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त्रिशूल एयरबेस को खतरा बने ईंट भट्टे
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Sun, 27 Mar 2016 01:36 AM IST
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त्रिशूल की सुरक्षा को लेकर प्रशासन स्तर पर की जा रहीं सारी कवायदें बेनतीजा नजर आ रही हैं। पिछले दिनों एयरफोर्स अफसरों और प्रशासन के साथ हुई बैठक में बहुत कुछ तय हुआ लेकिन कोई कारगर कदम नहीं उठाए जाने से त्रिशूल प्रशासन की दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। अभी भी न तो त्रिशूल की परिधि के पास से कचरे की समस्या का समाधान हो पाया है, न ही निर्माण को लेकर कोई रणनीति बन सकी है। ऊपर से ईंट भट्टों की चिमनियां धुआं उगल रही हैं। त्रिशूल के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी ने डीएम को पत्र लिखकर ईंट भट्टों से विमानों पर खतरे की बात कही थी। बैठक में इसके समाधान का रास्ता निकाला जाना था लेकिन शनिवार को डीएम को त्रिशूल के सामने करमपुर चौधरी में चलने वाले भट्टों से अवगत कराया गया। डीएम गौरव दयाल ने जांच कराने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि इस मामले में जल्द निर्णय लिया जाएगा।
त्रिशूल के सामने करमपुर चौधरी में कई ईंट भट्टों की चिमनियों से निकलने वाला धुआं फाइटर विमानों को खतरा बना हुआ है। रक्षा मंत्रालय के नियम के मुताबिक, एयरफोर्स की नौ सौ मीटर की परिधि में ईंट भट्टे नहीं होने चाहिए फिर भी चल रहे हैं। त्रिशूल के सीईओ ने पिछले दिनों डीएम से इन भट्टों को बंद कराने की मांग की थी। बताया था कि ईंट भट्टों से भी आसपास गंदगी फैल रही है। वहीं, एयरफोर्स स्टेशन के पास डाला जाने वाला कचरा भी बड़ी समस्या बना हुआ है। मरे हुए जानवरों को डाले जाने से पक्षी मंडराते हैं और एयरफोर्स की दीवारों पर आकर बैठते हैं। इनके वायुयानों से टकराने का खतरा बना हुआ है।
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त्रिशूल के सामने करमपुर चौधरी में कई ईंट भट्टों की चिमनियों से निकलने वाला धुआं फाइटर विमानों को खतरा बना हुआ है। रक्षा मंत्रालय के नियम के मुताबिक, एयरफोर्स की नौ सौ मीटर की परिधि में ईंट भट्टे नहीं होने चाहिए फिर भी चल रहे हैं। त्रिशूल के सीईओ ने पिछले दिनों डीएम से इन भट्टों को बंद कराने की मांग की थी। बताया था कि ईंट भट्टों से भी आसपास गंदगी फैल रही है। वहीं, एयरफोर्स स्टेशन के पास डाला जाने वाला कचरा भी बड़ी समस्या बना हुआ है। मरे हुए जानवरों को डाले जाने से पक्षी मंडराते हैं और एयरफोर्स की दीवारों पर आकर बैठते हैं। इनके वायुयानों से टकराने का खतरा बना हुआ है।
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