{"_id":"580e53cc4f1c1b944ebc205f","slug":"if-not-paid-to-maternal-the-driver-left-102","type":"story","status":"publish","title_hn":"पैसे नहीं दिए तो प्रसूता को छोड़ गया 102 का चालक","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पैसे नहीं दिए तो प्रसूता को छोड़ गया 102 का चालक
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Tue, 25 Oct 2016 01:14 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश सरकार की ओर से गर्भवती और प्रसूताआें को घर से अस्पताल और अस्पताल से घर छोड़ने के लिए 102 एंबुलेंस सेवा की व्यवस्था है, लेकिन इस व्यवस्था को फेल खुद एंबुलेंस स्टॉफ करने पर तुला है, जिसकी बानगी आज सोमवार को देखने को मिली। फरीदपुर की एक प्रसूता को जिला महिला अस्पताल से घर छोड़ने के लिए एंबुलेंस स्टॉफ ने 500 रुपये की मांग की। न देने पर छोड़कर चले गए। महिला के घरवालों ने मामले की शिकायत टोल फ्री नंबर पर की है।
फरीदपुर के भगवानपुर बलरामपुर गांव के रहने वाले धीरेंद्र की गर्भवती पत्नी बेगमवती तीन दिन पहले जिला महिला अस्पताल में भर्ती हुई थी। शनिवार को बेगमवती ने बेटे को जन्म दिया। सोमवार को उसकी छुट्टी कर दी गई। प्रसूता और उसके पति धीरेंद्र ने दोपहर में 102 एंबुलेंस से संपर्क किया। एंबुलेंस चालक ने उनसे इंतजार करने को कहा। धीरेंद्र ने बताया कि जब चार से पांच महिलाएं एंबुलेंस में बैठ गईं तो एंबुलेंस स्टॉफ ने फरीदपुर जाने से मना कर दिया। धीरेंद्र और उसकी पत्नी ने सिफारिश की तो 500 रुपये मांगे गए। जब उन्होंने पैसे न देने की बात कही तो चालक ने साथ ले जाने से मना कर दिया गया। थोड़ी देर बाद धीरेंद्र 400 रुपये कहीं ले आया और चालक को देकर साथ ले चलने को कहा, लेकिन चालक उनको छोड़कर आगे बढ़ गया। धीरेंद्र ने बताया कि चालक जिन महिलाओं को एंबुलेंस में बैठाकर लेकर गया उन्होंने मुंहमांगी रकम अदा की थी। बाद में मामले की शिकायत धीरेंद्र ने 18001801900 पर कॉल कर की।
विज्ञापन
फरीदपुर के भगवानपुर बलरामपुर गांव के रहने वाले धीरेंद्र की गर्भवती पत्नी बेगमवती तीन दिन पहले जिला महिला अस्पताल में भर्ती हुई थी। शनिवार को बेगमवती ने बेटे को जन्म दिया। सोमवार को उसकी छुट्टी कर दी गई। प्रसूता और उसके पति धीरेंद्र ने दोपहर में 102 एंबुलेंस से संपर्क किया। एंबुलेंस चालक ने उनसे इंतजार करने को कहा। धीरेंद्र ने बताया कि जब चार से पांच महिलाएं एंबुलेंस में बैठ गईं तो एंबुलेंस स्टॉफ ने फरीदपुर जाने से मना कर दिया। धीरेंद्र और उसकी पत्नी ने सिफारिश की तो 500 रुपये मांगे गए। जब उन्होंने पैसे न देने की बात कही तो चालक ने साथ ले जाने से मना कर दिया गया। थोड़ी देर बाद धीरेंद्र 400 रुपये कहीं ले आया और चालक को देकर साथ ले चलने को कहा, लेकिन चालक उनको छोड़कर आगे बढ़ गया। धीरेंद्र ने बताया कि चालक जिन महिलाओं को एंबुलेंस में बैठाकर लेकर गया उन्होंने मुंहमांगी रकम अदा की थी। बाद में मामले की शिकायत धीरेंद्र ने 18001801900 पर कॉल कर की।
विज्ञापन