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हिस्ट्रीशीटर जगपाल ने सिपाहियों को धुना
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Fri, 20 May 2016 02:04 AM IST
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बभिया के हिस्ट्रीशीटर जगपाल यादव व उसके भाई सूरजपाल को कचहरी परिसर में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट के नुक्कड़ पर लगी टंकी के पास सिपाहियों ने धक्का दे दिया। इस पर बंदियों ने हंगामा कर दिया। दोनों भाई अपर सत्र न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम संजीव फौजदार के न्यायालय से पेश होकर लौट रहे थे। सिपाहियों ने उन्हें शांत करने को हड़काने की कोशिश तो जगपाल ने उनसे हाथापाई कर दी।
थाना कैंट के बभिया गांव का हिस्ट्रीशीटर जगपाल यादव और उसका भाई सूरजपाल यादव छह माह से बबलू हत्याकांड में जेल में है। बृहस्पतिवार की सुबह जेल से दोनों को पेशी पर लाया गया था। दोपहर करीब दो बजे दोनों भाई बंदियों से साथ पेशी से लौट रहे थे। इस दौरान सीजेएम कोर्ट के पास पानी की टंकी पर सूरजपाल पानी पीने को रुक गया। उसके साथ ड्यूटी पर तैनात सिपाही ने पानी पीते वक्त उसे धक्का दे दिया। इस पर बंदी आक्रोशित हो गए और हंगामा करने लगे। साथ में मौजूद जगपाल ने सिपाहियों से हाथापाई कर दी। जगपाल और सिपाहियों के बीच जमकर कहासुनी हुई। सूचना पर कोतवाली से प्रभारी निरीक्षक सुधीर पाल धामा मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसी तरह जगपाल और हड़काकर मामला शांत किया। जगपाल के अधिवक्ता मदन गोपाल सिंह चौहान ने बताया कि सिपाही ने पानी पीते वक्तसूरजपाल को धक्का दे दिया। यह अमानवीय व्यवहार का सुबूत है। इतनी भीषण गर्मी में पानी पीने से सिपाही को नहीं रोकना चाहिए था।
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थाना कैंट के बभिया गांव का हिस्ट्रीशीटर जगपाल यादव और उसका भाई सूरजपाल यादव छह माह से बबलू हत्याकांड में जेल में है। बृहस्पतिवार की सुबह जेल से दोनों को पेशी पर लाया गया था। दोपहर करीब दो बजे दोनों भाई बंदियों से साथ पेशी से लौट रहे थे। इस दौरान सीजेएम कोर्ट के पास पानी की टंकी पर सूरजपाल पानी पीने को रुक गया। उसके साथ ड्यूटी पर तैनात सिपाही ने पानी पीते वक्त उसे धक्का दे दिया। इस पर बंदी आक्रोशित हो गए और हंगामा करने लगे। साथ में मौजूद जगपाल ने सिपाहियों से हाथापाई कर दी। जगपाल और सिपाहियों के बीच जमकर कहासुनी हुई। सूचना पर कोतवाली से प्रभारी निरीक्षक सुधीर पाल धामा मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसी तरह जगपाल और हड़काकर मामला शांत किया। जगपाल के अधिवक्ता मदन गोपाल सिंह चौहान ने बताया कि सिपाही ने पानी पीते वक्तसूरजपाल को धक्का दे दिया। यह अमानवीय व्यवहार का सुबूत है। इतनी भीषण गर्मी में पानी पीने से सिपाही को नहीं रोकना चाहिए था।
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