फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Sketches of two robbers of eight kg of gold

आठ किलो सोना लूटने वाले दो बदमाशों के स्केच तैयार 

Mon, 05 Jun 2017 12:46 AM IST
बरेली। 
बरेली।  Updated Mon, 05 Jun 2017 12:46 AM IST
विज्ञापन
Sketches of two robbers of eight kg of gold
आठ किलो सोना लूटने वाले दो बदमाशों के स्केच तैयार  - फोटो : आठ किलो सोना लूटने वाले दो बदमाशों के स्केच तैयार 
 एनएच- 24 पर बड़ी लूट होने के दूसरे दिन पुलिस ने दो बदमाशों के स्केच तैयार करवाए हैं। अभिलाष, रामचंद्र और इमरान के बताये हुलिए के आधार पर पुलिस ने दो बदमाशों के चेहरे सामने आए हैं। जिसमें एक बदमाश की बड़ी दाढ़ी और बाल है। जबकि दूसरा दुबला पतला है। पीड़ितों के मुताबिक बदमाशों को पहचाने जाने का डर नहीं था। कुछ बदमाशों के चेहरों पर नकाब नहीं थे। अब इन स्केच को पब्लिक के लिए जारी किया जाएगा। वहीं पुलिस मान रही है कि लूट में सराफ के नजदीकी की सटीक मुखबिरी हुई है, यही वजह है कि वारदात के बाद शक के आधार पर चालक इमरान और मुनीम को फतेहगंज पूर्वी थाने पर बैठा लिया है। वहीं पुराने काम छोड़ चुके नौकर और ड्राइवरों को पकड़ा जा रहा है। उनसे पूछताछ की जा रही है। 
विज्ञापन

सराफ प्रदीप अग्रवाल ने अपने ड्राइवर इमरान पर शक जाहिर करते हुए एसएसपी जोगेंद्र कुमार को बताया कि उनके ससुर अभिलाष अग्रवाल चौक में अभिषेक अग्रवाल की पहली मंजिल पर स्थित दुकान से सोना लेने के बाद नीचे उतरे थे। दोपहर में उन्हें भूख लगी थी। वहां भंडारा चल रहा था। अभिलाष ने ड्राइवर इमरान से कहा था कि भंडारा में खाने के बाद आगे बढ़ते हैं। आरोप है कि चालक ने कार को नहीं रोका था, लेकिन सीतापुर में कमालपुर में हाईवे के किनारे एक ढाबे पर बिना कहे कार को रोक दिया गया था। जहां अभिलाष सहित दोनों कर्मचारियों ने भोजन किया था। इसके बाद फतेहगंज पश्चिमी में कार को बदमाशों ने लूटा था। एसएसपी को फोन करके इस घटनाक्रम में चालक की भूमिका पर सवाल उठाये हैं। 
विज्ञापन

30 से ज्यादा जानते थे कि सोना आ रहा है 
वारदात में किसी नजदीकी के शामिल होने का पहले दिन से शक जाहिर किया जा रहा है। सराफ के नजदीकियों में 30 से ज्यादा ऐसे लोग सामने आए हैं जिनके पास ससुर अभिलाष के लखनऊ जाने की जानकारी थी। साझेदार महेंद्र मेहरोत्रा ने बताया कि हर बार अभिलाष ही लखनऊ जाया करते थे। सराफ के मुताबिक यह विजिट गुप्त रखी जाती थी, लेकिन पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि उनसे जुड़े लोग इस बारे में जानकारी रखते थे।  
विज्ञापन
विज्ञापन

वारदात के बाद सराफ का नौकर मनोज फरार 
 संजय नगर में दबिशें, लेकिन पकड़ा नहीं जा सका
बड़ी लूट के बाद पुलिस की शक की सुई उनकी फर्म से जुड़े नौकरों पर घूमी थी। पुलिस ने संजय नगर में दबिश देकर पुराने ड्राइवर प्रमोद जोशी को उठा लिया। सीओ तीन इंदु प्रभा ने बारादरी थाने में उससे करीब दो घंटे तक पूछताछ की। प्रमोद की वारदात के वक्त लोकेशन से लेकर उसकी हर्ष बुलियन के मॉडल टाउन स्थित कार्यालय में चार बार जाने के बारे में पूछताछ हुई। 
वहीं सराफ का एक नौकर मनोज निवासी संजय नगर शनिवार सुबह आठ बजे घर से निकला था। लेकिन वह रविवार शाम तक मिला नहीं है। पुलिस ने उसके घर पर दबिश देकर उसके छोटे भाई मुकेश और एक बहनोई को बारादरी थाने ले आई हैं। जिनसे पूछताछ की जा रही है। माना जा रहा है कि मनोज के सामने आने के बाद वारदात से संबंधित कई अहम बातें सामने आ सकती है। 
सराफ ने मेरे 70 हजार नहीं दिए  
मैं प्रदीप अग्रवाल की गाड़ी पर ड्राइवर था। करीब चार महीने पहले मुझे काम से निकाला गया था। मैं सेलरी ज्यादा मांग रहा था। इसके बाद मैने प्रेमनगर में दवाईयों का व्यापारी करने वाले मयूर गुप्ता के घर पर नौकरी की। शनिवार को मयूर गुप्ता की साली ने मुझसे एक ड्राइवर मांगा था। वह आलमगीरी गंज में गट्टूू मल वाली गली में रहती हैं। इसलिए मैने राम चंद्र को फोन किया था। मोबाइल नहीं उठा तो इमरान को करीब 10 बजे फोन किया था। उससे यही बात की गई थी। शनिवार को शाम को मैं अपने घर पर मौजूद था। जब पुलिस ने दबिश देकर मुझे उठा लिया। मेरी पहली बीवी नीरज की मौत के बाद मैने अपने साले की साली रेखा से शादी की। प्रदीप जी ने मुझे पत्नी के नाम पर दो लाख का लोन दिलवाया था। अगर सच बताऊं मुझपर आरोप लगा सकते हैं लेकिन करीब 70 हजार रुपये मेरे प्रदीप पर बनते हैं जो उन्होंने मुझे नहीं दिए। 
50 से ज्यादा मोबाइल सर्विलांस पर  
बरेली। बड़ी लूट में सबसे अहम सराफ के किसी नजदीकी की सटीक मुखबिरी है। यही वजह है कि एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने एसटीएफ को भी जिम्मेदारी सौंपी है। प्रदीप अग्रवाल के कारोबार और परिवार से जुड़े करीब 50 से मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। वारदात के वक्त सभी की लोकेशन और कॉल डिटेल से अहम सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है। वारदात में कार में सवार बदमाश और हाईवे पर मौजूद बदमाशों के बीच लगातार मोबाइल पर बातचीत चल रही थी। यही वजह है कि इस वारदात के खुलासे में सर्विलांस की भूमिका अहम है।  
इमरान का मोबाइल नहीं बरामद हुआ 
प्रमोद जिस मोबाइल पर बात करने का जिक्र कर रहा है। इमरान का वह मोबाइल वारदात के बाद बरामद नहीं हुआ है। जबकि अभिलाष और रामचंद्र के मोबाइल घटनास्थल से ही बरामद हुए थे। इमरान के मोबाइल की अंतिम लोकेशन टिसुआ के पास मिली है। इसके बाद मोबाइल बंद हो गया है। 
पुलिस मान रही है कि इमरान का मोबाइल बदमाश अपने साथ ले गए, जिसे हाईवे पर कहीं फेंक दिया गया है। 
खुलासे के लिए लगी एसटीएफ 
-स्पेशल टास्क फोर्स 
-सर्विलांस 
-क्राइम ब्रांच 
-आईजी की स्पेशल टीम   
-फतेहगंज पूर्वी और फरीदपुर की तीन पुलिस टीम 
कार से मिले 14 फिंगर प्रिंट 
डिजायर कार से फील्ड यूनिट ने करीब 14 फिंगर प्रिंट उठाए हैं। उन्हें जांच के लिए मुरादाबाद लैब में भेजा गया है। हाईवे पर कार के कुछ निशान भी मिले हैं। उन्हें भी जांच के लिए उठाया गया है। मुरादाबाद की लैब से करीब सात दिनों में रिपोर्ट आने का अंदेशा है। 
इंडिका कार नहीं हो सकी ट्रेस 
बदमाश जिस कार से वारदात के लिए पहुंचे थे। पुलिस उसको ट्रेस नहीं कर सकी है। सराफ और उनके कर्मचारी कार का नंबर भी नहीं देख सके थे। बताया जा रहा है कि कार का नंबर भी बदमाशों ने बदला हुआ था। 
सराफ की आरटीजीएस का नहीं हुआ मिलान 
पुलिस जांच में सामने आया कि दो करोड़ 40 लाख का आरटीजीएस भुगतान तस्दीक नहीं हुआ है। जबकि सराफ का कहना था कि पूरा भुगतान आरटीजीएस के माध्यम से किया गया है। 
हाईवे पर फैली लूट की दहशत 
एनएच 24 पर बेखौफ बदमाशों ने बड़ी लूट अंजाम दी। वारदात के बाद हाईवे पर लूट की दहशत साफ नजर आई। लोगों के बीच भी चर्चा रही कि हाईवे पर संभलकर चला जाए। अब हाईवे सुरक्षित नहीं रहा। वहीं लोगों में पुलिस की पिकेट पर मौजूदगी और यूपी 100 पर भी सवालिया निशान लगाते हुए देखा गया। खासकर सराफ एसोसिएशन और व्यापारी वर्ग में भी लोग असंतुष्ट दिखे। 
घटनास्थल के पास लूट होने के बाद पुलिस की चेकिंग नजर आई। पुलिस मुस्तैदी से निकलने वाले वाहनों की जांच कर रही थी। संदिग्ध दिखने वाले लोगों से भी पूछताछ की जा रही थी। दरअसल वारदात के बाद जनपद में चेकिंग अभियान छेड़ा गया है। जिसमें संदिग्ध कार, बाइक और लोगों की जांच करके उनका पहचानपत्र जांचा जा रहा है। हाईवे पर चेकिंग के दौरान तीन संदिग्धों को भी पकड़ा गया है।

खुलासा नहीं हुआ तो करेंगे आंदोलन 
सराफ एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल के साथ दर्जनों सराफ एसएसपी कार्यालय पहुंचे। एसएसपी जोगेंद्र कुमार से वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों की जल्द गिरफ्तारी करने के लिए कहा गया। एसएसपी ने सभी को आश्वस्त किया कि जल्द बदमाशों को पकड़ लिया जाएगा। सराफ एसोसिएशन ने जल्द खुलासा नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।  
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed