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पंचायत ने प्रेमी युगल को दिया गांव निकाला

Sun, 27 Mar 2016 01:32 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली Updated Sun, 27 Mar 2016 01:32 AM IST
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The lovers were evacuated village panchayat
पंचायत
प्रेम संबंधों पर हरियाणा की खाप पंचायतों के फैसले खबर बनते रहे हैं अब बरेली जिले में भी एक ऐसा ही फरमान सामने आया है। मढ़ौली गांव में दो वयस्क युवक युवती घर वालों की मर्जी के खिलाफ एक हो गए। उन्हें खतरा लगा तो गांव से भाग गए। लौट कर आए तो पूरा गांव गुस्से में था। घरवालों ने पीटा। पंचायत बुलाई गई। पंचों ने ये तो मान लिया कि दोनों एक ही बिरादिरी के हैं और अब वे पति पत्नी के रूप में रह सकते हैं लेकिन साथ में शर्त रख दी कि घर से भागने की सजा के तौर पर उन्हें चार महीने के लिए गांव से निकाला जाता है। कुछ लोग उनका मुंह काला कर गांव में घुमाना चाहते थे वे ऐसा तो नहीं कर पाए लेकिन उनके ऊपर काला तेल जरूर डाल दिया।
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खेती-बाड़ी का काम करने वाले मढ़ौली के 22 साल के महेंद्र गंगवार का भोजीपुरा के घंघोरा गांव की अपनी ही बिरादरी की 21 वर्षीय लड़की से साल भर से प्रेम प्रसंग चल रहा था। लड़की मढ़ौली में अपने जीजा संजू के घर अक्सर आती रहती थी। दोनों के माता-पिता तो शादी के लिए राजी थे लेकिन लड़की के जीजा संजू और दीदी को यह रिश्ता मंजूर नहीं था। 22 मार्च को दोनों घर से भाग गए। परिवार वालों के बुलाने पर शनिवार शाम प्रेमी युगल फतेहगंज पश्चिमी पहुंचे। दोनों को मढ़ौली ले जाया जा रहा था, लेकिन लड़की ने थाने जाने की जिद ठान ली। थाने में लड़की ने अनहोनी की आशंका जताते हुए एसओ महेंद्र सिंह यादव से सुरक्षा देने की मांग की। एसओ ने मढ़ौली के प्रधान तेजराम गंगवार, भाजपा नेता संतोष कुमार के आग्रह पर प्रेमी युगल को मढ़ौली भेज दिया। मढ़ौली शिव मंदिर में पंचायत बैठाई गई। इस बीच भीड़ में से किसी ने प्रेमी युगल को निशाना बनाकर काला तेल फेंक दिया। कालिख से प्रेमी युगल समेत कई लोगों के कपड़े खराब हो गए। इसी बीच बुद्धसेन अपने बेटे महेंद्र और संजू अपनी साली को लात-घूसों से पीटने लगा। प्रधान और कई बुजुर्ग लोगों के समझाने-बुझाने पर स्टांप पेपर पर लिखवाकर दोनों को इस शर्त पर पति-पत्नी की तरह साथ रहने की इजाजत दी गई कि कम से कम चार महीने तक कोई भी गांव में नहीं झांकेगा। यह भी लिखवाया गया कि दोनों तरफ से कोई मुकदमेबाजी नहीं होगी। इसके बाद लड़की को घर वालों ने लड़के वालों को सौंप दिया।
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कोट
दोनों के परिवार वाले पहले तो राजी थे मगर उनके भागने पर वे गुस्से में आ गए। किसी प्रकार की अनहोनी न होने पाए इसलिए दोनों को कुछ महीने गांव से दूर रहने को कहा गया है। दोनों परिवारों ने लिखकर दिया है कि आगे मतभेद होंगे तो लड़की और लड़का जिम्मेदार होंगे। दोनों परिवार कोई कार्रवाई नहीं करेंगे।
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तेज राम गंगवार, प्रधान
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