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एक बाइक पर चार बगैर हेलमेट, हादसे में दो की जान गई

Sat, 22 Apr 2017 01:13 AM IST
बरेली।  
बरेली।   Updated Sat, 22 Apr 2017 01:13 AM IST
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Four helmets without a bike, two died in an accident
four-helmets-without-a-bike-two-died-in-an-accident - फोटो : बरेली, अमर उजाला
 बार-बार हादसों के बाद भी लोग न तो ट्रिपल राइडिंग से बाज आ रहे हैं और न ही हेलमेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। बृहस्पतिवार रात करीब 12 बजे पचपेड़ा रोड पर इसी लापरवाही की वजह से दो ओर जानें चली गईं। शादी समारोह में शामिल होने जा रहे एक ही बाइक पर सवार चार लोगों को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। इन लोगों ने हेलमेट भी नहीं पहन रखा था। सभी रिश्तेदार थे। हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग जख्मी हो गए। एक ही हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। 
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 रमेश (30) पुत्र प्रभु दयाल निवासी बीथम नौगंवा थाना शाही 14 अप्रैल को अपनी ससुराल भोजपुर जोगीठेर गए थे। 15 अप्रैल को वह साली की शादी में शामिल हुए। 20 अप्रैल को लोधीपुर निवासी एक रिश्तेदार के शादी समारोह में भी उन्हें शामिल होना था, इसलिए वह परिवार सहित ससुराल में रुक गए थे। उनका भतीजा अजय भारती (12) पुत्र मटरू निवासी अटंगा, नबावगंज भी बीती रात उनके पास पहुंच गया। शादी समारोह निपटने के बाद रमेश अपने ससुर की बाइक लेकर रवाना हुआ। उसके साथ बाइक पर अजय के अलावा रिश्ते के साले शिवा और संजीव भी थे। एक बाइक पर चार लोग सवार थे और किसी ने हेलमेट भी नहीं लगाया था। बाइक पचपेड़ा रोड पर भिलैया गांव के पास पीपल के पेड़ वाले मोड़ पर पहुंची तो सामने से अज्ञात वाहन आ गया। इस वाहन ने बाइक में जोरदार टक्कर मारी। टक्कर लगते ही शिवा और संजीव तो छिटककर खाई में जा गिरे, लेकिन बाइक चला रहे रमेश और उसके बिल्कुल पीछे बैठे अजय सड़क पर ही गिर गए। घायल शिवा और संजीव आधा घंटे की मशक्कत के बाद किसी तरह निकलकर बाहर आए। इसके बाद रमेश और अजय को हिलाकर देखा तो दोनों दम तोड़ चुके थे। संजीव ने फोन कर घर पर सूचना दी। परिवारवालों ने मौके पर पहुंचकर पुलिस को जानकारी दी और 108 एंबुलेंस बुलवाई। एंबुलेंस से चारों को सीएचसी लाया गया, जहां डॉक्टरों ने रमेश और अजय को मृत घोषित कर दिया। शिवा की हालत गंभीर होने पर उसे बरेली रेफर कर दिया गया। संजीव के चोटें मामूली होने से उसे घर भेज दिया गया। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भरकर पीएम के लिए बरेली भेज दिया।
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बहुत रोको पर नाय माने, मेरी किस्मत में जेई लिखो हो
 बहेड़ी। रमेश की पत्नी लक्ष्मी देवी सीएचसी की मोर्चरी में रखे पति के शव के पास अपने तीन माह के पुत्र शेर सिंह को गोद में लिए दहाडे़ मारकर रो रही थी। बार-बार वो यही कह रही थी, दावत खाय के जाए रहे है वे, लला की कसम देकर कई बार रुकन को कहो पर नाय माने। मेरी किस्मत में जेई लिखो हो। शेर सिंह के अलावा रमेश का पांच साल का पुत्र अभिषेक, ढाई साल की विकलांग पुत्री प्रियंका भी है। ससुर चंद्रपाल दामाद की लाश देखने के बाद गश खाकर गिर गए। भागपुर जोगीठेर गांव के जिस बाशिंदे ने यह खबर सुनी दौड़ा चला आया। मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पेट पाल रहे रमेश के जाने से पत्नी लक्ष्मी देवी के आंसुओं में बच्चों की परवरिश को लेकर भी दर्द साफ दिखा। 
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मां के साथ रो-रोकर बेहाल हो गया मासूम
बहेड़ी। तीन माह का शेर सिंह सुबह छह बजे जागा तो भूख से रोने लगा। उसकी मां तो सुधबुध खोकर पिता के शव के सामने बुरी तरह से रो रही थी। ऐसे में सीएचसी में तैनात एक स्टाफ नर्स का दिल पसीज गया। उसने पैसे निकालकर सीएचसी के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दिए और पास के मेडिकल से दूध और बोतल लाने को कहा। मिल्क पाउडर घोलकर बच्चे को पिलाने का भरसक प्रयास किया पर उसने नहीं पिया। शायद उसे भी मां के दुख का बखूबी अहसास हो रहा था। मां के साथ वह भी लगातार रोता रहा। करीब आठ बजे तक रोते-रोते उसका मुंह लाल पड़ गया। डॉक्टरों ने उसके रिश्तेदारों को सलाह दी कि वार्ड के एक कमरे में महिला को पंखे के नीचे बैठाकर ठंडा पानी पिलाओ और मासूम को दूध पिलवाओ, नहीं तो बच्चे की जान खतरे में पड़ सकती है। इधर, डॉक्टरों ने कुछ देर बात शेर सिंह को विटामिन की दवा पिलाई। 

पिता के साथ नोएडा में रहता था अजय
अजय भारती के पिता मटरू भारती नोयडा में एक कंपनी में नौकरी करते हैं। उनके साथ ही अजय भी रहता था। कुछ दिन पहले तक वह अपनी ननिहाल भोगपुर जोगीठेर में रहकर पढ़ाई कर रहा था। पिता ने उसे किसी कंपनी में नौकरी दिलाकर हुनर सीखने की सलाह दी और साथ ले गए। उसके बहन शिवरानी, अंजलि, नंदनी और भाई विजय का रो-रोकर बुरा हाल है।

दस साल में कई जानें जा चुकी हैं भिलैया मोड़ पर
भिलैया में पीपल के पेड़ वाले मोड़ पर अक्सर हादसे होते रहते हैं। बीते दस साल में यहां कई लोग मौत के मुंह में समा चुके हैं। पीडब्ल्यूडी ने इस मोड़ पर आज तक कोई साइन बोर्ड नहीं लगाया है। स्पीड ब्रेकर भी नहीं हैं। बीती रात रमेेश चार लोगों को लेकर बाइक पर चला था। हालांकि वह खुद ही गलत तरीके से बाइक चला रहा था पर मोड़ पर आते वाहन को भी वह देख नहीं पाया। अज्ञात वाहन की रफ्तार भी काफी तेज थी। 


हादसे की वजह लापरवाही है। इससे बाइक सवारों को सबक लेना चाहिए। हमेशा एक बाइक पर दो लोग ही चलें। साथ ही हेलमेट का इस्तेमाल भी करें। मृतकों के आश्रितों की हर संभव मदद की जाएगी। - कुलदीप सिंह, सीओ बहेड़ी।
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