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Bareilly News: डेंगू से मौतों का सिलसिला जारी, महकमा मानने को तैयार नहीं

Tue, 24 Oct 2023 01:22 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 24 Oct 2023 01:22 AM IST
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Deaths due to dengue continue, department not ready to accept
बरेली। डेंगू से मौतों का सिलसिला जारी है। सोमवार को बहेड़ी की आदर्श कॉलोनी निवासी डेंगू संदिग्ध युवक की दिल्ली की अस्पताल में मौत हो गई। अब तक डेंगू सदिग्ध 17 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, एलाइजा जांच के अभाव में स्वास्थ्य विभाग ने इन मौतों को मानने से इन्कार किया है। ऐसे में सवाल उठता है कि अब तक जो मौतें हुई हैं, उनकी वजह क्या रही। यदि लोग डेंगू से नहीं मरे तो कौन सा बुखार उनके लिए काल बन रहा है? महकमे के पास इस सवाल का भी जवाब नहीं है।
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डेढ़ माह पहले डेंगू का पहला मरीज मिला था। तब से अब तक डेंगू के 585 मरीज मिल चुके हैं। सोमवार को भी एलाइजा जांच में 23 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। वहीं, 88 लोग एनएस-1 कार्ड टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए। इसके अलावा डेंगू जैसे लक्षणों वाले हजारों मरीज सरकारी और निजी अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं। बुखार से तप रहे सैकड़ों मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। सीएचसी पर मरीज भर्ती नहीं हो रहे। डेंगू के इलाज के दावे नाकाफी साबित हो रहे हैं।
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बहेड़ी की आदर्श काॅलोनी निवासी सुमित सक्सेना (28) एनएस-1 कार्ड टेस्ट में डेंगू संदिग्ध मिले थे। दिल्ली के अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बिशारतगंज के मझगवां अतरछेड़ी गांव की छात्रा सुहानी और इसी गांव के नौ साल के विराज की मौत भी हो चुकी है। ग्राम प्रधानों का कहना है कि क्षेत्र में डेंगू का प्रकोप है। कई मरीजों की हालत बेहद गंभीर है।
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बुखार के मरीजों की एलाइजा जांच के पर्याप्त इंतजाम स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है। जिला अस्पताल में एलाइजा जांच मशीन से एक बार में अधिकतम 80 सैंपल जांचे जा सकते हैं। लिहाजा, कार्ड टेस्ट में पॉजिटिव मिले सभी मरीजों की प्रतिदिन एलाइजा जांच हो पाना भी मुमकिन नहीं। हर दिन डेंगू के 20 से ज्यादा मरीज मिल रहे हैं। इनका बोझ संभालने में भी विभाग के इंतजाम नाकाफी हैं।

जिला अस्पताल में डेंगू मरीजों को भर्ती करने के लिए अब 50 बेड हो गए हैं। तीन सौ बेड अस्पताल में भी 50 बेड का वार्ड बना दिया गया है। मगर मरीजों को भर्ती करने के लिए डॉक्टर और जरूरी स्टाफ विभाग के पास नहीं हैं। जिला अस्पताल में बढ़ते जा रही मरीजों को इलाज मुहैया कराने के लिए जैसे-तैसे स्टाफ जुटाया गया है पर तीन सौ बेड अस्पताल में मच्छरदानी लगे बेड व्यवस्था का मखौल उड़ा रहे हैं।

माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ. राहुल गोयल के मुताबिक डेंगू की जांच की दो तकनीकी हैं। पहला, एनएस-1 कार्ड टेस्ट और दूसरा एलाइजा। कार्ड टेस्ट में फाल्स पॉजिटिव की आशंका रहती है। एलाइजा सटीक पुष्टि करता है। गाइडलाइन के अनुसार आईजीएम एंटीबॉडी पॉजिटिव होने पर ही डेंगू माना जाता है, जो सिर्फ एलाइजा जांच से पता चलता है। इसलिए एनएस-1 कार्ड पॉजिटिव मिलने पर एलाइजा जांच जरूरी है।


एलाइजा जांच रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने पर ही डेंगू की पुष्टि होती है। निजी अस्पताल अगर किसी को डेंगू पॉजिटिव बताएं तो वह एनएस-1 है या एलाइजा, यह जरूर पता करें। बगैर एलाइजा जांच की पुष्टि के कोई अस्पताल डेंगू का इलाज कर रहा है तत्काल उनकी सूचना दें ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। - डॉ. विश्राम सिंह, सीएमओ
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