{"_id":"57b375454f1c1bd0586eb05e","slug":"seven-cases-of-abduction-and-rape-inside-subhashnagr-student","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुभाषनगर की छात्रा के अपहरण और रेप के मामले सात अंदर","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सुभाषनगर की छात्रा के अपहरण और रेप के मामले सात अंदर
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Wed, 17 Aug 2016 01:49 AM IST
विज्ञापन
11वीं की छात्रा को अगवा करने और बलात्कार करने के मामले में पुलिस ने मुख्या आरोपी समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इनमेें शामिल छात्रा के ममेरे भाई पर अपहरण करने की साजिश रचने का आरोप है जबकि पांच लोगों पर छात्रा और अपहरणकर्ता को अपने घर में छिपाकर रखने का आरोप लगाया गया है।
सुभाषनगर स्थित एक इंटर कॉलेज में पढ़ने वाली छात्रा का 13 जुलाई को अपहरण कर लिया गया था। छात्रा को उसके ममेरे भाई निसोई गांव के रहने वाले भूपेंद्र ने फोन करके बुलाया था, जिसके बाद से छात्रा लापता थी। छात्रा आरोप है कि उसे छह लोग कार में डालकर ले गए थे। अगवा करने वाला सुभाषनगर इलाके के करगैना निवासी बाबू हुसैन था, जिसने छात्रा को एक महीने तक अपने कब्जे में रख कर बलात्कार किया। 14 अगस्त को बाबू हुसैन के घर से ही छात्रा को बरामद किया किया था। पुलिस ने छात्रा के अपहरण की साजिश में शामिल रहे भूपेंद्र को गिरफ्तार कर सोमवार को जेल भेज दिया। जबकि बाबू हुसैन को छात्रा को अगवा कर बलात्कार करने और पॉक्सो एक्ट के तहत जेल भेजा गया। अपहरण करने के बाद छात्रा को कई जगह रखा गया था। मुख्य आरोपी बाबू हुसैन के रिश्तेदार और दोस्त लगातार उसकी मदद कर रहे थे। अपहरणकर्ता को संरक्षण देने वाले पांच लोगों को कोर्ट के आदेश पर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया। इनमें भमोरा इलाके के लंगुरा गांव का बाबू हुसैन का रिश्तेदार शफी अहमद और उसका बेटा इस्माइल, शेखूपुर का सलाउद्दीन, कोहनी गांव का राजीव और बिशारतगंज के खजुआई गांव का नरेश पाल हैं। इन आरोपियों ने पूछताछ के दौरान छात्रा के साथ मुल्जिम बाबू हुसैन को अपने घर रखने की बात स्वीकार की। उनका यह भी कहना है कि उन्हें बाबू हुसैन ने छात्रा को अगवा करने की जानकारी नहीं दी थी।
छात्रा के बयान और पुलिस की शुरुआती छानबीन के आधार पर अपहरण, बलात्कार और अपहरणकर्ताओं को संरक्षण देने के आरोप में सात लोगों को जेल भेज दिया गया है। बाबू हुसैन के परिवारीजनों और अन्य आरोपियों के संबंध में छानबीन जारी है।
विज्ञापन
- समीर सौरभ, एसपी सिटी
ठेले वाले ने बर्बाद कर दी छात्रा की जिंदगी
करगैना में ठेला लगाने वाले बाबू हुसैन ने एक होनहार छात्रा की जिंदगी बर्बाद कर दी। 15 साल की उम्र में जिंदगी भर के लिए छात्रा पर दुष्कर्म और दूसरे धर्म के व्यक्ति के साथ जाने का बदनुमा दाग लग गया।
सुभाषनगर में रहने वाली छात्रा पढ़ाई लिखाई में काफी होशियार है। उसे घर वाले सरकारी नौकरी में देखना चाहते थे। पिता गरीबी के चलते बेटी को स्कूल लाने ले जाने के लिए रिक्शा या ऑटो नहीं लगा सके। वह मजदूरी पर जाने से पहले बेटी को साइकिल से स्कूल खुद पहुंचाते थे। वह 13 जुलाई को भी बेटी को स्कूल छोड़ने गए थे। मगर ममेरे भाई भूपेंद्र से नजदीकी छात्रा के लिए भारी पड़ गई। फोन आने पर छात्रा स्कूल में जाने के बजाय भूपेंद्र से मिलने को गेट से लौट गई। बताए स्थान पर भूपेंद्र तो मिला नहीं, छात्रा को बहला फुसलाकर बाबू हुसेन उसे अपने साथ ले गया। इधर-उधर रिश्तेदारी और दोस्तों के यहां रखने के बाद आखिर में बाबू हुसैन छात्रा को अपने घर ले गया। 40 वर्षीय बाबू हुसैन के पत्नी और चार बच्चे हैं। घर में दूसरी लड़की को देख बाबू हुसैन और उसकी पत्नी के बीच झगड़ा हुआ तो बात मोहल्ले में फैल गई। परिवार के ही एक व्यक्ति ने बाबू हुसैन की करतूत के बारे में एक चाय वाले को बता दिया। चाय वाले की छात्रा के भाई से जान पहचान थी, जिससे मामला खुल गया।
विज्ञापन
सुभाषनगर स्थित एक इंटर कॉलेज में पढ़ने वाली छात्रा का 13 जुलाई को अपहरण कर लिया गया था। छात्रा को उसके ममेरे भाई निसोई गांव के रहने वाले भूपेंद्र ने फोन करके बुलाया था, जिसके बाद से छात्रा लापता थी। छात्रा आरोप है कि उसे छह लोग कार में डालकर ले गए थे। अगवा करने वाला सुभाषनगर इलाके के करगैना निवासी बाबू हुसैन था, जिसने छात्रा को एक महीने तक अपने कब्जे में रख कर बलात्कार किया। 14 अगस्त को बाबू हुसैन के घर से ही छात्रा को बरामद किया किया था। पुलिस ने छात्रा के अपहरण की साजिश में शामिल रहे भूपेंद्र को गिरफ्तार कर सोमवार को जेल भेज दिया। जबकि बाबू हुसैन को छात्रा को अगवा कर बलात्कार करने और पॉक्सो एक्ट के तहत जेल भेजा गया। अपहरण करने के बाद छात्रा को कई जगह रखा गया था। मुख्य आरोपी बाबू हुसैन के रिश्तेदार और दोस्त लगातार उसकी मदद कर रहे थे। अपहरणकर्ता को संरक्षण देने वाले पांच लोगों को कोर्ट के आदेश पर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया। इनमें भमोरा इलाके के लंगुरा गांव का बाबू हुसैन का रिश्तेदार शफी अहमद और उसका बेटा इस्माइल, शेखूपुर का सलाउद्दीन, कोहनी गांव का राजीव और बिशारतगंज के खजुआई गांव का नरेश पाल हैं। इन आरोपियों ने पूछताछ के दौरान छात्रा के साथ मुल्जिम बाबू हुसैन को अपने घर रखने की बात स्वीकार की। उनका यह भी कहना है कि उन्हें बाबू हुसैन ने छात्रा को अगवा करने की जानकारी नहीं दी थी।
विज्ञापन
छात्रा के बयान और पुलिस की शुरुआती छानबीन के आधार पर अपहरण, बलात्कार और अपहरणकर्ताओं को संरक्षण देने के आरोप में सात लोगों को जेल भेज दिया गया है। बाबू हुसैन के परिवारीजनों और अन्य आरोपियों के संबंध में छानबीन जारी है।
विज्ञापन
- समीर सौरभ, एसपी सिटी
ठेले वाले ने बर्बाद कर दी छात्रा की जिंदगी
करगैना में ठेला लगाने वाले बाबू हुसैन ने एक होनहार छात्रा की जिंदगी बर्बाद कर दी। 15 साल की उम्र में जिंदगी भर के लिए छात्रा पर दुष्कर्म और दूसरे धर्म के व्यक्ति के साथ जाने का बदनुमा दाग लग गया।
सुभाषनगर में रहने वाली छात्रा पढ़ाई लिखाई में काफी होशियार है। उसे घर वाले सरकारी नौकरी में देखना चाहते थे। पिता गरीबी के चलते बेटी को स्कूल लाने ले जाने के लिए रिक्शा या ऑटो नहीं लगा सके। वह मजदूरी पर जाने से पहले बेटी को साइकिल से स्कूल खुद पहुंचाते थे। वह 13 जुलाई को भी बेटी को स्कूल छोड़ने गए थे। मगर ममेरे भाई भूपेंद्र से नजदीकी छात्रा के लिए भारी पड़ गई। फोन आने पर छात्रा स्कूल में जाने के बजाय भूपेंद्र से मिलने को गेट से लौट गई। बताए स्थान पर भूपेंद्र तो मिला नहीं, छात्रा को बहला फुसलाकर बाबू हुसेन उसे अपने साथ ले गया। इधर-उधर रिश्तेदारी और दोस्तों के यहां रखने के बाद आखिर में बाबू हुसैन छात्रा को अपने घर ले गया। 40 वर्षीय बाबू हुसैन के पत्नी और चार बच्चे हैं। घर में दूसरी लड़की को देख बाबू हुसैन और उसकी पत्नी के बीच झगड़ा हुआ तो बात मोहल्ले में फैल गई। परिवार के ही एक व्यक्ति ने बाबू हुसैन की करतूत के बारे में एक चाय वाले को बता दिया। चाय वाले की छात्रा के भाई से जान पहचान थी, जिससे मामला खुल गया।