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नाबालिग छात्रा का अपहरण, गैंगरेप, फिर बेचने का सौदा
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Mon, 15 Aug 2016 12:42 AM IST
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महीने भर पहले सुभाषनगर से अगवा हुई 11वीं की छात्रा को बंधक बनाकर चार लोगों ने कई बार रेप किया। उसे नशे के इंजेक्शन दिए गए। अपहरणकर्ताओं ने जबरन गोमांस तक खिलाने की कोशिश की। विरोध करने पर उसे मारा पीटा जाता था। उसे तीन लाख में बेचने का सौदा तक कर दिया गया। अपहर्ताओं से बचाई गई नाबालिग छात्रा ने थाने में अपनी दास्तां सुनाई। रविवार को परिजनों ने पुलिस की मदद से छात्रा को करगैना के एक घर से मुक्त करा लिया। दो आरोपियों को दबोच लिया गया है।
सुभाषनगर की रहने वाली 15 वर्षीय छात्रा वहीं के एक इंटर कॉलेज में पढ़ती है। वह 13 जुलाई से लापता थी। पिता ने सुभाषनगर थाने में पांच लोगों पर छात्रा को अगवा करने का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बिशारतगंज क्षेत्र के निसोई गांव निवासी भूपेंद्र और उसके पिता को भी नामजद कराया गया था। तभी से परिजन छात्रा की तलाश में जुटे थे। रविवार दोपहर उन्हें छात्रा के करगैना स्थित एक घर में होने की सूचना मिली। उनके संग करगैना चौकी इंचार्ज ने बाबू हुसैन के घर दबिश दी तो छात्रा मिल गई। आरोपी बाबू हुसैन को भी मौके पर दबोच लिया गया। छात्रा और आरोपी दोनों को थाना सुभाषनगर लाया गया। देर शाम मामले में नामजद आरोपी भूपेंद्र को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
जो छात्रा ने बताया
छात्रा ने कहा कि रोज की तरह 13 जुलाई की सुबह करीब सात बजे वह पिता के साथ कॉलेज गई थी। उसे फोन करके रिश्ते के ममेरे भाई भूपेंद्र ने सुभाषनगर पुलिया के पास बुलाया। गेट से पिता के लौट जाने पर कॉलेज के अंदर जाने के बजाय वह सुभाषनगर पुलिया के पास चली गई। वहां भूपेंद्र तो नहीं मिला एक वैगनआर कार लेकर छह लोग खड़े थे। उन्होंने उसे जबरन कार में बैठा लिया। वह चीखती, इससे पहले उसे नशीला रूमाल सुंघा दिया। वहां से ले जाने के बाद दो दिन तक उसे उमरिया गांव में रखा गया। जहां उससे बाबू हूसैन और उसके भाई दिलशाद हुसैन समेत चार लोगों ने रेप किया। वहां से उसे बरेली के ही लंगुरा और अमरोली गांव में रखा गया। छात्रा के मुताबिक उसे इधर-उधर रखने के बाद 13 अगस्त की रात करगैना में बाबू हुसैन के घर रखा गया।
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तीन लाख में कर दिया था सौदा
छात्रा ने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने उसका तीन लाख रुपये में बिहार के एक मौलाना से सौदा कर दिया था। रविवार को उसे मौलाना के सुपुर्द किया जाना था, लेकिन इससे पहले पुलिस ने छापा मार दिया। छात्रा के मुताबिक उसे रोज नशे का इंजेक्शन लगाया जाता था। उसे गोमांस खिलाने की भी कोशिश हुई। उसने विरोध किया तो पीटा गया। उसे खाने में नमक रोटी दी जाती थी।
एक घर से लड़की को मुक्त कराया गया है। घर के मालिक को भी गिरफ्तार किया गया है। लड़की के बताए घटनाक्रम के अनुसार मामले की जांच की जा रही है। मुकदमा पहले से ही दर्ज है। धाराएं बढ़ाई जाएंगी। दूसरे आरोपियों की तलाश भी शुरू की जा रही है। -समीर सौरभ, एसपी सिटी
दरिंदगी के बाद करते थे छात्रा को टार्चर
अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूटी छात्रा की बुरी दशा देख परिवारीजनों की आंखों में आंसू छलक आए। गैंगरेप की शिकार छात्रा सुभाषनगर थाने पहुंची तो खड़ी भी नहीं हो पा रही थी। कमजोरी इतनी मानों कब से बीमार हो। छात्रा का कहना है कि मनमानी के बाद उसे तरह-तरह से प्रताड़ित किया जाता था।
पीड़ित छात्रा ने बताया कि उसे अपहरणकर्ता नशा सुंघाकर ले गए थे। होश आने पर उसने खुद को खंडहरनुमा मकान में पाया। जहां दो लोग गेट पर पहरा दे रहे थे। उसे होश में देख बाबू हुसैन, उसके भाई दिल हुसैन समेत चार लोगों ने रेप किया। उसने चीखना चाहा तो मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और मारपीट की। मनमानी के बाद छात्रा को नशे का इंजेक्शन लगा दिया, जिससे छात्रा दुबारा बेसुध हो गई। वहां यह सिलसिला दो दिन तक चला। अपहरणकर्ता फिर उसे अपनी रिश्तेदारी में लंगुरा गांव ले गए। वहां रेप तो नहीं किया गया, लेकिन छात्रा को कमरे में बंद रखा गया। बेहोश करने के लिए उसे कभी इंजेक्शन लगाते और कभी नशीला रुमाल सुंघाते थे। वहां पांच दिन रखने के बाद अपहरणकर्ता अमरोली गांव ले गए और वहां से दुबारा उमरिया ले जाया गया। आने जाने समय छात्रा की आंखों पर पट्टी बांध दी जाती थी। इस दौरान छात्रा ने कई बार भागना चाहा, लेकिन दो व्यक्ति हमेशा उसकी निगरानी में रहते थे। देख लेने पर कई बार उसे पीटा गया। अपहरणकर्ताओं के आपस में बातचीत करने पर छात्रा को खुद का सौदा किए जाने पता चला।
चाय दुकानदार से खुला राज
बाबू हुसैन के घर अनजान लड़की होने की सुगबुगाहट एक चाय दुकानदार को हो गई। उसने छात्रा के गायब होने की बात सुनी थी। उसे शक हुआ तो छात्रा के परिवार वालों को बता दिया। छात्रा के चाचा समेत परिवार के चार-पांच लोग पुलिस को लेकर बाबू खां के घर पहुंचे। पुलिस के आने का पता चलने पर बाकी आरोपी भाग गए, लेकिन बाबू खां पुलिस के हत्थे चढ़ गया। परिवार वालों को देख छात्रा दौड़कर अपने चाचा से लिपट गई।
आरोपी बाबू हुसैन की कहानी
सुभाषनगर थाने में बाबू हुसैन ने बताया कि वह करगैना में ठेला लगाता है। 13 जुलाई की सुबह वहां पहुंची इस लड़की ने अपना मोबाइल रिचार्ज कराने को दस रुपये मांगे, जो उसने दे दिए। कुछ देर बाद उसने 20 रुपये लिए। फिर वह कहने लगी कि कि मैं घर जाऊंगी तो पापा पिटाई लगाएंगे। इसलिए कहीं दो-तीन घंटे रुकवा दो। बाबू हुसैन के मुताबिक उसने लड़की को अपनी रिश्तेदारी में करेली पहुंचा दिया, लेकिन दोपहर बजे रिश्तेदारी से ले आया। फिर लड़की अपने घर जाने को तैयार नहीं हुई, जिससे वह अपने साथ घर ले गया और तब से वहीं रह रही थी। उसने छात्रा के साथ रेप करने की बात भी स्वीकार की। बाबू हुसैन की पत्नी और चार बच्चे हैं। उसकी पत्नी ने अनजान लड़की को लाने का विरोध भी किया था। मगर उसे बाबू हुसैन ने धमका दिया।
आरोपी ममेरा भाई हिरासत में
छात्रा के गायब होने पर उसके पिता ने सुभाषनगर थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें छात्रा के ममेरे भाई भूपेंद्र और उसके पिता को नामजद किया गया था। छात्रा के बरामद होने के बाद पुलिस ने आरोपी भूपेंद्र को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में भूपेंद्र बताया कि वह छात्रा से मोबाइल पर बात करता था, लेकिन छात्रा के अपहरण में उसका कोई रोल नहीं है। उसके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया था। काल डिटेल में पता चला है कि गायब रहने के दौरान भी भूपेंद्र से छात्रा की बात हुई है।
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सुभाषनगर की रहने वाली 15 वर्षीय छात्रा वहीं के एक इंटर कॉलेज में पढ़ती है। वह 13 जुलाई से लापता थी। पिता ने सुभाषनगर थाने में पांच लोगों पर छात्रा को अगवा करने का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बिशारतगंज क्षेत्र के निसोई गांव निवासी भूपेंद्र और उसके पिता को भी नामजद कराया गया था। तभी से परिजन छात्रा की तलाश में जुटे थे। रविवार दोपहर उन्हें छात्रा के करगैना स्थित एक घर में होने की सूचना मिली। उनके संग करगैना चौकी इंचार्ज ने बाबू हुसैन के घर दबिश दी तो छात्रा मिल गई। आरोपी बाबू हुसैन को भी मौके पर दबोच लिया गया। छात्रा और आरोपी दोनों को थाना सुभाषनगर लाया गया। देर शाम मामले में नामजद आरोपी भूपेंद्र को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
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जो छात्रा ने बताया
छात्रा ने कहा कि रोज की तरह 13 जुलाई की सुबह करीब सात बजे वह पिता के साथ कॉलेज गई थी। उसे फोन करके रिश्ते के ममेरे भाई भूपेंद्र ने सुभाषनगर पुलिया के पास बुलाया। गेट से पिता के लौट जाने पर कॉलेज के अंदर जाने के बजाय वह सुभाषनगर पुलिया के पास चली गई। वहां भूपेंद्र तो नहीं मिला एक वैगनआर कार लेकर छह लोग खड़े थे। उन्होंने उसे जबरन कार में बैठा लिया। वह चीखती, इससे पहले उसे नशीला रूमाल सुंघा दिया। वहां से ले जाने के बाद दो दिन तक उसे उमरिया गांव में रखा गया। जहां उससे बाबू हूसैन और उसके भाई दिलशाद हुसैन समेत चार लोगों ने रेप किया। वहां से उसे बरेली के ही लंगुरा और अमरोली गांव में रखा गया। छात्रा के मुताबिक उसे इधर-उधर रखने के बाद 13 अगस्त की रात करगैना में बाबू हुसैन के घर रखा गया।
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तीन लाख में कर दिया था सौदा
छात्रा ने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने उसका तीन लाख रुपये में बिहार के एक मौलाना से सौदा कर दिया था। रविवार को उसे मौलाना के सुपुर्द किया जाना था, लेकिन इससे पहले पुलिस ने छापा मार दिया। छात्रा के मुताबिक उसे रोज नशे का इंजेक्शन लगाया जाता था। उसे गोमांस खिलाने की भी कोशिश हुई। उसने विरोध किया तो पीटा गया। उसे खाने में नमक रोटी दी जाती थी।
एक घर से लड़की को मुक्त कराया गया है। घर के मालिक को भी गिरफ्तार किया गया है। लड़की के बताए घटनाक्रम के अनुसार मामले की जांच की जा रही है। मुकदमा पहले से ही दर्ज है। धाराएं बढ़ाई जाएंगी। दूसरे आरोपियों की तलाश भी शुरू की जा रही है। -समीर सौरभ, एसपी सिटी
दरिंदगी के बाद करते थे छात्रा को टार्चर
अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूटी छात्रा की बुरी दशा देख परिवारीजनों की आंखों में आंसू छलक आए। गैंगरेप की शिकार छात्रा सुभाषनगर थाने पहुंची तो खड़ी भी नहीं हो पा रही थी। कमजोरी इतनी मानों कब से बीमार हो। छात्रा का कहना है कि मनमानी के बाद उसे तरह-तरह से प्रताड़ित किया जाता था।
पीड़ित छात्रा ने बताया कि उसे अपहरणकर्ता नशा सुंघाकर ले गए थे। होश आने पर उसने खुद को खंडहरनुमा मकान में पाया। जहां दो लोग गेट पर पहरा दे रहे थे। उसे होश में देख बाबू हुसैन, उसके भाई दिल हुसैन समेत चार लोगों ने रेप किया। उसने चीखना चाहा तो मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और मारपीट की। मनमानी के बाद छात्रा को नशे का इंजेक्शन लगा दिया, जिससे छात्रा दुबारा बेसुध हो गई। वहां यह सिलसिला दो दिन तक चला। अपहरणकर्ता फिर उसे अपनी रिश्तेदारी में लंगुरा गांव ले गए। वहां रेप तो नहीं किया गया, लेकिन छात्रा को कमरे में बंद रखा गया। बेहोश करने के लिए उसे कभी इंजेक्शन लगाते और कभी नशीला रुमाल सुंघाते थे। वहां पांच दिन रखने के बाद अपहरणकर्ता अमरोली गांव ले गए और वहां से दुबारा उमरिया ले जाया गया। आने जाने समय छात्रा की आंखों पर पट्टी बांध दी जाती थी। इस दौरान छात्रा ने कई बार भागना चाहा, लेकिन दो व्यक्ति हमेशा उसकी निगरानी में रहते थे। देख लेने पर कई बार उसे पीटा गया। अपहरणकर्ताओं के आपस में बातचीत करने पर छात्रा को खुद का सौदा किए जाने पता चला।
चाय दुकानदार से खुला राज
बाबू हुसैन के घर अनजान लड़की होने की सुगबुगाहट एक चाय दुकानदार को हो गई। उसने छात्रा के गायब होने की बात सुनी थी। उसे शक हुआ तो छात्रा के परिवार वालों को बता दिया। छात्रा के चाचा समेत परिवार के चार-पांच लोग पुलिस को लेकर बाबू खां के घर पहुंचे। पुलिस के आने का पता चलने पर बाकी आरोपी भाग गए, लेकिन बाबू खां पुलिस के हत्थे चढ़ गया। परिवार वालों को देख छात्रा दौड़कर अपने चाचा से लिपट गई।
आरोपी बाबू हुसैन की कहानी
सुभाषनगर थाने में बाबू हुसैन ने बताया कि वह करगैना में ठेला लगाता है। 13 जुलाई की सुबह वहां पहुंची इस लड़की ने अपना मोबाइल रिचार्ज कराने को दस रुपये मांगे, जो उसने दे दिए। कुछ देर बाद उसने 20 रुपये लिए। फिर वह कहने लगी कि कि मैं घर जाऊंगी तो पापा पिटाई लगाएंगे। इसलिए कहीं दो-तीन घंटे रुकवा दो। बाबू हुसैन के मुताबिक उसने लड़की को अपनी रिश्तेदारी में करेली पहुंचा दिया, लेकिन दोपहर बजे रिश्तेदारी से ले आया। फिर लड़की अपने घर जाने को तैयार नहीं हुई, जिससे वह अपने साथ घर ले गया और तब से वहीं रह रही थी। उसने छात्रा के साथ रेप करने की बात भी स्वीकार की। बाबू हुसैन की पत्नी और चार बच्चे हैं। उसकी पत्नी ने अनजान लड़की को लाने का विरोध भी किया था। मगर उसे बाबू हुसैन ने धमका दिया।
आरोपी ममेरा भाई हिरासत में
छात्रा के गायब होने पर उसके पिता ने सुभाषनगर थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें छात्रा के ममेरे भाई भूपेंद्र और उसके पिता को नामजद किया गया था। छात्रा के बरामद होने के बाद पुलिस ने आरोपी भूपेंद्र को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में भूपेंद्र बताया कि वह छात्रा से मोबाइल पर बात करता था, लेकिन छात्रा के अपहरण में उसका कोई रोल नहीं है। उसके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया था। काल डिटेल में पता चला है कि गायब रहने के दौरान भी भूपेंद्र से छात्रा की बात हुई है।