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डीडीओ ने बदले 23 ग्राम विकास अधिकारियों के ब्लाक
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Wed, 29 Jun 2016 01:35 AM IST
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जिला विकास अधिकारी ने दो दर्जन ग्राम्य स्तरीय कर्मचारियों के तबादले किए हैं। इनमें से कई कर्मचारी सपा नेताओं और विधायकों की सिफारिश पर इधर से उधर किए गए। इनमें 11 ग्राम पंचायत अधिकारियों को जिला विकास अधिकारी और प्रभारी डीपीआरओ रामरक्षपाल सिंह ने एक ब्लाक से हटाकर दूसरे ब्लाकों में भेजा है। हालांकि इन तबादलों को वार्षिक स्थानांतरण नीति के तहत बताया जा रहा है
भोजीपुरा ब्लाक से दो वीडीओ को नवाबगंज और बहेड़ी भेजा गया है। नवाबगंज से महेश कुमार को भी प्रशासनिक आधार पर हटाया है। फतेहगंज पश्चिमी ब्लाक से तीन ग्राम विकास अधिकारियों को हटाया गया है। क्यारा ब्लाक में ग्राम विकास अधिकारियों की संख्या दूसरे ब्लाकों से अपेक्षाकृत ज्यादा बताकर दो को हटाया है लेकिन इस ब्लाक में दो लोगों को भेज भी दिया गया है। बहुत सारे तबादले कर्मचारियों के अनुरोध पर भी मनमाने ब्लाकों में किए गए हैं। हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि तबादले में स्थानांतरण नीति का पालन नहीं किया गया। छह साल से ज्यादा समय तक एक ब्लाक में डटे कर्मचारियों को हटाने का नियम है लेकिन कई को छोड़ दिया गया।
विधायकों ने जिनकी शिकायत की थी, जांच में भी वह सही निकली इसलिए इन्हें हटाया गया है। प्रशासनिक आधार पर कई का तबादला काम न करने पर किया गया है। तबादले जरूरत के हिसाब से हुए हैं।
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-रामरक्षपाल यादव, डीडीओ एवं प्रभारी डीपीआरओ
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भोजीपुरा ब्लाक से दो वीडीओ को नवाबगंज और बहेड़ी भेजा गया है। नवाबगंज से महेश कुमार को भी प्रशासनिक आधार पर हटाया है। फतेहगंज पश्चिमी ब्लाक से तीन ग्राम विकास अधिकारियों को हटाया गया है। क्यारा ब्लाक में ग्राम विकास अधिकारियों की संख्या दूसरे ब्लाकों से अपेक्षाकृत ज्यादा बताकर दो को हटाया है लेकिन इस ब्लाक में दो लोगों को भेज भी दिया गया है। बहुत सारे तबादले कर्मचारियों के अनुरोध पर भी मनमाने ब्लाकों में किए गए हैं। हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि तबादले में स्थानांतरण नीति का पालन नहीं किया गया। छह साल से ज्यादा समय तक एक ब्लाक में डटे कर्मचारियों को हटाने का नियम है लेकिन कई को छोड़ दिया गया।
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विधायकों ने जिनकी शिकायत की थी, जांच में भी वह सही निकली इसलिए इन्हें हटाया गया है। प्रशासनिक आधार पर कई का तबादला काम न करने पर किया गया है। तबादले जरूरत के हिसाब से हुए हैं।
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-रामरक्षपाल यादव, डीडीओ एवं प्रभारी डीपीआरओ