फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Mother was coming to the funeral, lost daughter and son too

मां की अंत्येष्टि में आ रहे थे, बेटी और बेटे को भी खो दिया

Thu, 30 Mar 2017 01:19 AM IST
बरेली।  
बरेली।   Updated Thu, 30 Mar 2017 01:19 AM IST
विज्ञापन
Mother was coming to the funeral, lost daughter and son too
Mother was coming to the funeral, lost daughter and son too - फोटो : बरेली, अमर उजाला
पीलीभीत हाईवे पर मयूर वन चेतना केंद्र के सामने बुधवार सुबह चार बजे बड़ा हादसा हो गया। मुरादाबाद नगर निगम में जेई संजय कुमार की कार को बेकाबू ट्रक ने सामने से टक्कर मार दी। हादसे में उनकी पांच साल की बेटी और डेढ़ साल के बेटे की मौत हो गई। जबकि संजय और उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं। संजय अपनी मां की अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए कार से परिवार सहित बरेली अपने घर आ रहे थे।  
विज्ञापन

संजय कुमार नंदा को मंगलवार रात करीब 3.30 बजे सूचना मिली कि एक साल से बीमार चल रही उनकी माता गुलाब देवी का देहांत हो गया है। वह अपनी कार से पत्नी शशि, पांच साल की बेटी ध्रुवी और डेढ़ साल के बेटे लवी के साथ चल बरेली के पीलीभीत रोड स्थित चंद्रगुप्त कालोनी के लिए रात में ही रवाना हो गए। वह बड़ा बाईपास होकर पीलीभीत हाईवे पर पहुंचे थे। मयूर वन चेतना के पास अज्ञात ट्रक ने कार को टक्कर मार दी। सड़क किनारे काफी देर तक कार खड़ी रही। किसी ने इसकी सूचना बैरियर वन चौकी इंचार्ज गिरीश जोशी को दी वह मौके पर पहुंच गए। चारों गंभीर से घायल थे। तुरंत एंबुलेंस बुलाकर उन्हें प्राइवेट अस्पताल भेजा गया। लेकिन डॉक्टरों ने ध्रुवी और लवी को मृत घोषित कर दिया। संजीव के दाएं पैर और शशि के हाथ में फ्रेक्चर होने के साथ गंभीर चोटें आई हैं। 
विज्ञापन


दादी और पोते-पोती का शव देख हर कोई रो पड़ा
बरेली। करीब एक साल से बीमार चल रही गुलाब देवी की मंगलवार रात देहांत होने के बाद परिवार दुख में डूबा हुआ था। शोकाकुल परिवार संजय के मुरादाबाद से आने का इंतजार कर रहा था। लेकिन सुबह साढ़े चार बजे परिवार की जगह दो मासूमों की मौत की खबर सुनकर परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा। अंतेष्टि की तैयारी कर रहा परिवार पीलीभीत हाईवे पर घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़ा। कॉलोनी में हादसे की खबर आग की तरह फैल गई। संजय के घर बाहर लोगों की भीड़ जुट गई, सभी की जुबां पर बस एक ही बात थी कि दादी के साथ मासूम बच्चों की मौत का दर्द अब परिवार कैसे सह पाएगा।  दोपहर तक चंद्रगुप्त पुरम कॉलोनी में ध्रुवी और लव के शव पहुंचे तो सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई। जिस घर से एक अर्थी उठनी थी, अब वहां तीन शव उठाये जा रहे थे। कुछ देर में मुरादाबाद के मेयर, नगर निगम आयुक्त सहित पूरा अमला भी पहुंच गया। संजय के बड़े भाई अनिल कुमार ग्रामीण अभियंत्रिक विभाग में हैं। उन्होंने बताया कि संजीव पांच भाइयों में सबसे छोटे थे। छोटे भाई राजीव कुमार टेंट कारोबार का काम करते हैं। कुंवर कुमार भी ग्रामीण अभियंत्रिक विभाग में और इंद्रपाल समाजसेवा करते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


बदहवास हो गईं शशि 
मां की मौत से शोकाकुल परिवार में हादसे के बाद और कोहराम मच गया। दोपहर तक ध्रुवी और लवी की मौत की खबर ने रिश्तेदारों को हिलाकर रख दिया। परिवार के लोग शशि से बच्चों की मौत की खबर छुपाते रहे, लेकिन जब शशि को इसकी खबर मिली तो वह बदहवास हो गईं। परिवार वाले उन्हें ढांढस बधाते रहे। घर आने तक संजय और शशि से बच्चों की मौत छुपाई गई थी। 


फोटो देख रोते रहे रिश्तेदार 
दोनों मासूम बच्चों की फोटो देखकर रिश्तेदार रोते नजर आए। किसी को यकीन नहीं आ रहा था अब दोनों बच्चे इस दुनिया में नहीं है। संजय के बड़े भाई अनिल ने बताया कि लवी का पहला जन्मदिन फहम लॉन से ही मनाया गया था। अक्सर शशि बच्चों के साथ बरेली चली आती थी।  
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed