{"_id":"5915ed5a4f1c1b647f8511ba","slug":"oral-cab-without-registration-can-not-be-done-in-bareilly","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना पंजीकरण बरेली में नहीं चल सकती है ओला कैब","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बिना पंजीकरण बरेली में नहीं चल सकती है ओला कैब
बरेली।
Updated Sat, 13 May 2017 01:08 AM IST
विज्ञापन
file photo
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर में यात्रियाें को ढो रहे मोटर टैक्सी ओला कैब को चलाने के लिए आरटीओ ने पाबंदी लगा दी है। आरटीओ का कहना है कि ओला कैब संचालकाें द्वारा कोई भी नियम पूरा नहीं किया गया है। इसलिए उनकी गाड़ी रेडियो टैक्सी की तरह नहीं चल सकती है। इस संबंध में उन्होंने अपना जवाब डीएम को भेजा है। बता दें कि ओला कैब संचालकाें ने आरटीओ पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था।
ओला कैब दिल्ली समेत कई बड़े शहराें में अपनी सेवाएं दे रही है। रेडियो टैक्सी तरह एक कॉल में टैक्सी हाजिर होती है और कहीं भी ले जाती है। बरेली में पिछले दिनों ओला कैब ने बड़े होर्डिंग लगाकर अपना विज्ञापन किया, कुछ ग्राहक भी आए। लेकिन आरटीओ प्रवर्तन दल ने इनके चलाने पर आपत्ति दर्ज कर दी और चालान की कार्रवाई हुई। इससे नाराज कैब के संचालक गौरव चोपड़ा और वाहिद बेग ने डीएम को पत्र लिखकर शिकायत की। आरटीओ आरआर सोनी ने जिलाधिकारी को दिये अपने जवाब में कहा है कि किराये पर टैक्सी योजना 1989 के तहत कोई भी व्यक्ति सीधे यह कारोबार नहीं कर सकता है। मोटरयान अधिनियम की धारा के अधीन राज्य परिवहन प्राधिकरण से भी मंजूरी लेनी जरूरी है। लेकिन बरेली में ओला कैब संचालकों द्वारा मंजूरी लिये बिना ही संचालन रेडियो टैक्सी की भांति करायाजा रहा है। यह भी बताया कि इनके चालान के दौरान जमा किए गए परमिट भी आवश्यक कार्यवाही के बाद वापस कर दिये गए हैं।
ओला कैब के लिए राज्य स्तर पर या बरेली में पंजीकरण कराना जरूरी है लेकिन ये कैब रेडियो टैक्सी की तरह अपनी मर्जी से शहर में सवारी ढो रहे हैं। डीएम को भी इस संबंध में जानकारी दी जा चुकी है।
विज्ञापन
आरआर सोनी, आरटीओ
विज्ञापन
ओला कैब दिल्ली समेत कई बड़े शहराें में अपनी सेवाएं दे रही है। रेडियो टैक्सी तरह एक कॉल में टैक्सी हाजिर होती है और कहीं भी ले जाती है। बरेली में पिछले दिनों ओला कैब ने बड़े होर्डिंग लगाकर अपना विज्ञापन किया, कुछ ग्राहक भी आए। लेकिन आरटीओ प्रवर्तन दल ने इनके चलाने पर आपत्ति दर्ज कर दी और चालान की कार्रवाई हुई। इससे नाराज कैब के संचालक गौरव चोपड़ा और वाहिद बेग ने डीएम को पत्र लिखकर शिकायत की। आरटीओ आरआर सोनी ने जिलाधिकारी को दिये अपने जवाब में कहा है कि किराये पर टैक्सी योजना 1989 के तहत कोई भी व्यक्ति सीधे यह कारोबार नहीं कर सकता है। मोटरयान अधिनियम की धारा के अधीन राज्य परिवहन प्राधिकरण से भी मंजूरी लेनी जरूरी है। लेकिन बरेली में ओला कैब संचालकों द्वारा मंजूरी लिये बिना ही संचालन रेडियो टैक्सी की भांति करायाजा रहा है। यह भी बताया कि इनके चालान के दौरान जमा किए गए परमिट भी आवश्यक कार्यवाही के बाद वापस कर दिये गए हैं।
विज्ञापन
ओला कैब के लिए राज्य स्तर पर या बरेली में पंजीकरण कराना जरूरी है लेकिन ये कैब रेडियो टैक्सी की तरह अपनी मर्जी से शहर में सवारी ढो रहे हैं। डीएम को भी इस संबंध में जानकारी दी जा चुकी है।
विज्ञापन
आरआर सोनी, आरटीओ