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करते थे अवैध वसूली, आईजी ने 18 को किया जिले से आउट 

बरेली।   Updated Fri, 14 Apr 2017 01:30 AM IST
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पुलिस
पु‌ल‌िस - फोटो : अमर उजाला
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जोन के थानों पर तैनात 18 पुलिसकर्मियों की अवैध वसूली में संलिप्तता मिलने पर आईजी विजय प्रकाश ने जिले से बाहर ट्रांसफर कर दिया। उन्होंने दस और पुलिसकर्मियों की सूची तैयार करवाकर डीजीपी कार्यालय में भेजी है। दागी छवि के इन पुलिसकर्मियों को भी जल्द तैनाती के जिले से हटाया जाएगा।  
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प्रदेश सरकार ने अवैध वसूली, तस्करी और खनन माफिया से साठगांठ करने वाले पुलिसकर्मियों को चिह्नित करके जिला से बाहर करने के लिए कहा था। आईजी विजय प्रकाश ने पुलिस महकमा का नाम खराब करने वाले पुलिसकर्मियों को चिह्नित करने के लिए जिलों के एसएसपी को निर्देश दिए थे। बरेली में एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने सीओ एलआईयू भंवर सिंह को गोपनीय जांच सौंपी थी। सीओ एलआईयू की जांच में बरेली के सात पुलिसकर्मियों के नाम सामने आए हैं। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद एसएसपी ने दो दिन पहले तीन पुलिसकर्मियों को चार्ज से हटाकर लाइन हाजिर किया था।   


बरेली से इनकी हुई रवानगी 
नवाबगंज थाने पर तैनात हेड कांस्टेबल अनीस अहमद को अमरोहा ट्रांसफर किया गया है। कांस्टेबल इस्लाक अहमद को अमरोहा और कांस्टेबल सतीश कुमार पाल को संभल भेजा गया है। फरीदपुर थाने पर तैनात ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह को हाईवे पर अवैध वसूली में दोषी माना गया है। उसको संभल ट्रांसफर भेजा गया है। भीम सिंह को बदायूं ट्रांसफर किया गया है। हाफिजगंज थाने पर तैनात राशिद को शाहजहांपुर और नवाबगंज थाने पर तैनात कांस्टेबल विकास कुमार को रामपुर भेजा गया है।  

मुरादाबाद से तीन और बिजनौर से आठ पुलिसकर्मी चिह्नित 
एसएसपी मुरादाबाद की रिपोर्ट के बाद जनपद में तैनात कास्टेबल पंकज कुमार को पीलीभीत,कांस्टेबल अनुज कुमार को बदायूं और अमित कुमार को शाहजहांपुर ट्रासंफर किया गया है। वहीं बिजनौर जनपद से कांस्टेबल हरेंद्र पाल सिंह को बदायूं, अमर पूनिया को शाहजहांपुर, समर पूनिया को पीलीभीत, कालू राम को बदायूं, वीर बहादुर सिंह को संभल, जमशेद अली को संभल, देवेंद्र सिंह को शाहजहांपुर और दारा सिंह को अमरोहा भेजा गया है।  

अवैध वसूली में संलिप्त पुलिसकर्मियों को चिह्नित किया जा रहा है। मैंने बरेली, बिजनौर और मुरादाबाद के 18 पुलिसकर्मियों को जिलों से हटाने के निर्देश जारी किए हैं। बदमाशों के साथ साठगांठ करने वाले पुलिसकर्मी सुधर जाएं। गोपनीय जांच में दोषी पाए जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। 
-विजय प्रकाश, आईजी 

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