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छात्रवृत्ति को लेकर विवि में छात्रों ने किया हंगामा

Tue, 03 Apr 2018 01:01 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली Updated Tue, 03 Apr 2018 01:01 AM IST
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Student protests over scholarship in University
students

स्कालरशिप को लेकर एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में छात्र फिर उग्र हो गए। कुलपति कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए चार घंटे तक धरना प्रदर्शन किया। कुलपति हाय-हाय और विश्वविद्यालय प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। हालात बिगड़ते देख पुलिस को भी बुलाया गया। छात्रों को समझाने के लिए कुलपति दो घंटे बाद ऑफिस से बाहर आए। छात्रों को आश्वासन दिया कि शासन स्तर से बात की जा रही है, लेकिन छात्र शांत नहीं हुए। कुलपति के जाने के बाद भी छात्र प्रदर्शन करते रहे। छात्रों का कहना है कि अगर विश्वविद्यालय ने शासन स्तर से बात करके छात्रवृत्ति नहीं दिलाई तो आंदोलन किया जाएगा।

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दरअसल इस बार विश्वविद्यालय के सैकड़ों छात्रों की छात्रवृत्ति नहीं आई। इंजीनियरिंग ईआई ब्रांच की छात्रवृत्ति डीएसडब्ल्यू कार्यालय की लापरवाही के कारण पूरी नहंी मिल सकी। 75 हजार की जगह विभाग ने 7500 फीस भेज दी। छात्र इससे पहले भी जबरदस्त प्रदर्शन कर चुके हैं। मुख्य गेट तक बंद कर दिया था। छात्रों का कहना है कि सामान्य वर्ग की स्कालरशिप इस बार आ गई, जबकि ओबीसी, एससी व एसटी और अल्पसंख्यक छात्रों की छात्रवृत्ति नहीं आई और जिनकी आई है उनको पूरी नहीं मिली। सोमवार को एमबीए, इंजीनियरिंग, शिक्षा विभाग समेत सभी विभागों के छात्र एक जुटकर होकर प्रशासनिक भवन आ गए। विश्वविद्यालय प्रशासन मुर्दाबाद , कुलपति हाय-हाय के नारे लगाए। प्रशासनिक भवन में कुलपति कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। चार घंटे से ज्यादा प्रदर्शन चला। तोड़फोड़ की नौबत न आए इसलिए पुलिस फोर्स को बुलाना पड़ा।
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दो विचारधारा के छात्र, इसलिए बाहर नहीं आए कुलपति
विरोध प्रदर्शन में सछास के शिव प्रताप सिंह, गजेंद्र सिंह नेतृत्व कर रहे थे। उसी वक्त एबीवीपी के राहुल चौहान, गौरव व अन्य छात्रनेता भी पहुंच गए। कुछ अन्य संगठन के छात्र भी पहुंच गए। सभी छात्रनेता एक ही मांग कर रहे थे कि छात्रों की समस्या दूर हो। किसी शिक्षक ने अंदर जाकर कुलपति को बोल दिया कि दो विचारधारा के छात्र हैं। कुलपति इसलिए ही बाहर आने से कतरा रहे थे। छात्र कुलपति के बाहर आने की मांग कर रहे थे ताकि वह सीधे अपनी बात उनके सामने रख सकेें। जब विचारधारा और जातिवाद की बात उठी तो छात्र और उग्र हो गए। उनका कहना था कि समस्या सभी की एक है तो जातिवाद कहां से आ गया। हालांकि बाद में वह चैनल गेट पर आए जब छात्रों ने हाथ जोड़कर उनसे विनती की तो वह चैनल गेट के बाहर आए और छात्रों की बात सुनी। उन्होंने कहा कि मंत्रियों से लेकर अधिकारियों तक से बात हो गई है। उन्होेंने आश्वासन दिया कि छात्रों का अहित नहीं होने देंगे। छात्र कुलपति की बात से संतुष्ट नहीं हुए। कुलपति अंदर चले गए, छात्र उसके बाद भी प्रदर्शन करते रहे।
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हम मानते हैं कि डीएसडब्ल्यू कार्यालय की गलती से कुछ छात्रों का नुकसान हुआ है। काफी छात्रों की छात्रवृत्ति डाटा गलत होने से नहीं आ सकी। हम किसी भी छात्र का नुकसान नहीं होने देंगे। शासन स्तर से बात कर रहे हैं। छात्रवृत्ति मिल सके इसके लिए हर मुमकिन कोशिश की जा रही है।
-प्रोफेसर अनिल शुक्ल, कुलपति

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