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Ambala News: मनिंद्र कौर की हत्या और मनिंद्र सिंह की मौत का दो महीने बाद भी पुलिस नहीं खोल सकी राज
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मनप्रीत कौर और मनिंद्र सिंह (फाइल फोटो)
- फोटो : samvad
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। चर्चित मनिंद्र कौर (38) हत्याकांड और मनिंद्र सिंह (27) की मौत के दो माह बीत जाने के बावजूद पुलिस की जांच किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। दो महीने पहले हुए इस दोहरे घटनाक्रम में मौत की कड़ियां अब भी बिखरी हुई हैं।
बलदेव नगर थाना पुलिस की जांच की सुई अब बिसरा रिपोर्ट पर आकर टिक गई है। इस मामले में सबसे अहम बात यह है कि मनिंद्र कौर का शव कार से बरामद होने के बाद जब मुख्य आरोपी माने जा रहे मनिंद्र सिंह का शव अंबाला-पटियाला रेल लाइन पर मिला, तो पुलिस ने प्राथमिक रूप से इसे आत्महत्या माना था।
लेकिन पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि मनिंद्र सिंह आत्महत्या करने के दौरान ऐसा कोई सुसाइड नोट या प्रत्यक्ष साक्ष्य छोड़कर नहीं गया, जिससे यह कानूनी तौर पर साबित हो सके कि मनिंद्र कौर की हत्या उसी ने की थी। रेल ट्रैक पर मिला उसका मोबाइल भी टूट चुका था, जिससे कई डिजिटल सबूत भी मिट गए। इसके अलावा, परिजनों द्वारा मामले में किसी तीसरे शख्स की मौजूदगी की जताई गई आशंका ने भी पुलिस की तफ्तीश को उलझा रखा है।
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अंबाला सिटी। चर्चित मनिंद्र कौर (38) हत्याकांड और मनिंद्र सिंह (27) की मौत के दो माह बीत जाने के बावजूद पुलिस की जांच किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। दो महीने पहले हुए इस दोहरे घटनाक्रम में मौत की कड़ियां अब भी बिखरी हुई हैं।
बलदेव नगर थाना पुलिस की जांच की सुई अब बिसरा रिपोर्ट पर आकर टिक गई है। इस मामले में सबसे अहम बात यह है कि मनिंद्र कौर का शव कार से बरामद होने के बाद जब मुख्य आरोपी माने जा रहे मनिंद्र सिंह का शव अंबाला-पटियाला रेल लाइन पर मिला, तो पुलिस ने प्राथमिक रूप से इसे आत्महत्या माना था।
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लेकिन पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि मनिंद्र सिंह आत्महत्या करने के दौरान ऐसा कोई सुसाइड नोट या प्रत्यक्ष साक्ष्य छोड़कर नहीं गया, जिससे यह कानूनी तौर पर साबित हो सके कि मनिंद्र कौर की हत्या उसी ने की थी। रेल ट्रैक पर मिला उसका मोबाइल भी टूट चुका था, जिससे कई डिजिटल सबूत भी मिट गए। इसके अलावा, परिजनों द्वारा मामले में किसी तीसरे शख्स की मौजूदगी की जताई गई आशंका ने भी पुलिस की तफ्तीश को उलझा रखा है।
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