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गैंगरेप में दो सगे भाइयों को 20-20 साल की कैद
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Sat, 06 Aug 2016 12:52 AM IST
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गांव की ही लड़की से गैंगरेप करने के आरोपी दो सगे भाइयों समेत तीन को अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट ब्रजेश मणि त्रिपाठी ने 20-20 साल की कैद की सजा सुनाई है। अलग-अलग धाराओं में 1.20 लाख रुपये का अर्थदंड भी डाला है जिसमें से 1.05 लाख रुपये लड़की को देने के आदेश दिए हैं। ढाई साल पुराने मुकदमे में फैसला आने के बाद लड़की के परिजनों ने राहत की सांस ली है।
थाना भोजीपुरा के एक गांव निवासी पीड़ित लड़की के भाई ने आठ मार्च 2014 को चौकी प्रभारी धौंरा टांडा को प्रार्थनापत्र देकर मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि उसकी छोटी बहन को गांव का ही कृष्णपाल अपने साथ बहला फुसलाकर भगा ले गया और बाद में एक कमरे में तीन लोगों ने उसके साथ गैंगरेप किया। विवेचना और पीड़िता के बयान के आधार पर कृष्णपाल और उसके भाई चंद्रपाल के साथ ही दोस्त महेंद्र सिंह के खिलाफ गैंगरेप की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। करीब ढाई साल तक चले मुकदमे की सुनवाई पूरी करते हुए कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया। आरोपी दोनों भाई पहले से ही जेल में बंद हैं।
दस गवाह पेश किए गए
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुरेश बाबू साहू ने बताया कि इस मुकदमे में अभियोजन पक्ष ने दस गवाह पेश कर आरोपों को संदेह से परे साबित कर दिया। सजा में 376 डी में तीनों को बीस-बीस साल की कैद और बीस-बीस हजार रुपये अर्थदंड, भगाकर ले जाने के मामले में भी पांच-पांच हजार और 10-10 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
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क्या हुआ था उस दिन
पीड़िता ने अपने बयान में कोर्ट को बताया था कि वह सिर दर्द की दवा लेने कस्बा धौराटांडा गई तो परसू नगला पुलिया पर दो मोटर साइकिलों से कृष्णपाल, चन्द्रपाल व महेन्द्रपाल मिले जो जबरन मोटर साइकिल पर बैठाकर ले गए। मोटर साइकिल पर बैठाते समय उसके मुंह पर रुमाल रख दिया जिससे वह बेहोश हो गई। होश आने पर उसने स्वयं को एक कमरे में बंद पाया। तीनों ने उसके साथ बलात्कार किया।
भाई ने कहा न्याय मिल गया
मुकदमा दर्ज कराने के बाद ढाई साल तक लड़की के भाई ने मुकदमा लड़ा और अब राहत की सांस ली है। उसका कहना है कि दरिंदों को सजा दिलाना मकसद था जिसमें सफल रहा।
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थाना भोजीपुरा के एक गांव निवासी पीड़ित लड़की के भाई ने आठ मार्च 2014 को चौकी प्रभारी धौंरा टांडा को प्रार्थनापत्र देकर मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि उसकी छोटी बहन को गांव का ही कृष्णपाल अपने साथ बहला फुसलाकर भगा ले गया और बाद में एक कमरे में तीन लोगों ने उसके साथ गैंगरेप किया। विवेचना और पीड़िता के बयान के आधार पर कृष्णपाल और उसके भाई चंद्रपाल के साथ ही दोस्त महेंद्र सिंह के खिलाफ गैंगरेप की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। करीब ढाई साल तक चले मुकदमे की सुनवाई पूरी करते हुए कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया। आरोपी दोनों भाई पहले से ही जेल में बंद हैं।
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दस गवाह पेश किए गए
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुरेश बाबू साहू ने बताया कि इस मुकदमे में अभियोजन पक्ष ने दस गवाह पेश कर आरोपों को संदेह से परे साबित कर दिया। सजा में 376 डी में तीनों को बीस-बीस साल की कैद और बीस-बीस हजार रुपये अर्थदंड, भगाकर ले जाने के मामले में भी पांच-पांच हजार और 10-10 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
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क्या हुआ था उस दिन
पीड़िता ने अपने बयान में कोर्ट को बताया था कि वह सिर दर्द की दवा लेने कस्बा धौराटांडा गई तो परसू नगला पुलिया पर दो मोटर साइकिलों से कृष्णपाल, चन्द्रपाल व महेन्द्रपाल मिले जो जबरन मोटर साइकिल पर बैठाकर ले गए। मोटर साइकिल पर बैठाते समय उसके मुंह पर रुमाल रख दिया जिससे वह बेहोश हो गई। होश आने पर उसने स्वयं को एक कमरे में बंद पाया। तीनों ने उसके साथ बलात्कार किया।
भाई ने कहा न्याय मिल गया
मुकदमा दर्ज कराने के बाद ढाई साल तक लड़की के भाई ने मुकदमा लड़ा और अब राहत की सांस ली है। उसका कहना है कि दरिंदों को सजा दिलाना मकसद था जिसमें सफल रहा।