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इधर मिट्टी का तेल उड़ेला उधर थाने में दर्ज हुई एफआईआर
बरेली।
Updated Sat, 13 May 2017 01:11 AM IST
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Professor Mushahid Hussain three The Vice ChancellorHere the kerosene oil was flown and the FIR lodged in the police station
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
प्रशासकीय व्यवस्था से निराश एक पीड़िता ने थानों से लेकर अधिकारियों के कार्यालय मेें फरियाद की, लेकिन उसकी सुनवाई कहीं नहीं हुई। पुलिस एफआईआर दर्ज कराने में तमाम दिक्कतों का हवाला देती रही। तीन महीनों से अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काटने के बाद शुक्रवार को डीएम पिंक जोवल के निर्देश पर चंद घंटों में सीबीगंज थाने में पीड़िता की एफआईआर दर्ज हो गई।
पुलिस के अनुसार पीड़िता ने कोर्ट के जरिये 153 (3) में मुकदमा दर्ज करवाना चाहा था। कोर्ट ने सीबीगंज थाने से बीती 28 फरवरी को आख्या मांगी थी। आख्या कोर्ट जाने के बाद चार अप्रैल को कोर्ट ने एफआइआर का आदेश न करके परिवार वाद प्रस्तुत करने के लिए कहा था। जिसकी तारीख 22 मई निश्चित की गई थी। हालांकि इस बात का जवाब पुलिस के पास नहीं है कि आखिर पीड़िता को कोर्ट में जाने की जरूरत क्यों पड़ी। थाने में ही सुनवाई हो जानी चाहिए थी।
महिला थाने में पीड़िता के कपड़े बदलवाये
कलेक्ट्रेट से पीड़िता को लेकर पुलिस कोतवाली पहुंची। पीड़िता ने बुर्का पहना हुआ था। उसका बुर्का पूरी तरह से मिट्टी के तेल से भीगा हुआ था। कोतवाली पुलिस ने पीड़िता को महिला थाने लाकर कपड़े बदला दिए। कोतवाल कमलेश कांत वर्मा और सीबीगंज थाने के इंस्पेक्टर गणेश दत्त जोशी पहुंचे। पीड़िता को लेकर सीबीगंज पहुंचे और सामूहिक दुष्कर्म, दहेज प्रताड़ना की धारा में पति तौफीक, सास नईम, बहनोई शकील उर्फ गुड्डूू और अकील के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया गया।
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पुलिस के अनुसार पीड़िता ने कोर्ट के जरिये 153 (3) में मुकदमा दर्ज करवाना चाहा था। कोर्ट ने सीबीगंज थाने से बीती 28 फरवरी को आख्या मांगी थी। आख्या कोर्ट जाने के बाद चार अप्रैल को कोर्ट ने एफआइआर का आदेश न करके परिवार वाद प्रस्तुत करने के लिए कहा था। जिसकी तारीख 22 मई निश्चित की गई थी। हालांकि इस बात का जवाब पुलिस के पास नहीं है कि आखिर पीड़िता को कोर्ट में जाने की जरूरत क्यों पड़ी। थाने में ही सुनवाई हो जानी चाहिए थी।
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महिला थाने में पीड़िता के कपड़े बदलवाये
कलेक्ट्रेट से पीड़िता को लेकर पुलिस कोतवाली पहुंची। पीड़िता ने बुर्का पहना हुआ था। उसका बुर्का पूरी तरह से मिट्टी के तेल से भीगा हुआ था। कोतवाली पुलिस ने पीड़िता को महिला थाने लाकर कपड़े बदला दिए। कोतवाल कमलेश कांत वर्मा और सीबीगंज थाने के इंस्पेक्टर गणेश दत्त जोशी पहुंचे। पीड़िता को लेकर सीबीगंज पहुंचे और सामूहिक दुष्कर्म, दहेज प्रताड़ना की धारा में पति तौफीक, सास नईम, बहनोई शकील उर्फ गुड्डूू और अकील के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया गया।
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