नहीं मानी जाएगी। कार्ड टेस्ट में डेंगू पॉजिटिव आने के बाद मरीज का एलाइजा टेस्ट कराना जरूरी है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग को सूचना देनी होती है। शहर में जिला अस्पताल के अलावा सिर्फ मेडिकल कॉलेज में ही एलाइजा जांच की सुविधा है।
मच्छरों का प्रकोप तो बढ़ा है
गणेशनगर, सुभाषनगर, आजमनगर, हजियापुर और कुतुबखाना इलाके में मच्छराें का प्रकोप बढ़ गया है। इसके अलावा जगतपुर और पीलीभीत बाईपास रोड स्थित कॉलोनियों से भी मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की जानकारी मलेरिया विभाग को मिल रही है। शुक्रवार को स्वास्थ्य और मलेरिया विभाग ने गणेशनगर में फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव भी कराया।
इस वर्ष सिर्फ एक डेंगू मरीज स्वास्थ्य विभाग में दर्ज है, जो दिल्ली में भर्ती था। बिना एलाइजा जांच के डेंगू की पुष्टि नहीं की जा सकती है। कुछ अस्पतालों से गोपनीय तौर पर डेंगू मरीज भर्ती करने की सूचना मिली है। सोमवार को सभी अस्पतालाें को पत्र भेजकर रिपोर्ट मांगी जाएगी।
पीके जैन, जिला मलेरिया अधिकारी
स्वास्थ्य विभाग के नोडल प्रभारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि रामपुर बाग और मिनी बाईपास स्थित निजी अस्पतालों में एक महीने में 10 से अधिक मरीजों को डेंगू की पुष्टि की जा चुकी है, लेकिन एक भी मरीज की सूचना स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी गई है। डॉ. अशोक ने बताया कि निजी अस्पतालों में डेंगू के मरीजों के भर्ती होने की सूचना उन्हें गोपनीय तौर पर मिली है। अब सभी अस्पतालाें को पत्र भेजे जा रहे हैं। रामपुरबाग के अस्पताल में भर्ती एक मरीज की तीमारदार ने बताया कि उनकी चाची को डेंगू बताकर भर्ती किया गया है। प्लेटलेट्स काउंट 50 हजार बताई गई है। सिविल लाइंस स्थित अस्पतालों में भी डेंगू के मरीजों का इलाज चल रहा है।
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प्लेटलेट्स और प्लाज्मा की बढ़ गई डिमांड
डेंगू सीजन में प्लेटलेट्स और प्लाज्मा की मांग बढ़ जाती है। आईएमए ब्लड बैंक से मिली जानकारी के अनुसार सामान्य दिनों में जहां 40 से 50 यूनिट प्लेटलेट्स की मांग थी, वहीं अब ये बढ़कर 70 से 80 यूनिट तक पहुंच गई है। इस समय प्लाज्मा का प्रयोग भी डॉक्टर अधिक कर रहे हैं। इसकी मांग 50 यूनिट से बढ़कर 120 यूनिट तक पहुंच गई है। तीमारदार डेंगू मरीज के लिए ले जाने की बात ही बता रहे हैं।
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बिना एलाइजा जांच के नहीं मान रहे डेंगू
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियाें का कहना है कि बिना एलाइजा जांच के डेंगू की पुष्टि नहीं मानी जाएगी। कार्ड टेस्ट में डेंगू पॉजिटिव आने के बाद मरीज का एलाइजा टेस्ट कराना जरूरी है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग को सूचना देनी होती है। शहर में जिला अस्पताल के अलावा सिर्फ मेडिकल कॉलेज में ही एलाइजा जांच की सुविधा है।
मच्छरों का प्रकोप तो बढ़ा है
गणेशनगर, सुभाषनगर, आजमनगर, हजियापुर और कुतुबखाना इलाके में मच्छराें का प्रकोप बढ़ गया है। इसके अलावा जगतपुर और पीलीभीत बाईपास रोड स्थित कॉलोनियों से भी मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की जानकारी मलेरिया विभाग को मिल रही है। शुक्रवार को स्वास्थ्य और मलेरिया विभाग ने गणेशनगर में फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव भी कराया।
इस वर्ष सिर्फ एक डेंगू मरीज स्वास्थ्य विभाग में दर्ज है, जो दिल्ली में भर्ती था। बिना एलाइजा जांच के डेंगू की पुष्टि नहीं की जा सकती है। कुछ अस्पतालों से गोपनीय तौर पर डेंगू मरीज भर्ती करने की सूचना मिली है। सोमवार को सभी अस्पतालाें को पत्र भेजकर रिपोर्ट मांगी जाएगी।
पीके जैन, जिला मलेरिया अधिकारी