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पुलिस फेल हुई तो प्रधान जी ने खुद खोला ‘केस
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Mon, 25 Apr 2016 01:34 AM IST
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मोबाइल के साथ प्रधान जी
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पुलिस की तफ्तीश शुरू भी नहीं हो पाई। प्रधान जी ने खुद तफ्तीश करके चोरी हुआ अपना मोबाइल बरामद करके सीओ तृतीय एएसपी आकाश तोमर के पास लेकर पहुंच गए। गुब्बारे बेचने वाला युवक उनका मोबाइल मासूम बच्चे से बहलाकर ले गया था। इसके बदले वह मासूम को दो गुब्बारे दे गया था। एएसपी ने आरोपी युवक के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
नवाबगंज के टाह प्यारी नवादा गांव के प्रधान अनीसउद्दीन अपने परिवार के साथ बच्चों की पढ़ाई की वजह से कटीकुईयां में किराए के मकान में रहते हैं। 16 अप्रैल को प्रधान के घर में करीब पांच साल का मासूम मुन्ना ही अकेला था। बाकी बच्चे स्कूल गए हुए थे। उनकी पत्नी काम में लगी हुईं थीं। परिवार के बाकी लोग भी इधर-उधर गए थे। इसी बीच एक गुब्बारे वाला उनके घर के पास पहुंच गया। गुब्बारे वाले की आवाज सुनते ही मुन्ना घर से बाहर आ गया। मुन्ना ने गुब्बारा मांगा तो बेचने वाला घर से कुछ लाने को कहने लगा। इस पर मुन्ना घर से स्मार्टफोन उठा लाया। उसने दो गुब्बारे मुन्ना को थमाए और मोबाइल लेकर चलता बना। प्रधान जी घर वापस आकर देखा तो मोबाइल गायब था। मासूम ने बताया कि मोबाइल गुब्बारे वाला ले गया है। प्रधान के शिकायत करने पर एएसपी ने मोबाइल चोरी का मुकदमा दर्ज करा दिया। इस मामले में पुलिस की जांच एक कदम भी नहीं बढ़ी। पुलिस के ढुलमुल रवैये को देखते हुए प्रधान जी ने खुद की तफ्तीश शुरू कर दी।
कैसे पकड़ा
प्रधान गुब्बारे को तलाशते हुए एक पार्षद के पास पहुंच गए। वहां से उस व्यक्ति का पता मिल गया, जहां से गुब्बारे बेचने वाला साइकिल किराए पर लेता था। साइकिल वाले की मदद से प्रधान ने गुब्बारे वाले को उसके घर से ही दबोच लिया। उसने अपना नाम मौसमी बताया। उन्होंने मौसमी से कड़ाई से पूछा तो उसने मोबाइल लेने की बात कुबूल कर ली। उसने बताया कि मोबाइल एजाज नगर गौटिया के मच्छरदारी बेचने वाले को बेचा है। वह पीलीभीत बाईपास पर मच्छरदानी बेचता है। प्रधान मौसमी को साथ लेकर पीलीभीत बाईपास पहुंचा जहां रजी हसन मच्छरदानी बेचते मिल गया। अनीसुद्दीन ने जब उससे मोबाइल की बात कही तो कहने लगा ढाई हजार में खरीदा है क्यों दूं...पुलिस बुलाने की चेतावनी पर उसने मोबाइल दे दिया। इस तफ्तीश में प्रधान के दोस्त शफीक कुरैशी ने भी मदद की। दोनों ने एएसपी को जाकर पूरी कहानी सुनाई तो उन्होंने भी सराहा। साथ ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन भी दिया।
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नवाबगंज के टाह प्यारी नवादा गांव के प्रधान अनीसउद्दीन अपने परिवार के साथ बच्चों की पढ़ाई की वजह से कटीकुईयां में किराए के मकान में रहते हैं। 16 अप्रैल को प्रधान के घर में करीब पांच साल का मासूम मुन्ना ही अकेला था। बाकी बच्चे स्कूल गए हुए थे। उनकी पत्नी काम में लगी हुईं थीं। परिवार के बाकी लोग भी इधर-उधर गए थे। इसी बीच एक गुब्बारे वाला उनके घर के पास पहुंच गया। गुब्बारे वाले की आवाज सुनते ही मुन्ना घर से बाहर आ गया। मुन्ना ने गुब्बारा मांगा तो बेचने वाला घर से कुछ लाने को कहने लगा। इस पर मुन्ना घर से स्मार्टफोन उठा लाया। उसने दो गुब्बारे मुन्ना को थमाए और मोबाइल लेकर चलता बना। प्रधान जी घर वापस आकर देखा तो मोबाइल गायब था। मासूम ने बताया कि मोबाइल गुब्बारे वाला ले गया है। प्रधान के शिकायत करने पर एएसपी ने मोबाइल चोरी का मुकदमा दर्ज करा दिया। इस मामले में पुलिस की जांच एक कदम भी नहीं बढ़ी। पुलिस के ढुलमुल रवैये को देखते हुए प्रधान जी ने खुद की तफ्तीश शुरू कर दी।
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कैसे पकड़ा
प्रधान गुब्बारे को तलाशते हुए एक पार्षद के पास पहुंच गए। वहां से उस व्यक्ति का पता मिल गया, जहां से गुब्बारे बेचने वाला साइकिल किराए पर लेता था। साइकिल वाले की मदद से प्रधान ने गुब्बारे वाले को उसके घर से ही दबोच लिया। उसने अपना नाम मौसमी बताया। उन्होंने मौसमी से कड़ाई से पूछा तो उसने मोबाइल लेने की बात कुबूल कर ली। उसने बताया कि मोबाइल एजाज नगर गौटिया के मच्छरदारी बेचने वाले को बेचा है। वह पीलीभीत बाईपास पर मच्छरदानी बेचता है। प्रधान मौसमी को साथ लेकर पीलीभीत बाईपास पहुंचा जहां रजी हसन मच्छरदानी बेचते मिल गया। अनीसुद्दीन ने जब उससे मोबाइल की बात कही तो कहने लगा ढाई हजार में खरीदा है क्यों दूं...पुलिस बुलाने की चेतावनी पर उसने मोबाइल दे दिया। इस तफ्तीश में प्रधान के दोस्त शफीक कुरैशी ने भी मदद की। दोनों ने एएसपी को जाकर पूरी कहानी सुनाई तो उन्होंने भी सराहा। साथ ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन भी दिया।
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