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दरोगा का फर्जी आय प्रमाण पत्र निरस्त
बरेली
Updated Sat, 28 Feb 2015 01:18 AM IST
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गरीबों की तरह सरकारी सुविधाएं पाने के लिए सदर तहसील से बना मुरादाबाद के दरोगा ओमप्रकाश का फर्जी आय प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया है। आवेदन पर रिपोर्ट लगाने वाले लेखपाल का जवाब-तलब किया गया है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि दरोगा ने आय प्रमाण पत्र का इस्तेमाल कहां किया।
बिशारतगंज के अखा गांव निवासी सब इंस्पेक्टर ओमप्रकाश मुरादाबाद में तैनात हैं। चार जुलाई 2012 को उनके नाम से सदर तहसील से सात हजार रुपये मासिक आय का प्रमाण पत्र जारी हुआ था। इसके लिए दरोगा का फर्जी पता करगैना लिखाया गया। मामला संज्ञान में आने पर तहसीलदार खालिद अंजुम खान ने प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया है। लेखपाल राजीव सक्सेना का जवाब तलब किया है। तहसीलदार ने बताया कि हालांकि आय प्रमाण पत्र से अब तक क्या लाभ लिया गया यह स्पष्ट नहीं हो सका है मगर विभागीय अफसरों को भी इस मामले की रिपोर्ट भेजी जा रही है। पता लगाया जा रहा है कि फर्जी आय प्रमाण पत्र का कहां इस्तेमाल किया गया। डीएम बरेली से सिफारिश की गई है कि दरोगा के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुरादाबाद के डीएम और एसएसपी को पत्र लिखा जाए क्योंकि सरकारी पद पर रहते हुए आय प्रमाणपत्र बनवाने में तथ्यों और वास्तविकता को छिपाया गया है। उधर, दरोगा ओमप्रकाश का कहना है कि उन्होंने आय प्रमाणपत्र के लिए कोई आवेदन नहीं किया था। हो सकता है कि किसी ने साजिश के तहत उनके नाम से आय प्रमाणपत्र बनवाया हो।
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बिशारतगंज के अखा गांव निवासी सब इंस्पेक्टर ओमप्रकाश मुरादाबाद में तैनात हैं। चार जुलाई 2012 को उनके नाम से सदर तहसील से सात हजार रुपये मासिक आय का प्रमाण पत्र जारी हुआ था। इसके लिए दरोगा का फर्जी पता करगैना लिखाया गया। मामला संज्ञान में आने पर तहसीलदार खालिद अंजुम खान ने प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया है। लेखपाल राजीव सक्सेना का जवाब तलब किया है। तहसीलदार ने बताया कि हालांकि आय प्रमाण पत्र से अब तक क्या लाभ लिया गया यह स्पष्ट नहीं हो सका है मगर विभागीय अफसरों को भी इस मामले की रिपोर्ट भेजी जा रही है। पता लगाया जा रहा है कि फर्जी आय प्रमाण पत्र का कहां इस्तेमाल किया गया। डीएम बरेली से सिफारिश की गई है कि दरोगा के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुरादाबाद के डीएम और एसएसपी को पत्र लिखा जाए क्योंकि सरकारी पद पर रहते हुए आय प्रमाणपत्र बनवाने में तथ्यों और वास्तविकता को छिपाया गया है। उधर, दरोगा ओमप्रकाश का कहना है कि उन्होंने आय प्रमाणपत्र के लिए कोई आवेदन नहीं किया था। हो सकता है कि किसी ने साजिश के तहत उनके नाम से आय प्रमाणपत्र बनवाया हो।
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