{"_id":"5793c73f4f1c1bed43c4b508","slug":"woodrow-has-come-forward-to-train-student-death","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रेन के आगे आ गया वुडरो का छात्र, मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ट्रेन के आगे आ गया वुडरो का छात्र, मौत
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Sun, 24 Jul 2016 01:06 AM IST
विज्ञापन
छात्र गौरव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वुडरो स्कूल के 11वीं का एक छात्र ट्रेन के आगे आ गया जिससे उसकी मौत हो गई। छात्र के हाथ पर किसी नुकीली चीज से किसी का नाम लिखने की कोशिश हुई है। छात्र का मोबाइल और स्कूल बैग से किताबें गायब हैं। इससे परिवार वाले किसी के द्वारा छात्र को ट्रेन के आगे धक्का देने की आशंका जता रहे हैं।
कैंट थाना क्षेत्र में बदायूं रोड स्थित डिफेंस एंक्लेव निवासी ईश्वर सिंह सेना की 6 माउंटेन डिवीजन ऑर्डिनेंस (डीओयू) में हैं। उनका इकलौता बेटा गौरव सिंह उर्फ मक्कू कैंट स्थित वुडरो स्कूल में 11वीं क्लास में पढ़ता था। शनिवार अपराह्न करीब दो बजे लाल फाटक क्रासिंग से करीब सौ मीटर दूर रेलवे ट्रैक पर लोगों ने लाश देखी। वहीं रेलवे लाइन किनारे गौरव की साइकिल खड़ी थी, जिस पर खाली स्कूल बैग टंगा था। इसका पता लगने पर आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर पहुंची कैंट पुलिस ने तलाशी ली तो छात्रा के पास पहचान का कोई कागज नहीं मिला। उसके एक हाथ पर अंग्रेजी के चार-पांच शब्द नुकीली चीज से लिखे गए थे। इसके बाद पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। क्षेत्र में चर्चा फैली तो परिवार वालों ने पोस्टमार्टम हाउस जाकर शव की शिनाख्त की। उधर, पिता ईश्वर सिंह का कहना है कि सुबह गौरव घर से स्कूल की किताबें लेकर गया था। मगर मौके पर खाली बैग मिला। उसका मोबाइल और स्कूल का परिचय पत्र गायब है। इससे परिवार वाले उसकी हत्या किए जाने की आशंका जता रहे हैं। उनका कहना है कि इस मामले में छानबीन के लिए पुलिस को तहरीर भी दी जाएगी।
सुबह को नहीं किया नाश्ता
ईश्वर सिंह के मुताबिक पिछले कई दिनों से गौरव अपनी मां से बातचीत नहीं कर रहा था। रोज वह छह बजे कोचिंग और उसके बाद वहीं से स्कूल चला जाता था। शनिवार सुबह वह देर तक सोता रहा। पिता के उठाने पर पौने सात बजे तैयार हुआ और चुपचाप साइकिल उठाकर घर से निकल गया। सुबह वह नाश्ता करके भी नहीं गया था।
विज्ञापन
सदमे में है मां
गौरव अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी मौत होने का पता लगने पर मां निर्मला देवी गहरे सदमे में हैं। वह न रो रही हैं, और न ही कुछ बोल रहीं। उन्हें परिवार वालों ने रुलाने की काफी कोशिश की। बेटी की लाश भी दिखाई। मगर निर्मला की आंखों आंसू नहीं निकले। उनकी हालत को लेकर परिवार वाले खासे चिंतित हैं।
किसी लड़की का नाम लिखने की कोशिश
गौरव की मौत से पहले उसके एक हाथ पर अंग्रेजी में एक लड़की का नाम लिखने की कोशिश की गई है। यह कोशिश उसने खुद की या किसी और ने यह नहीं कहा जा सकता। वह लड़की कौन है, और उसका गौरव से रिश्ता क्या है? इसको लेकर परिवार वाले असमंजस में हैं। उसने घर में कभी किसी लड़की के बारे में जिक्र भी नहीं किया था।
न स्कूल गया न कोचिंग
गौरव सुबह को स्कूल जाने से पहले और छुट्टी के बाद कोचिंग पढ़ता था। शनिवार की सुबह वह एक घंटे देरी से घर से निकला। स्कूल वालों से पता चला कि आज वह पढ़ने भी नहीं गया था। सुबह घर से निकलने के बाद और हादसे से पहले गौरव कहां रहा किसी को कुछ नहीं मालूम?
मिलनसार था गौरव
कॉलोनी वासियों के मुताबिक गौरव हंसमुख काफी मिलनसार था। कॉलोनी में निकलने पर हर किसी से राम-राम या नमस्ते करता था। पढ़ाई लिखाई में भी ठीक था। उसे खेलने का काफी शौक था।
विज्ञापन
कैंट थाना क्षेत्र में बदायूं रोड स्थित डिफेंस एंक्लेव निवासी ईश्वर सिंह सेना की 6 माउंटेन डिवीजन ऑर्डिनेंस (डीओयू) में हैं। उनका इकलौता बेटा गौरव सिंह उर्फ मक्कू कैंट स्थित वुडरो स्कूल में 11वीं क्लास में पढ़ता था। शनिवार अपराह्न करीब दो बजे लाल फाटक क्रासिंग से करीब सौ मीटर दूर रेलवे ट्रैक पर लोगों ने लाश देखी। वहीं रेलवे लाइन किनारे गौरव की साइकिल खड़ी थी, जिस पर खाली स्कूल बैग टंगा था। इसका पता लगने पर आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर पहुंची कैंट पुलिस ने तलाशी ली तो छात्रा के पास पहचान का कोई कागज नहीं मिला। उसके एक हाथ पर अंग्रेजी के चार-पांच शब्द नुकीली चीज से लिखे गए थे। इसके बाद पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। क्षेत्र में चर्चा फैली तो परिवार वालों ने पोस्टमार्टम हाउस जाकर शव की शिनाख्त की। उधर, पिता ईश्वर सिंह का कहना है कि सुबह गौरव घर से स्कूल की किताबें लेकर गया था। मगर मौके पर खाली बैग मिला। उसका मोबाइल और स्कूल का परिचय पत्र गायब है। इससे परिवार वाले उसकी हत्या किए जाने की आशंका जता रहे हैं। उनका कहना है कि इस मामले में छानबीन के लिए पुलिस को तहरीर भी दी जाएगी।
विज्ञापन
सुबह को नहीं किया नाश्ता
ईश्वर सिंह के मुताबिक पिछले कई दिनों से गौरव अपनी मां से बातचीत नहीं कर रहा था। रोज वह छह बजे कोचिंग और उसके बाद वहीं से स्कूल चला जाता था। शनिवार सुबह वह देर तक सोता रहा। पिता के उठाने पर पौने सात बजे तैयार हुआ और चुपचाप साइकिल उठाकर घर से निकल गया। सुबह वह नाश्ता करके भी नहीं गया था।
विज्ञापन
सदमे में है मां
गौरव अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी मौत होने का पता लगने पर मां निर्मला देवी गहरे सदमे में हैं। वह न रो रही हैं, और न ही कुछ बोल रहीं। उन्हें परिवार वालों ने रुलाने की काफी कोशिश की। बेटी की लाश भी दिखाई। मगर निर्मला की आंखों आंसू नहीं निकले। उनकी हालत को लेकर परिवार वाले खासे चिंतित हैं।
किसी लड़की का नाम लिखने की कोशिश
गौरव की मौत से पहले उसके एक हाथ पर अंग्रेजी में एक लड़की का नाम लिखने की कोशिश की गई है। यह कोशिश उसने खुद की या किसी और ने यह नहीं कहा जा सकता। वह लड़की कौन है, और उसका गौरव से रिश्ता क्या है? इसको लेकर परिवार वाले असमंजस में हैं। उसने घर में कभी किसी लड़की के बारे में जिक्र भी नहीं किया था।
न स्कूल गया न कोचिंग
गौरव सुबह को स्कूल जाने से पहले और छुट्टी के बाद कोचिंग पढ़ता था। शनिवार की सुबह वह एक घंटे देरी से घर से निकला। स्कूल वालों से पता चला कि आज वह पढ़ने भी नहीं गया था। सुबह घर से निकलने के बाद और हादसे से पहले गौरव कहां रहा किसी को कुछ नहीं मालूम?
मिलनसार था गौरव
कॉलोनी वासियों के मुताबिक गौरव हंसमुख काफी मिलनसार था। कॉलोनी में निकलने पर हर किसी से राम-राम या नमस्ते करता था। पढ़ाई लिखाई में भी ठीक था। उसे खेलने का काफी शौक था।