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Bareilly News: हुनर का हाथ थाम स्वावलंबन की राह पर बेटियां
Mon, 03 Aug 2026 01:19 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 03 Aug 2026 01:19 AM IST
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बरेली। बेटियां अब हुनर का हाथ थामकर स्वावलंबन की राह पर कदम बढ़ा रही हैं। कौशल विकास मिशन के तहत जिले में संचालित 45 प्रशिक्षण केंद्रों पर उनकी भागीदारी बढ़ रही है। ग्रीन जॉब, रिटेल, फर्नीचर फिटिंग और फूड प्रोसेसिंग समेत तीन से छह माह के छह काेर्स संचालित है। सभी निशुल्क हैं। इसमें हेल्थ केयर और ब्यूटी कोर्स युवतियों की पहली पसंद बनकर उभरे हैं। प्रशिक्षण के बाद युवतियां अपना बुटीक, पार्लर और सैलून खोलकर आत्मनिर्भर बन रही हैं।
इन केंद्रों वर्तमान में 1300 युवाओं का प्रशिक्षण चल रहा है। इसमें करीब 800 छात्राएं हैं। कौशल विकास मिशन के जिला समन्वयक शिवकुमार के अनुसार, हेल्थ केयर ट्रेड में जनरल ड्यूटी असिस्टेंट कोर्स के प्रशिक्षुओं का सबसे अधिक प्लेसमेंट होता है। बरेली के मेडिकल हब होने के कारण यहां रोजगार के बेहतर अवसर मिल जाते हैं। इसीलिए इस कोर्स में छात्राओं का रुझान अधिक है। ब्यूटी एंड वेलनेस का प्रशिक्षण लेकर कई युवतियां अपना ब्यूटी पार्लर और अन्य छोटे स्टार्टअप शुरु कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।
प्रशिक्षण से मिली आत्मनिर्भरता की राह
बचपन से आत्मनिर्भर बनना चाहती थी, लेकिन स्कूली शिक्षा के बाद शादी हो गई। वर्ष 2025 में ब्यूटी एंड वेलनेस का प्रशिक्षण लेकर अपना पार्लर खोल लिया है। जरूरतमंद युवतियों व महिलाओं को निशुल्क प्रशिक्षण दे रही हूं। - स्वाति वैश्य, सुभाषनगर
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जनरल ड्यूटी असिस्टेंट कोर्स के बाद बरेली के एक अस्पताल में जॉब मिली। पापा के निधन के बाद इस जॉब से परिवार को और मुझे सहारा मिला। मुझे गर्व है कि वर्तमान में मैं नोएडा के मेदांता अस्पताल में कार्यरत हूं। - रीना, पीलीभीत बाइपास
मैंने 2023 में फैशन डिजाइनिंग का प्रशिक्षण लिया था। इसके बाद मेरी शादी हो गई, लेकिन जुनून कम नहीं हुआ। आज मैं नोएडा की एक बड़ी कंपनी में फैशन डिजाइनर हूं। इस कोर्स ने मेरे जीवन को सही दिशा दी। - नीलम कुमारी, नवाबगंज
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इन केंद्रों वर्तमान में 1300 युवाओं का प्रशिक्षण चल रहा है। इसमें करीब 800 छात्राएं हैं। कौशल विकास मिशन के जिला समन्वयक शिवकुमार के अनुसार, हेल्थ केयर ट्रेड में जनरल ड्यूटी असिस्टेंट कोर्स के प्रशिक्षुओं का सबसे अधिक प्लेसमेंट होता है। बरेली के मेडिकल हब होने के कारण यहां रोजगार के बेहतर अवसर मिल जाते हैं। इसीलिए इस कोर्स में छात्राओं का रुझान अधिक है। ब्यूटी एंड वेलनेस का प्रशिक्षण लेकर कई युवतियां अपना ब्यूटी पार्लर और अन्य छोटे स्टार्टअप शुरु कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।
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प्रशिक्षण से मिली आत्मनिर्भरता की राह
बचपन से आत्मनिर्भर बनना चाहती थी, लेकिन स्कूली शिक्षा के बाद शादी हो गई। वर्ष 2025 में ब्यूटी एंड वेलनेस का प्रशिक्षण लेकर अपना पार्लर खोल लिया है। जरूरतमंद युवतियों व महिलाओं को निशुल्क प्रशिक्षण दे रही हूं। - स्वाति वैश्य, सुभाषनगर
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जनरल ड्यूटी असिस्टेंट कोर्स के बाद बरेली के एक अस्पताल में जॉब मिली। पापा के निधन के बाद इस जॉब से परिवार को और मुझे सहारा मिला। मुझे गर्व है कि वर्तमान में मैं नोएडा के मेदांता अस्पताल में कार्यरत हूं। - रीना, पीलीभीत बाइपास
मैंने 2023 में फैशन डिजाइनिंग का प्रशिक्षण लिया था। इसके बाद मेरी शादी हो गई, लेकिन जुनून कम नहीं हुआ। आज मैं नोएडा की एक बड़ी कंपनी में फैशन डिजाइनर हूं। इस कोर्स ने मेरे जीवन को सही दिशा दी। - नीलम कुमारी, नवाबगंज