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Bareilly News: करोड़ों खर्च... दूर न हुआ गड्ढों और जलभराव का मर्ज

Wed, 18 Sep 2024 07:32 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 18 Sep 2024 07:32 AM IST
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Crores of expenditure... problem of potholes and waterlogging not resolved
अटल सेतु के नीचे की सर्विस रोड खस्ताहाल, मरम्मत के नाम पर हो रही सिर्फ खानापूर्ति
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बरेली। गली-मोहल्लों को छोड़िए, स्मार्ट सिटी की प्रमुख सड़कों का भी हाल खराब है। सीवर लाइन की खोदाई और पाइप लाइन की लीकेज से भी कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं और गड्ढे बन गए। मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति की गई। जरा सी बारिश में मंगलवार को मुख्य मार्गों पर जलभराव हो गया। सिटी सब्जी मंडी से सिटी स्टेशन तक छह माह पहले किया गया पैचवर्क भी उखड़ गया। श्यामगंज पुल के नीचे की सर्विस रोड का एक हिस्सा खराब हो गया। अटल सेतु के नीचे भी सर्विस रोड उखड़ी पड़ी है। मलूकपुर चौकी के पास जलभराव है।
नए नगर आयुक्त के सामने जनता को इन दुश्वारियों से मुक्ति दिलाने की चुनौती है। ठेकेदारों का भुगतान नहीं होने से भी सड़कों के काम में अड़चन पैदा हो रही है। पार्षदों ने बताया कि लोकसभा चुनाव से पहले सड़क, नाली और पुलिया के 200 काम स्वीकृत हुए थे। 140 के टेंडर निकल पाए। जो काम शुरू हुए, वे भी पूरे नहीं हुए। कई कार्यों के लिए ठेकेदारों ने रुचि नहीं दिखाई। अब 17 कार्यों के लिए दोबारा से टेंडर निकाले गए हैं। अमर उजाला ब्यूरो
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सर्विस रोड अगर नगर निगम की है तो उसे हम ठीक कराएंगे। आवास विकास की सड़कों को मैं देखूंगा। स्टेडियम रोड पर बार-बार गड्ढे क्यों हो रहे हैं, यह भी चेक कराएंगे। सड़कों को गड्ढामुक्त करना ही नगर निगम की प्राथमिकता है। - मनीष अवस्थी, मुख्य अभियंता, नगर निगम
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स्मार्ट सिटी की सड़कों पर जलनिकासी का इंतजाम नहीं
स्मार्ट सिटी की सड़कों पर 180 करोड़ रुपये खर्च हुए। इनमें एक सड़क गांधी उद्यान से विकास भवन होते हुए श्यामगंज तक तो दूसरी श्यामगंज से सेटलाइट तक बनाई गई है। इस सड़क पर श्यामगंज पुल के नीचे मंगलवार को दोपहर बाद जलभराव हो गया। लोग गिरते-गिरते बचे। वाहनों की रफ्तार भी प्रभावित रही। गांधी उद्यान के सामने सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदाई की गई। इसके बाद गड्ढे भरे गए, पर बाद में उखड़ गए। स्मार्ट सिटी परियोजना के एक अभियंता ने बताया कि श्यामगंज-सेटेलाइट मार्ग पर फल वालों ने नाला चोक कर दिया है। इसलिए जलभराव हुआ। गांधी उद्यान से श्यामगंज मार्ग पर जलभराव की वजह तलाशी जाएगी।

श्यामगंज-डेलापीर मार्ग पर बार-बार हो रहे गड्ढे
श्यामगंज-डेलापीर मार्ग पर बार-बार गड्ढे हो जा रहे हैं, क्योंकि उनको भरने के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। श्यामगंज पुल पर भी खतरनाक गड्ढे हैं। ईंट पजाया चौराहे पर भी कई गड्ढे हो गए हैं। जलभराव होने से मंगलवार दोपहर इनके अगल-बगल से पैदल निकलना भी मुश्किल रहा। स्टेडियम की ओर आगे बढ़ने पर भी कई जगह जलभराव हुआ।

सुभाषनगर पुलिया : जरा सी बारिश में निकलना दुश्वार
सुभाषनगर पुलिया से होकर निकलना दुश्वार है। एक लाख से अधिक लोग प्रभावित हो रहे है। जरा सी बारिश में यहां जलभराव हो जाता है। पार्षद शालिनी वर्मा ने कहा कि अगर सांसद, विधायक और महापौर के साथ नए नगर आयुक्त भी मिलकर पहल करें तो कोई न कोई समाधान अवश्य निकलेगा।

स्टेडियम रोड : गड्ढे भरें तो लोगों को भी राहत मिले
स्टेडियम रोड पर महर्षि कश्यप की मूर्ति से डेलापीर पेट्रोल पंप तक पांच गड्ढे हैं। मंगलवार दोपहर दस मिनट की बारिश में ही इस रोड पर जलभराव हो गया। सड़क ऊंची-नीची होने की वजह से इसकी गुणवत्ता और निर्माण कराने वाले इंजीनियरों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। इसी मार्ग से गुजर रहे समीर चहल ने बताया कि गड्ढों को भरने के नाम पर खानापूर्ति हो रही है। गड्ढा होने की प्रमुख वजह पाइप लाइन की लीकेज है। इसी वजह से बार-बार गड्ढे हो जाते हैं।


आवास विकास कॉलोनी की सड़कें भी खस्ताहाल
राजेंद्रनगर स्थित आवास विकास कॉलोनी की अधिकतर सड़कें खस्ताहाल हैं। वार्ड पार्षद शशि सक्सेना ने बताया कि वह नगर निगम की बैठक में मुद्दे को उठा चुकी हैं। नाप-जोख हुई पर सड़केें नहीं बनीं। नतीजा, करीब दस हजार लोग परेशान हो रहे हैं। कई सड़कें ऐसी हैं, जिनकी दस साल से मरम्मत तक नहीं हुई। बारिश में जलभराव होने पर लोग परेशान होते है।

गिरकर चोटिल हो रहे लोग
दो साल से स्टेडियम रोड के गड्ढों में गिरकर लोग जख्मी हो रहे हैं। स्कूटी सवार महिलाएं अक्सर यहां गिर जाती हैं। अगर सड़क ठीक करा दी जाए तो ऐसा नहीं होगा। - समीर चहल, स्टेडियम रोड

आवास विकास कॉलोनी की सड़कें खस्ताहाल हैं। मुख्य मार्गों पर गड्ढे हैं। मैं एक बार गिर गई तो 15 दिन तक नहीं चल सकी थी। - श्याम कुमारी चौहान, आवास विकास कॉलोनी, राजेेंद्रनगर

गांधी उद्यान से बियावानी कोठी होते हुए मालियों वाली पुलिया तक सड़क पर चार गड्ढे हैं। इनमें बजरी व गिट्टी डाली गई है। वाहन गुजरने पर गिट्टी उछल कर मुझे पैर में लग गई। अब इलाज करा रहा हूं। - मान सिंह, खुर्रम गौटिया
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