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विवि के कंप्यूटरों पर छात्र अब नहीं कर पाएंगे ‘गंदी बात’
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Thu, 20 Sep 2018 06:38 PM IST
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एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कंप्यूटरों पर छात्र अब अश्लील सामग्री न देख पाएंगे न पढ़ पाएंगे। विश्वविद्यालय कंप्यूटरों में अश्लील सामग्री ब्लॉक करने के लिए पहली बार यूनिफाइड थ्रेट मैनेजमेंट (यूटीएम) सिस्टम लगाने जा रहा है। इसकी मदद से कंप्यूटरों पर न केवल अश्लील सामग्री वाली वेबसाइट ब्लॉक होंगी, बल्कि ऐेसे शब्द भी ब्लॉक रहेंगे जो किसी धर्म या जाति के खिलाफ प्रयोग होते हैं। राष्ट्रीय उच्च शिक्षा अभियान (रूसा) के तहत यह सिस्टम खरीदा जाएगा, जिसकी कीमत सोलह लाख से ज्यादा बैठ रही है।
विश्वविद्यालय की सेंट्रल कंप्यूटर लैब में चार सौ से ज्यादा कंप्यूटर हैं। इसके अलावा विभाग और प्रशासनिक भवन में भी सैकड़ों कंप्यूटर हैं। सभी पर ब्रॉडब्रैंड सेवा है। कंप्यूटर लैब हो या फिर प्रशासनिक भवन कुछ लोग मौका पाते ही अश्लील सामग्री वाली वेबसाइट लॉगिन करते हैं।
इसके अलावा फिल्म और अश्लील वीडियो भी खूब डाउनलोड किए जाते हैं। ज्यादा लोड होने से इंटरनेट की स्पीड घट जाती है। पिछले दिनों शिक्षकों के पास शिकायत भी पहुंची थी कि छात्र अश्लील वेबसाइट देखते हैं। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री भी देखते हैं, जिसमें धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कंटेंट भी शामिल है। कंप्यूटरों पर इस तरह की सामग्री रोकने लिए अब यूटीएम लगाया जाएगा। अश्लील कंटेंट ब्लॉक किया जाएगा। सिर्फ एजुकेशन की जुड़ी सामग्री ही एक्सेस की जा सकेगी।
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वेबसाइट खोली तो हो जाएगा ट्रैस
आजकल कई ऐसी कई वेबसाइट हैं जिनके माध्यम से ब्लॉक वेबसाइट भी खोली जा सकती है। यूटीएम के माध्मय से उसे भी ट्रैस किया जा सकेगा कि किस सिस्टम पर कौन सी वेबसाइट कितने देर के लिए ओपन की गई। यूटीएम सिस्टम हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का मेल है जो सर्वर के साथ लगा दिया जाएगा। जो भी वेबसाइट ओपन होंगी इसकी जानकारी रहेगी।
यूटीएम लगाने की तैयारी है। इस सिस्टम से कैंपस के सर्वर से जुड़े किसी भी कंप्यूटर पर कोई भी वेबसाइट ब्लॉक कर सकते हैं। एजुकेशन से जुड़ी वेबसाइट ही ओपन होंगी। सभी अश्लील सामग्री वाली वेबसाइट ब्लॉक की जाएंगी।
- डॉ. रविंद्र सिंह, प्रभारी सेंट्रल कंप्यूटर लैब
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विश्वविद्यालय की सेंट्रल कंप्यूटर लैब में चार सौ से ज्यादा कंप्यूटर हैं। इसके अलावा विभाग और प्रशासनिक भवन में भी सैकड़ों कंप्यूटर हैं। सभी पर ब्रॉडब्रैंड सेवा है। कंप्यूटर लैब हो या फिर प्रशासनिक भवन कुछ लोग मौका पाते ही अश्लील सामग्री वाली वेबसाइट लॉगिन करते हैं।
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इसके अलावा फिल्म और अश्लील वीडियो भी खूब डाउनलोड किए जाते हैं। ज्यादा लोड होने से इंटरनेट की स्पीड घट जाती है। पिछले दिनों शिक्षकों के पास शिकायत भी पहुंची थी कि छात्र अश्लील वेबसाइट देखते हैं। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री भी देखते हैं, जिसमें धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कंटेंट भी शामिल है। कंप्यूटरों पर इस तरह की सामग्री रोकने लिए अब यूटीएम लगाया जाएगा। अश्लील कंटेंट ब्लॉक किया जाएगा। सिर्फ एजुकेशन की जुड़ी सामग्री ही एक्सेस की जा सकेगी।
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वेबसाइट खोली तो हो जाएगा ट्रैस
आजकल कई ऐसी कई वेबसाइट हैं जिनके माध्यम से ब्लॉक वेबसाइट भी खोली जा सकती है। यूटीएम के माध्मय से उसे भी ट्रैस किया जा सकेगा कि किस सिस्टम पर कौन सी वेबसाइट कितने देर के लिए ओपन की गई। यूटीएम सिस्टम हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का मेल है जो सर्वर के साथ लगा दिया जाएगा। जो भी वेबसाइट ओपन होंगी इसकी जानकारी रहेगी।
यूटीएम लगाने की तैयारी है। इस सिस्टम से कैंपस के सर्वर से जुड़े किसी भी कंप्यूटर पर कोई भी वेबसाइट ब्लॉक कर सकते हैं। एजुकेशन से जुड़ी वेबसाइट ही ओपन होंगी। सभी अश्लील सामग्री वाली वेबसाइट ब्लॉक की जाएंगी।
- डॉ. रविंद्र सिंह, प्रभारी सेंट्रल कंप्यूटर लैब