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रोडवेज बस की चपेट में आए तीन छात्र, मौत

Thu, 11 Aug 2016 01:18 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली Updated Thu, 11 Aug 2016 01:18 AM IST
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बहेड़ी (बरेली)। कस्बे में बाईपास पर बुधवार को रोडवेज बस की चपेट में आने से बाइक सवार 11 वीं के तीन छात्रों की मौत हो गई। इससे गुस्साए लोगों ने रोड पर जाम लगा दिया। बस लेकर भाग रहे ड्राइवर को बाद में देवरनियां पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ लापरवाही से बस चलाकर तीन छात्रों को कुचलने का मामला दर्ज किया गया है।
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रामलीला मोहल्ले के मोहित राठौर उर्फ गौरव (15) पुत्र रोशन लाल राठौर बुधवार शाम साढ़े चार बजे अपने दोस्त रोहन प्रताप सिंह (16) पुत्र मुनेंद्र पाल सिंह निवासी मोहल्ला कानूनगोयान और शेरनगर मोहल्ले के मोनिस (19) पुत्र मुख्तयार के साथ कोचिंग पढ़ने मोहल्ला महादेवपुर गए थे। तीनों साईं दत्ता राम धीगंड़ा इंटर कॉलेज में 11 वीं में पढ़ते थे। कोचिंग मास्टर आदेश कुमार ने बुधवार की छुट्टी कर दी तो तीनों बाइक से बाईपास पर चले गए।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले तीनों ने फोरलेन पर किनारे गाड़ी रोकी फिर स्पीड बढ़ा दी। सड़क पर पानी भरा था अचानक बाइक फिसली तो तीनों सड़क पर गिर गए। इस दौरान हल्द्वानी से इलाहाबाद जा रही लीडर रोड डिपो की बस तीनों को रौंदते हुए निकल गई। चीख पुकार मचने पर वहां मौजूद लोग छात्रों की मदद को दौड़े तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। लोगों ने बस का पीछा भी किया मगर ड्राइवर बस भगा ले गया। इससे गुस्साए लोगों ने जाम लगा दिया। थाने के गेट पर भी हंगामा किया।
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इंस्पेक्टर अजय कुमार श्रोतिया ने वायरलेस से देवरनियां पुलिस को बस को पकड़ने का मैसेज दिया। देवरनियां पहुंचने पर पुलिस ने बस को कब्जे में ले लिया और ड्राइवर राजापुर इलाहाबाद निवासी रामजी तिवारी को गिरफ्तार कर लिया। बस को देवरनियां थाने में खड़ा किया गया है। तीनों छात्रों के घर वालों ने ड्राइवर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। लोगों को जब पता चला कि ड्राइवर को पकड़ लिया गया है तो उन्होंने जाम खोल दिया। तीनों के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। 
ट्रिपल राइडिंग, ओवर स्पीड और हेलमेट न होना जानलेवा बन गया
तीन छात्रों के लिए ट्रिपल राइडिंग और बिना हेलमेट के बाइक को तेज रफ्तार में दौड़ाना जानलेवा बन गया। कोचिंग की छुट्टी हुई तो तीनों मस्ती करने हाईवे पर चले गए लेकिन उन्हें नहीं पता था कि यह सफर उनके लिए अंतिम होगा। जहां हादसा हुआ वहां सिंह आयल कंपनी के सीसीटीवी कैमरे से जो फुटेज आई है वह हादसे के दर्दनाक क्षणों को बयां कर रही है। तीनों के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। 
फुटेज के अनुसार चार बजकर पांच मिनट पर मोहित बाइक चलाता हुआ फोरलेन पर आया। रोहन बीच में और मोनिस सबसे पीछे बैठा था।  बाइक पहले किच्छा की दिशा में गई। कुछ ही देर में वापस आकर सिंह आयल कंपनी से करीब सौ मीटर की दूरी पर आकर रुकी। फिर बाइक  रोककर तीनों बात करने लगे। अचानक बाइक स्टार्ट कर घुमाई और सामने से आ रही एक मैजिक गाड़ी को निकलने दिया। इसके पीछे आ रही हल्द्वानी डिपो की बस को भी जाने दिया। अचानक मोहित ने स्पीड बढ़ाई तो बाइक फिसलने के कारण तीनों सड़क पर गिर गए। इस बीच हल्द्वानी की ओर से आ रही तेज रफ्तार लीडर रोड डिपो की बस उन्हें रौंदते हुए निकल गई। बाइक पर आए दो लोगों ने तुरंत बाइक का पीछा किया मगर वह हाथ नहीं आई।  हादसे के बाद तीनों छात्रों के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। तीनों आठवीं से ही साथ पढ़ रहे थे। एक दूसरे के घर आना जाना था। जैसे ही हादसे की खबर मिली उनके घर वाले घटनास्थल पर पहुंचे वहां खून से लथपथ देख दहाड़े मारकर रोने लगे।
या अल्लाह तूने ये क्या किया
मोनिस की मां किश्वर जहां को बेटे की मौत की खबर मिली तो वह बेसुध हो गई। बार-बार यही कहती कि या अल्लाह ये तूने क्या कर दिया। इसके बाद फफक-फफक कर रो पड़ती। पास खड़े शौहर मुख्तयार अहमद एक ओर उन्हें चुप कराते मगर उनके आंसू भी थमने का नाम नहीं ले रहे थे। मोनिस का बड़ा भाई रेहान, बहन अरीशा और संभूल भी बदहवास हो गए। हाईस्कूल में प्रथम श्रेणी आने पर उसने पिता से बाइक की जिद की थी मगर हादसे की डर से उन्होंने मना कर दिया था। 
सिविल सर्विसेज का सपना धरा रह गया
मोहल्ला रामलीला का रहने वाले गौरव का घर का नाम मोहित था।  लोग उसे इसी नाम से पुकारते थे। उसका लक्ष्य  सिविल सर्विसेज की तैयारी करने का था। बड़े भाई शोभित और बहन आरती व प्रीती का रो रो कर बुरा हाल था। मां ऊषा राठौर दहाडे़ मारकर रो रही थी। बार-बार कह रही थी कि कोचिंग जाने में देरी होने की बात कहकर वह खाना खाकर भी नहीं गया। पिता रोशन लाल राठौर प्राइवेट बस के चालक हैं। बेटे की मौत की खबर मिलते ही वह शीशगढ़ अड्डे से भागे-भागे घर पहुंचे और बेटे का शव देखकर गश खाकर गिर पडे़। 
रोहन के मोहल्ले में शोक की लहर 
रोहन राठौर की मौत की खबर मिलते ही मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई। मलय प्रताप सिंह के बाद दूसरे नंबर के रोहन से पूरे घर को बड़ी उम्मीदें थी। वह  इंजीनियर बनना चाहता था। पिता मुनेंद्र पाल सिंह ग्राम हरहरपुर बहरूआ के रहने वाले हैं। खेती का काम देखते हैं। बच्चों की पढ़ाई को देखते हुए कुछ साल पहले ही नगर के कानूनगोयान मोहल्ले में मकान बनाया। पिता को जब उसकी मौत की खबर लगी तो वह अपने गांव के एक युवक की बाइक पर सवार होकर सीधे सीएचसी पहुंचे। वहां लाश  देखकर  फफक-फफक कर रो पड़े। 
जिसने देखा वह रो पड़ा
तीनों की लाश देखकर मौके पर मौजूद हर व्यक्ति रो पड़ा। इंस्पेक्टर अजय श्रोतिया के भी आंसू छलक आए। उन्होंने कहा कि  वह बार-बार लोगों से कहते रहे हैं कि बच्चों पर नजर रखो। कच्ची उम्र में बाइक न दो लेकिन कोई नही सुनता। वह सिंह आयल कंपनी के मालिक चरनजीत सिंह के यहां पहुंचे और सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी। विधायक अताउर्ररहमान, नगर पालिका के चेयरमैन अंजुम रशीद, बसपा  नेता नसीम अहमद, महानदल के प्रदेश उपाध्यक्ष नबाव राशिद खां, भाजपा के पूर्व विधायक छत्रपाल सिंह गंगवार, आरिफ एडवोकेड, सलीक कातिब, सुरेश गंगवार, मनोज बजरंगी ने छात्रों के घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की। 
पिटने के डर से नहीं रोकी बस
छात्रों को रौंदकर निकल जाने वाली बस के चालक रामजी तिवारी देवरनियां थाने की हवालात में बंद हैं। उन्होंने कहा कि जब ये घटना हुई तो बस में सवार सभी सवारियां चीखने चिल्लाने लगी। मेरा मन भी बस रोक देने को कर रहा था लेकिन अचानक मन में ख्याल आया कि मौके पर मौजूद भीड़ और लोग उसे पीटकर मार डालेंगे इसलिए उन्होंने बस दौड़ा दी। उन्होंने कहा कि इस घटना का उन्हें भी दुख है। 
शोक में बंद नगर के स्केल
गाडविन पब्लिक इंटर कालेज के प्रबंधक रंजीत सिंह ने छात्रों के शोक में एक दिन स्कूल बंद रखने की घोषणा की है। गीतांजलि इंटर कालेज भी बंद रहेगा। नगर के विभिन्न स्कूल कालेजों ने भी शोक सभा कर छुट्टी करने की बात कही है। 

सावधानी हटी, दुर्घटना घटी
एसपी ट्रैफिक ओपी यादव कहते हैं कि लोग जल्दबाजी में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी कर अपनी जान जोखिम में डालते हैं। नई उम्र के लड़के इतनी खतरनाक गाड़ी चलाते हैं कि देखकर डर लगता है। गाड़ी चलाते समय अपनी सुरक्षा की खुद चिंता करना चाहिए। दुपहिया वाहन चलाते समय ओवरलोडिंग (ट्रिपल राइडिंग) न करें, वाहन की गति नियंत्रित रखें, हेल्मेट लगाकर चलें और सावधानी रखें। घर वालों और स्कूल के शिक्षकों को अपने बच्चों को ट्रैफिक नियमों के बारे मे बताना चहिए। नाबालिग बच्चों को गाड़ी चलाने को नहीं देनी चाहिए। रोडवेज के ड्राइवर अनियंत्रित रूप से बस चलाते हैं। इस बारे में पहले भी रोडवेज अफसरों को पत्र भेजा जा चुका है। बहेड़ी के हादसे को संज्ञान में लेते हुए रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक को दोबारा पत्र भेजा जाएगा। 
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