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पत्नी की हत्याकर लाश फेेंकी, बेटे को साधू को सौंप दिया
बरेली, ब्यूरो
Updated Mon, 17 Oct 2016 01:01 AM IST
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रब्बानी बेगम
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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अवैध संबंधों में अंधे एक पति ने मायके पहुंचाने के बहाने पत्नी की हत्या कर दी और डेढ़ साल के बेटे को एक साधू को सौंप दिया। दस दिन से लापता महिला की सड़ी गली लाश गांव से ही कुछ दूरी पर अप्सरा नदी में बरामद हुई तो पुलिस ने सख्ती की। पति को पहले ही हिरासत में ले लिया था। पूछताछ में वह टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया।
क्योलड़िया के ज्योति जागीर निवासी प्रमोद कुमार ने अपनी बेटी पूनम देवी की शादी तीन साल पहले नवाबगंज के अधकटा रब्बानी बेगम गांव निवासी मोहनलाल से की थी। इन दिनों पति पत्नी में अनबन चल रही थी और कई बार मारपीट भी हुई थी। तीन अक्तूबर को जब पूनम ने पिता को जानकारी दी तो परिजनों के साथ वह बेटी के ससुराल पहुंचे और ससुराल वालों से कहा सुनी हुई। जब वह बेटी को ले जाने लगे तो मोहनलाल ने दो दिन बाद खुद पहुंचाने की बात कही जिसपर पिता प्रमोद लौट गए। पांच अक्तूबर को मोहनलाल पूनम और डेढ़ साल के बेटे गौरव को मायके पहुंचाने की बात कहकर घर से निकला था लेकिन ससुराल नहीं पहुंचा। प्रमोद ने जब बेटी नहीं पहुंची तो बेटे को पूनम के ससुराल भेजा। वहां पूनम नहीं मिली और मोहनलाल की मां ने बताया कि वह पूनम और बेटे को मायके पहुंचाने ले गया था। उसके बाद पिता ने पुलिस में शिकायत की लेकिन पुलिस ने टरका दिया। वह बार-बार कहता रहा कि मोहनलाल ने पूनम और बेटे की हत्या कर दी है लेकिन पुलिस ने सुनना गवारा नहीं समझा। इसी बीच रविवार शाम करीब पांच बजे नवाबगंज पुलिस को अधकटा रब्बानी बेगम गांव के पास अप्सरा नदी में महिला का शव पड़ा होने की सूचना ग्रामीणों ने दी। इसकी चर्चा इलाके में फैली तो प्रमोद कुमार अपने बेटे रामप्रकाश, विवेक, प्रधान पति रामेश्वर दयाल के साथ मौके पर गए और नाक की नथ और गले की माला से अपनी बेटी पूनम देवी के रूप में शव की शिनाख्त की। पुलिस ने दो दिन पहले ही मोहनलाल को हिरासत में ले लिया था। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में मोहनलाल ने बताया कि उसके परिवार की एक महिला से अवैध संबंध हैं। शादी के बाद इसकी जानकारी पूनम को हो गई। वह इसका विरोध करती थी। इसी को लेकर आए दिन घर में झगड़ा होता था। परेशान होकर उसने पूनम को ठिकाने लगाने की योजना बना दी। पुलिस को मुताबिक मोहनलाल मायके पहुंचने के बहाने पूनम को घर से ले गया और रास्ते में हत्या कर दी। लाश को अप्सरा नदी में फेंक दिया। मोहनलाल का कहना है कि उसने अपने मासूम बेटे को एक साधु के हवाले कर दिया है। अब पुलिस उस साधू की तलाश में जुटी है।
पुलिस लापरवाही में गई पूनम की जान
बरेली। पति मोहनलाल लगातार पूनम को प्रताड़ित कर रहा था। इसकी शिकायत नवाबगंज थाने में की गई थी। पिता प्रमोद ने नौ अक्तूबर को पूनम व उसके मासूम बेटे के लापता होने की तहरीर पुलिस को दी थी। बावजूद इसके पुलिस खामोश रही। तीन दिन पहले पूनम के मायके वालों ने मोहनलाल को पुलिस के सुपुर्द कर दिया था। उससे भी पुलिस ने पूछताछ नहीं की।
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वैसे तो पुलिस लॉ एंड आर्डर में व्यस्त थी। मगर तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज क्यों नहीं किया गया इसकी जांच कराई जाएगी - यमुना प्रसाद, एसपीआरए
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क्योलड़िया के ज्योति जागीर निवासी प्रमोद कुमार ने अपनी बेटी पूनम देवी की शादी तीन साल पहले नवाबगंज के अधकटा रब्बानी बेगम गांव निवासी मोहनलाल से की थी। इन दिनों पति पत्नी में अनबन चल रही थी और कई बार मारपीट भी हुई थी। तीन अक्तूबर को जब पूनम ने पिता को जानकारी दी तो परिजनों के साथ वह बेटी के ससुराल पहुंचे और ससुराल वालों से कहा सुनी हुई। जब वह बेटी को ले जाने लगे तो मोहनलाल ने दो दिन बाद खुद पहुंचाने की बात कही जिसपर पिता प्रमोद लौट गए। पांच अक्तूबर को मोहनलाल पूनम और डेढ़ साल के बेटे गौरव को मायके पहुंचाने की बात कहकर घर से निकला था लेकिन ससुराल नहीं पहुंचा। प्रमोद ने जब बेटी नहीं पहुंची तो बेटे को पूनम के ससुराल भेजा। वहां पूनम नहीं मिली और मोहनलाल की मां ने बताया कि वह पूनम और बेटे को मायके पहुंचाने ले गया था। उसके बाद पिता ने पुलिस में शिकायत की लेकिन पुलिस ने टरका दिया। वह बार-बार कहता रहा कि मोहनलाल ने पूनम और बेटे की हत्या कर दी है लेकिन पुलिस ने सुनना गवारा नहीं समझा। इसी बीच रविवार शाम करीब पांच बजे नवाबगंज पुलिस को अधकटा रब्बानी बेगम गांव के पास अप्सरा नदी में महिला का शव पड़ा होने की सूचना ग्रामीणों ने दी। इसकी चर्चा इलाके में फैली तो प्रमोद कुमार अपने बेटे रामप्रकाश, विवेक, प्रधान पति रामेश्वर दयाल के साथ मौके पर गए और नाक की नथ और गले की माला से अपनी बेटी पूनम देवी के रूप में शव की शिनाख्त की। पुलिस ने दो दिन पहले ही मोहनलाल को हिरासत में ले लिया था। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में मोहनलाल ने बताया कि उसके परिवार की एक महिला से अवैध संबंध हैं। शादी के बाद इसकी जानकारी पूनम को हो गई। वह इसका विरोध करती थी। इसी को लेकर आए दिन घर में झगड़ा होता था। परेशान होकर उसने पूनम को ठिकाने लगाने की योजना बना दी। पुलिस को मुताबिक मोहनलाल मायके पहुंचने के बहाने पूनम को घर से ले गया और रास्ते में हत्या कर दी। लाश को अप्सरा नदी में फेंक दिया। मोहनलाल का कहना है कि उसने अपने मासूम बेटे को एक साधु के हवाले कर दिया है। अब पुलिस उस साधू की तलाश में जुटी है।
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पुलिस लापरवाही में गई पूनम की जान
बरेली। पति मोहनलाल लगातार पूनम को प्रताड़ित कर रहा था। इसकी शिकायत नवाबगंज थाने में की गई थी। पिता प्रमोद ने नौ अक्तूबर को पूनम व उसके मासूम बेटे के लापता होने की तहरीर पुलिस को दी थी। बावजूद इसके पुलिस खामोश रही। तीन दिन पहले पूनम के मायके वालों ने मोहनलाल को पुलिस के सुपुर्द कर दिया था। उससे भी पुलिस ने पूछताछ नहीं की।
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वैसे तो पुलिस लॉ एंड आर्डर में व्यस्त थी। मगर तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज क्यों नहीं किया गया इसकी जांच कराई जाएगी - यमुना प्रसाद, एसपीआरए