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आर्थिक तंगी में महिला ने फांसी लगाकर दे दी जान
बरेली।
Updated Mon, 27 Feb 2017 01:26 AM IST
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पीर बहोड़ा में रिक्शा चालक की 39 वर्षीय पत्नी महरुन्निशां ने फांसी पर लटककर जान दे दी। महिला का परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। परिवारवाले पुलिस को बिना बताए ही शव को सुपुर्दे खाक करना चाहते थे। इसी बीच पता लगाने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई पर विरोध की वजह से पोस्टमार्टम नहीं कराया।
थाना इज्जतनगर के पीर बहोड़ा निवासी मुशर्रफ खां की शादी 22 साल पहले असगर अली खां की बेटी से हुई थी। शादी के बाद मुशर्रफ खां ससुराल में ही रहने लगा था। इसी बीच असगर अली पांच बच्चों को छोड़कर मर गया। मुशर्रफ के भी सात बच्चे हैं। इन सभी को मुशर्रफ ही रिक्शा चलाकर पालने लगा, लेकिन आर्थिक संकट बना रहा। बीते कुछ समय से मेहरुन्निशां बीमार भी हो गई थी। शनिवार रात करीब एक बजे दुपट्टे का फंदा बनाकर मेहरुन्निशा छत के गार्डर के सहारे फांसी के फंदे पर लटक गई। इससे उसकी मौत हो गई। परिवारवालों ने मेहरुन्निशां को किसी तरह फंदे से उतारा। परिवारवाले पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे, लेकिन घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बन पाई। इस पर पुलिस ने परिवारवालों से यह लिखवाकर ले लिया कि वे पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते हैं। उन्हें इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं करनी है। प्रभारी निरीक्षक गीतेश कपिल ने बताया कि परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। मुशर्रफ रिक्शा चलाकर परिवार पाल रहा था। महिला ने दिमागी तौर पर परेशान होकर आत्महत्या की है, लेकिन कोई भी कार्रवाई के लिए तैयार नहीं हुआ।
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थाना इज्जतनगर के पीर बहोड़ा निवासी मुशर्रफ खां की शादी 22 साल पहले असगर अली खां की बेटी से हुई थी। शादी के बाद मुशर्रफ खां ससुराल में ही रहने लगा था। इसी बीच असगर अली पांच बच्चों को छोड़कर मर गया। मुशर्रफ के भी सात बच्चे हैं। इन सभी को मुशर्रफ ही रिक्शा चलाकर पालने लगा, लेकिन आर्थिक संकट बना रहा। बीते कुछ समय से मेहरुन्निशां बीमार भी हो गई थी। शनिवार रात करीब एक बजे दुपट्टे का फंदा बनाकर मेहरुन्निशा छत के गार्डर के सहारे फांसी के फंदे पर लटक गई। इससे उसकी मौत हो गई। परिवारवालों ने मेहरुन्निशां को किसी तरह फंदे से उतारा। परिवारवाले पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे, लेकिन घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बन पाई। इस पर पुलिस ने परिवारवालों से यह लिखवाकर ले लिया कि वे पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते हैं। उन्हें इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं करनी है। प्रभारी निरीक्षक गीतेश कपिल ने बताया कि परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। मुशर्रफ रिक्शा चलाकर परिवार पाल रहा था। महिला ने दिमागी तौर पर परेशान होकर आत्महत्या की है, लेकिन कोई भी कार्रवाई के लिए तैयार नहीं हुआ।
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