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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   The thief killed by villagers beat

चोर को ग्रामीणों ने पीट-पीटकर मार डाला

Sun, 07 Aug 2016 01:31 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली Updated Sun, 07 Aug 2016 01:31 AM IST
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भमोरा। मिलक मझारा गांव में भैंस चोरी के इरादे से घर में घुसे युवक  को ग्रामीणों ने पीट-पीटकर मार डाला। मारने के बाद चोर के शव को गांव के घिलौरा गांव की तरफ जाने वाले रास्ते पर फेंक दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने के लिए भेजा है। युवक पर दातागंज में चोरी के छह मुकदमे दर्ज हैं। शुक्रवार की रात को थाना भमोरा के ग्राम मिलक मझारा में तीज महोत्सव पर मेला लगा था। इसी का फायदा उठाते हुए पशु चोर गांव में आ धमके । घर वालों ने बताया कि चोर देर रात गांव के दयाराम के पुत्र रामसहाय के घर में घुसकर उनकी बेटी की पायल निकालने के बाद भैंस खोलने लगे। आहट सुनकर रामसहाय की पत्नी जाग गईं और शोर मचा दिया।ग्रामीण शोर सुनकर दयाराम के घर की तरफ दौड़ पड़े। चोर खुद को घिरता देख फायर करते हुए भाग गए। ग्रामीणों ने इस दौरान गांव के उत्तर दिशा में एक को दौड़ाकर पकड़ लिया और लाठी-डंडों के बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। ग्रामीणों की पिटाई से उसकी मौत हो गई। पुलिस के खौफ से ग्रामीणों ने चोर का शव गांव से ग्राम घिलौरा जाने वाले रास्ते पर फेंक दिया। शनिवार की सुबह चौकीदार की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त कराने की कोशिश की। सूचना पर एसओ केके यादव और सीओ संतोष कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन की। देर शाम को कपड़ों से परिवार वालों ने बदायूं के थाना दातागंज इलाके के बेलाडांडी गांव के दिवानी सिंह पुत्र भिकारी के रूप में पहचान की। पुलिस ने इससे पहले ही शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया था। 
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पहले भी हो चुकी हैं भैंस चोरी घटनाएं
ग्रामीणों ने बताया गांव में लगातार भैंस चोरी की घटनाएं हो रही थीं। शुक्रवार देर रात जब भैंस चोर पकड़ा गया तो लोगों ने आपा खो दिया। ग्रामीणों ने बताया एक माह पूर्व हेमराज की 70 हजार रुपये की एक भैंस व रामदयाल की दो भैंसें, ठाकुरदास मौर्य का एक भैंसा, राममूर्ती की एक भैंस, प्रकाश पाली की एक भैंस चोरी हो गई थी।
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क्राइम सीन
दीवानी सिंह की उम्र लगभग 50 वर्ष है। उसका शव घिलौरा मिलक खड़ंजे पर पट्टेदार अंडरवियर में पड़ा था। वहीं उसकी लुंगी व नीली शर्ट पड़ी थी। मृतक के शरीर पर तमाम चोट के निशान हैं। हाथ-पैर टूटे हुऐे हैं। देखने से ऐसा लग रहा था कि पीटने के बाद उसे पानी में डुबोया गया है। 
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-भमौरा में पिटाई से मरे दिवानी सिंह का आपराधिक इतिहास है। उसके बारे में दातागंज से पता कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी- आरके भारद्वाज, एसएसपी

शातिर चोर था दीवानी सिंह, बंदूक भी चुराई थी
बरसों पहले ननिहाल में बसाया, फिर रिश्तेदार भी कर गए किनारा
बरेली/दातागंज। भमोरा के मिलक मझारा में ग्रामीणों के हाथ मारा गया बदायूं के दातागंज थाना क्षेत्र का निवासी दीवानी सिंह शातिर चोर था। दातागंज कोतवाली में ही उसके खिलाफ चोरी के छह मुकदमे दर्ज हैं। उसकी आम शोहरत इतनी खराब हो गई थी कि बरसों पहले उसके परिवार को अपने यहां बसाने वाले उसके ननिहाल वालों ने ही उससे किनारा कर लिया था। दीवानी सिंह मूल रूप से समरेर का निवासी था। करीब तीस साल पहले उसके पिता को उनके ससुर अपनी जमींदारी वाले गांव बेलाडांडी में ले आए थे और उन्हें वहां बसा दिया था। दीवानी सिंह शुरू से ही आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहा तो इलाके के प्रभावशाली लोगों में शुमार उसके ननिहाल वालों ने भी उससे संबंध लगभग खत्म कर लिए। दीवानी सिंह की शादी नहीं हुई थी। वह अपने भाई धर्मपाल सिंह के परिवार के साथ रहता था। कई साल से बेलाडांडी में उसका आना-जाना भी सीमित हो गया था। कभी कभार पुलिस जरूर उसकी लोकेशन लेने गांव जाती थी। चोरी के छह मामलों में दातागंज कोतवाली में वह नामजद था। इनमें चर्चित मामला दातागंज के परा मोहल्ले का था। यहां एक घर से उसने बारह बोर की डबल बैरल लाइसेंसी बंदूक भी चोरी कर ली थी। शुरू में मामला अज्ञात में दर्ज हुआ और बाद में पुलिस ने विवेचना में दीवानी सिंह की संलिप्तता पाई। चर्चा है कि चोरी और राहजनी की कई और घटनाओं में दीवानी सिंह शामिल रहा पर कई मामले पुलिस रिकार्ड में आ ही नहीं पाए। 
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