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खेत में दो युवकों की गला दबाकर हत्या
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Tue, 30 Aug 2016 01:48 AM IST
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नैनीताल हाईवे से करीब एक किलोमीटर अंदर रिछौला चंदमुड़िया गांव में धान के खेत में सोमवार को दो युवकों की लाश मिलने से सनसनी फैल गई। दोनों युवकों की गला दबाकर हत्या की गई है। इनमें से एक की शिनाख्त पीलीभीत के अमित के रूप में हुई है जो एंबुलेंस चालक था। दूसरे के हाथ पर संजीव श्रीवास्तव लिखा हुआ है लेकिन उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी है।
फील्ड यूनिट व डॉग स्क्वाड ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। एसएसपी आरके भारद्वाज ने घटनास्थल का मुआयना करके खुलासे को टीमें लगा दीं हैं। हालांकि हत्याओं की वजह साफ नहीं हो सकी है।
सोमवार को पटेरी फार्म के मालिक व भाजपा नेता सरदार निरंजन सिंह सुबह पांच बजे घर से टहलने के निकले थे। करीब छह बजे उन्होंने रिछौला फार्म के मालिक सरदार मुख्तार सिंह के धान के खेत में दो युवकों की लाश पड़ी देखी। पहले वह शराबी समझते रहे, लेकिन पास में जाकर देखा तो सन्न रह गए। उन्होंने खेत मालिक के पुत्रों को इसकी सूचना दी। इसके बाद इंस्पेक्टर बहेड़ी अजय कुमार श्रोतिया को भी बता दिया। इंस्पेक्टर व सीओ प्रमोद यादव ने मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन की। घटनास्थल से करीब सौ मीटर की दूरी पर नाले के किनारे बियर की एक बोतल बरामद की गई।
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दोनों के शवों के पास गमछा पड़ा हुआ था। इससे गला दबाकर उनकी हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। उनके गुप्तांग को भी दबाया गया है। एक शव के पास उसका आधार कार्ड और कुछ विजिटिंग कार्ड पडे़ हुए थे। इससे उसकी शिनाख्त पीलीभीत जिले के सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के गांव रूपपुर कमालू गांव निवासी तेज बहादुर के पुत्र अमित कुमार शर्मा (28) के रूप में हुई। परिवार वालों ने बताया कि वह सिलाई का काम करता था, लेकिन पिछले कुछ दिनों से वह एंबुलेंस चला रहा था। दूसरे शव की शिनाख्त की कोशिश की गई लेकिन रात तक नहीं हो पाई थी। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
मौसी के घर से दिल्ली जाना था
मृतक अमित कुमार शर्मा के छोटे भाई दीपक शर्मा ने पुलिस को बताया कि उनका भाई दिल्ली जाने के लिए कहकर गया था। दूसरे मृतक को वह जानते तक नहीं हैं। वहीं मृतक के बहनोई विजय कुमार ने पुलिस को बताया कि वह बहेड़ी के गांव मितापुर में रहने वाली मौसी के घर जाने के बाद दिल्ली जाने की बात कह रहा था। कल शाम को उसकी करीब आठ बजे तक फोन पर बात हुई थी। उसके बाद उसका फोन नहीं मिल रहा था।
अज्ञात लोगों के खिलाफ दोनों युवकों की हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। प्राथमिक जांच में गला दबाकर हत्या करने की बात ही आ रही है। बाकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद दोनों की मौत के बारे में सही जानकारी मिलेगी- प्रमोद कुमार यादव, सीओ बहेड़ी।
आखिर कौन चार युवक कर रहे थे पीछा
पीलीभीत। सुनगढ़ी क्षेत्र के रूपपुर कमालु गांव के 30 वर्षीय अमित शर्मा रविवार दोपहर साढ़े तीन बजे वह किच्छा के किसनपुर मोहल्ले में बहन सीमा की ससुराल जाने को घर से निकला था। परिवारवालों से बातचीत के बाद हत्या को लेकर चार अज्ञात लोग संदेह के घेरे में हैं। अमित की मां नत्थोदेवी ने बताया कि रात करीब साढ़े आठ बजे फोन पर बात हुई थी, जिसमें उसने घर से निकलने के बाद से ही चार अज्ञात लोगों द्वारा पीछा करने की बात कही थी। वह बहेड़ी में बस का इंतजार कर रहा था। इस पर मां ने अमित को किसी अन्य साधन से जल्दी बहन के घर पहुंचने की सलाह दी थी। रात में ही सवा दस बजे अमित की कॉल आई, लेकिन सिर्फ हैलो होते ही फोन कट गया। घर वाले फोन लगाते रहे। इसके बाद भी कॉल कनेक्ट नहीं हो सकी थी। इसके बाद से ही रातभर घरवाले परेशान थे। सुबह तड़के ही उसकी मौत की सूचना मिल गई। अमित की शादी पांच साल पहले बरेली के झोरपुर निवासी चंचल से हुई थी। उसकी पत्नी चंचल आठ माह की गर्भवती है।
मुकदमे के विवाद में तो नहीं हुई हत्या?
अमित के परिवारवालों ने बताया कि उसके ऊपर छह साल पहले सुनगढ़ी क्षेत्र की एक महिला ने रेप का मुकदमा दर्ज करा दिया था। इसमें कोर्ट से वह बरी हो गया था। इसके बाद से महिला के परिवारवालों से उसकी रंजिश चल रही थी। मां नत्थोदेवी ने बताया कि इसको लेकर आए दिन महिला के घरवाले घर पर आकर पथराव किया करते थे। कई बार अमित को जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। ऐसे में पूरे परिवार का शक इसी रंजिश को लेकर गहराया हुआ है।
चार भाई-बहनों में बड़ा था अमित
अमित गरीब परिवार से ताल्लुक रखता था। पिता तेज बहादुर का स्वास्थ्य खराब रहता है। उसका एक छोटा भाई दीपक है। इसके अलावा दो बहनें सीमा और रेनू हैं। मृतक चारों में सबसे बड़ा था। वह दिल्ली में सिलाई का काम करता था। पिछले दिनों काम छोड़कर वापस घर आ गया था। कोई न कोई काम कर परिवार को आर्थिक मदद पहुंचाता रहता था। गांव के लोगों से भी उसका मेलजोल अच्छा था। उसकी हत्या की खबर पहुंचते ही गांव के तमाम लोग परिवार को ढांढस बंधाने जमा रहे।
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फील्ड यूनिट व डॉग स्क्वाड ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। एसएसपी आरके भारद्वाज ने घटनास्थल का मुआयना करके खुलासे को टीमें लगा दीं हैं। हालांकि हत्याओं की वजह साफ नहीं हो सकी है।
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सोमवार को पटेरी फार्म के मालिक व भाजपा नेता सरदार निरंजन सिंह सुबह पांच बजे घर से टहलने के निकले थे। करीब छह बजे उन्होंने रिछौला फार्म के मालिक सरदार मुख्तार सिंह के धान के खेत में दो युवकों की लाश पड़ी देखी। पहले वह शराबी समझते रहे, लेकिन पास में जाकर देखा तो सन्न रह गए। उन्होंने खेत मालिक के पुत्रों को इसकी सूचना दी। इसके बाद इंस्पेक्टर बहेड़ी अजय कुमार श्रोतिया को भी बता दिया। इंस्पेक्टर व सीओ प्रमोद यादव ने मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन की। घटनास्थल से करीब सौ मीटर की दूरी पर नाले के किनारे बियर की एक बोतल बरामद की गई।
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दोनों के शवों के पास गमछा पड़ा हुआ था। इससे गला दबाकर उनकी हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। उनके गुप्तांग को भी दबाया गया है। एक शव के पास उसका आधार कार्ड और कुछ विजिटिंग कार्ड पडे़ हुए थे। इससे उसकी शिनाख्त पीलीभीत जिले के सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के गांव रूपपुर कमालू गांव निवासी तेज बहादुर के पुत्र अमित कुमार शर्मा (28) के रूप में हुई। परिवार वालों ने बताया कि वह सिलाई का काम करता था, लेकिन पिछले कुछ दिनों से वह एंबुलेंस चला रहा था। दूसरे शव की शिनाख्त की कोशिश की गई लेकिन रात तक नहीं हो पाई थी। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
मौसी के घर से दिल्ली जाना था
मृतक अमित कुमार शर्मा के छोटे भाई दीपक शर्मा ने पुलिस को बताया कि उनका भाई दिल्ली जाने के लिए कहकर गया था। दूसरे मृतक को वह जानते तक नहीं हैं। वहीं मृतक के बहनोई विजय कुमार ने पुलिस को बताया कि वह बहेड़ी के गांव मितापुर में रहने वाली मौसी के घर जाने के बाद दिल्ली जाने की बात कह रहा था। कल शाम को उसकी करीब आठ बजे तक फोन पर बात हुई थी। उसके बाद उसका फोन नहीं मिल रहा था।
अज्ञात लोगों के खिलाफ दोनों युवकों की हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। प्राथमिक जांच में गला दबाकर हत्या करने की बात ही आ रही है। बाकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद दोनों की मौत के बारे में सही जानकारी मिलेगी- प्रमोद कुमार यादव, सीओ बहेड़ी।
आखिर कौन चार युवक कर रहे थे पीछा
पीलीभीत। सुनगढ़ी क्षेत्र के रूपपुर कमालु गांव के 30 वर्षीय अमित शर्मा रविवार दोपहर साढ़े तीन बजे वह किच्छा के किसनपुर मोहल्ले में बहन सीमा की ससुराल जाने को घर से निकला था। परिवारवालों से बातचीत के बाद हत्या को लेकर चार अज्ञात लोग संदेह के घेरे में हैं। अमित की मां नत्थोदेवी ने बताया कि रात करीब साढ़े आठ बजे फोन पर बात हुई थी, जिसमें उसने घर से निकलने के बाद से ही चार अज्ञात लोगों द्वारा पीछा करने की बात कही थी। वह बहेड़ी में बस का इंतजार कर रहा था। इस पर मां ने अमित को किसी अन्य साधन से जल्दी बहन के घर पहुंचने की सलाह दी थी। रात में ही सवा दस बजे अमित की कॉल आई, लेकिन सिर्फ हैलो होते ही फोन कट गया। घर वाले फोन लगाते रहे। इसके बाद भी कॉल कनेक्ट नहीं हो सकी थी। इसके बाद से ही रातभर घरवाले परेशान थे। सुबह तड़के ही उसकी मौत की सूचना मिल गई। अमित की शादी पांच साल पहले बरेली के झोरपुर निवासी चंचल से हुई थी। उसकी पत्नी चंचल आठ माह की गर्भवती है।
मुकदमे के विवाद में तो नहीं हुई हत्या?
अमित के परिवारवालों ने बताया कि उसके ऊपर छह साल पहले सुनगढ़ी क्षेत्र की एक महिला ने रेप का मुकदमा दर्ज करा दिया था। इसमें कोर्ट से वह बरी हो गया था। इसके बाद से महिला के परिवारवालों से उसकी रंजिश चल रही थी। मां नत्थोदेवी ने बताया कि इसको लेकर आए दिन महिला के घरवाले घर पर आकर पथराव किया करते थे। कई बार अमित को जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। ऐसे में पूरे परिवार का शक इसी रंजिश को लेकर गहराया हुआ है।
चार भाई-बहनों में बड़ा था अमित
अमित गरीब परिवार से ताल्लुक रखता था। पिता तेज बहादुर का स्वास्थ्य खराब रहता है। उसका एक छोटा भाई दीपक है। इसके अलावा दो बहनें सीमा और रेनू हैं। मृतक चारों में सबसे बड़ा था। वह दिल्ली में सिलाई का काम करता था। पिछले दिनों काम छोड़कर वापस घर आ गया था। कोई न कोई काम कर परिवार को आर्थिक मदद पहुंचाता रहता था। गांव के लोगों से भी उसका मेलजोल अच्छा था। उसकी हत्या की खबर पहुंचते ही गांव के तमाम लोग परिवार को ढांढस बंधाने जमा रहे।