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Bareilly News: उठान पर सालाना करोड़ों खर्च दूर नहीं हुआ कचरे का ''''मर्ज''''
Mon, 27 May 2024 05:06 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 27 May 2024 05:06 AM IST
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बरेली। शहर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए घरों से कूड़ा उठाने की व्यवस्था पर सालाना करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं। इसके बाद भी कई मोहल्लों, गलियों और कॉलोनियों से समय पर कूड़ा नहीं उठ रहा। ऐसे में कई क्षेत्रों में जगह-जगह डलावघर बन गए हैं।
ये हालत शहर के लगभग सभी 80 वार्डों में है। पुराने शहर के साथ ही सुभाषनगर, किला और प्रेमनगर क्षेत्र में कई जगह ये परेशानी है। यहां गलियों, कॉलोनियों और मोहल्ले की सड़कों पर ही कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। कई इलाकों में खाली पड़े प्लाट डलावघर बन गए हैं। सैलानी के गुलाम साबिर के मुताबिक कूड़ा उठाने वाला चार-पांच दिन में एक बार आता है। ऐसे में सड़कों पर काफी मात्र में कूड़ा जमा हो जाता है। इससे आवागमन में परेशानी होती है।
पार्षदों ने बयां की परेशानी
कूड़ा उठान हमारे यहां भी पूरी तरह से नहीं हो पाता है। अधिकारियों से शिकायत भी कर चुके हैं। कूड़ा उठाने वाले चार-पांच दिन में एक बार आते हैं। इससे काफी परेशानी होती है। यूजर चार्ज लेने आ जाते हैं। फिर जनता शिकायत करती है। - अलीम खां सुल्तानी, पार्षद, वार्ड नंबर 30
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शिकायतें काफी हैं, लेकिन निरीक्षक हर बार कोई न कोई बहाना बना देते है। खास तौर पर पतली गलियों में सबसे ज्यादा परेशानी होती है। यहां से लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। कूड़े का उठान न होना काफी बड़ी परेशानी है। - मोहम्मद लईक खां, पार्षद, वार्ड नंबर 78
पिछले सप्ताह भी शिकायत की है। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन नाम के लिए हो रहा है। सड़क पर कूड़ा पड़ा रहता है। हालांकि, लोगों को भी जागरूक करने की जरूरत है। सड़कों पर कूड़ा पड़े होने से राहगीरों को भी परेशानी होती है। - हरिशंकर प्रसाद, पार्षद, वार्ड 57
इन इलाकों में सबसे अधिक परेशानी
सबसे अधिक परेशानी किला के स्वालेनगर, जखीरा, सुभाषनगर के मढ़ीनाथ, वाजपेई की ढाल के पास, करगैना, करेली, चौरासी घंटा मंदिर, पुराने शहर के सूफी टोला, सैलानी, घेर जाफर खां, मुन्ना खां की नीम, जोगी नवादा, जगतपुर, मीरा की पैठ, कांकरटोला, रबड़ी टोला, कुरैश नगर, सतीपुर, बालजती, ईंट पजाया चौराहा, सकलैन नगर, हजियापुर, प्रेमनगर के भूड़, शाहबाद समेत कालीबाड़ी के इलाकों में है।
दो-तीन दिन में एक बार आती हैं गाड़ियांकूड़ा उठाने वाली गाड़ियां दो से तीन दिन में एक बार आती हैं। ऐसे में आसपास के लोग खाली पड़े प्लाट में कूड़ा फेंकते हैं। इससे काफी परेशानी होती है। - अजय कश्यप, सुभाषनगर
सड़कों पर कूड़े का ढेर लगा रहता है, परेशानी बहुत होती है। कलेक्शन के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। शिकायतें करने पर भी कोई असर नहीं होता। - संजीव कुमार, बिहारीपुर
वर्जन
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के मामलों की शिकायतों को दिखवाया जाएगा। ऐसा हो रहा है तो गलत है। शहर की हर सड़क और गली को स्वच्छ रखना पहली प्राथमिकता है। जांच के बाद संबंधित एजेंसी से भी मामले की रिपोर्ट ली जाएगी। - निधि गुप्ता वत्स, नगर आयुक्त
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ये हालत शहर के लगभग सभी 80 वार्डों में है। पुराने शहर के साथ ही सुभाषनगर, किला और प्रेमनगर क्षेत्र में कई जगह ये परेशानी है। यहां गलियों, कॉलोनियों और मोहल्ले की सड़कों पर ही कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। कई इलाकों में खाली पड़े प्लाट डलावघर बन गए हैं। सैलानी के गुलाम साबिर के मुताबिक कूड़ा उठाने वाला चार-पांच दिन में एक बार आता है। ऐसे में सड़कों पर काफी मात्र में कूड़ा जमा हो जाता है। इससे आवागमन में परेशानी होती है।
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पार्षदों ने बयां की परेशानी
कूड़ा उठान हमारे यहां भी पूरी तरह से नहीं हो पाता है। अधिकारियों से शिकायत भी कर चुके हैं। कूड़ा उठाने वाले चार-पांच दिन में एक बार आते हैं। इससे काफी परेशानी होती है। यूजर चार्ज लेने आ जाते हैं। फिर जनता शिकायत करती है। - अलीम खां सुल्तानी, पार्षद, वार्ड नंबर 30
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शिकायतें काफी हैं, लेकिन निरीक्षक हर बार कोई न कोई बहाना बना देते है। खास तौर पर पतली गलियों में सबसे ज्यादा परेशानी होती है। यहां से लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। कूड़े का उठान न होना काफी बड़ी परेशानी है। - मोहम्मद लईक खां, पार्षद, वार्ड नंबर 78
पिछले सप्ताह भी शिकायत की है। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन नाम के लिए हो रहा है। सड़क पर कूड़ा पड़ा रहता है। हालांकि, लोगों को भी जागरूक करने की जरूरत है। सड़कों पर कूड़ा पड़े होने से राहगीरों को भी परेशानी होती है। - हरिशंकर प्रसाद, पार्षद, वार्ड 57
इन इलाकों में सबसे अधिक परेशानी
सबसे अधिक परेशानी किला के स्वालेनगर, जखीरा, सुभाषनगर के मढ़ीनाथ, वाजपेई की ढाल के पास, करगैना, करेली, चौरासी घंटा मंदिर, पुराने शहर के सूफी टोला, सैलानी, घेर जाफर खां, मुन्ना खां की नीम, जोगी नवादा, जगतपुर, मीरा की पैठ, कांकरटोला, रबड़ी टोला, कुरैश नगर, सतीपुर, बालजती, ईंट पजाया चौराहा, सकलैन नगर, हजियापुर, प्रेमनगर के भूड़, शाहबाद समेत कालीबाड़ी के इलाकों में है।
दो-तीन दिन में एक बार आती हैं गाड़ियांकूड़ा उठाने वाली गाड़ियां दो से तीन दिन में एक बार आती हैं। ऐसे में आसपास के लोग खाली पड़े प्लाट में कूड़ा फेंकते हैं। इससे काफी परेशानी होती है। - अजय कश्यप, सुभाषनगर
सड़कों पर कूड़े का ढेर लगा रहता है, परेशानी बहुत होती है। कलेक्शन के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। शिकायतें करने पर भी कोई असर नहीं होता। - संजीव कुमार, बिहारीपुर
वर्जन
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के मामलों की शिकायतों को दिखवाया जाएगा। ऐसा हो रहा है तो गलत है। शहर की हर सड़क और गली को स्वच्छ रखना पहली प्राथमिकता है। जांच के बाद संबंधित एजेंसी से भी मामले की रिपोर्ट ली जाएगी। - निधि गुप्ता वत्स, नगर आयुक्त