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सुहाग के दीर्घायु के लिए कल सुहागिनें करेंगी अखंड व्रत
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बरेली। अखंड सुहाग के लिए शनिवार (3 अगस्त) को सुहागिनें अखंड व्रत धारण करेंगी। इसके लिए घरों में तैयारियों का दौर शुरू हो चुका है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक शुभ मुहूर्त में विधि विधान से सामूहिक तौर पर किया गया पूजन सुहागिनों की मनोकामनाएं पूरी करने वाला होता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती कैलाश पर्वत छोड़कर पृथ्वी पर निवास करते हैं।
ज्योतिषाचार्य पं. विकास उपाध्याय ने बताया कि हरियाली तीज का पर्व सावन के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। बताया कि सावन मास भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित महीना है। हरियाली तीज पूजा का शुभ मुहूर्त दोपहर 3.31 बजे से रात 10.21 बजे तक बन रहा है। इस दौरान मां पार्वती और भगवान शिव की पूजा की जाती है। भजन-कीर्तन किया जाता है। विधि विधान से किए गए पूजन से अखंड सौभाग्य और संतानप्राप्ति समेत परिवार में सुख समृद्धि का वास होता है। बताया कि हरियाली तीज पर सुहागिनों के मायके से उनके लिए सिंजारा आता है। इसमें मिठाई और श्रृंगार का सामान होता है। जिसमें मेहंदीख चूड़ियाख बिंदी इत्यादि होता है। ससुराल में सास, बहुओं को नई साड़ी, कपड़े और श्रृंगार का सामान प्रदान करती हैं।
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ज्योतिषाचार्य पं. विकास उपाध्याय ने बताया कि हरियाली तीज का पर्व सावन के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। बताया कि सावन मास भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित महीना है। हरियाली तीज पूजा का शुभ मुहूर्त दोपहर 3.31 बजे से रात 10.21 बजे तक बन रहा है। इस दौरान मां पार्वती और भगवान शिव की पूजा की जाती है। भजन-कीर्तन किया जाता है। विधि विधान से किए गए पूजन से अखंड सौभाग्य और संतानप्राप्ति समेत परिवार में सुख समृद्धि का वास होता है। बताया कि हरियाली तीज पर सुहागिनों के मायके से उनके लिए सिंजारा आता है। इसमें मिठाई और श्रृंगार का सामान होता है। जिसमें मेहंदीख चूड़ियाख बिंदी इत्यादि होता है। ससुराल में सास, बहुओं को नई साड़ी, कपड़े और श्रृंगार का सामान प्रदान करती हैं।
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