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नगर स्वास्थ्य अधिकारी कर रहे अवैध वसूली
बरेली
Updated Tue, 30 Dec 2014 02:00 AM IST
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नगर निगम के अफसरों के खिलाफ एक के बाद एक अवैध वसूली के आरोप उछल रहे हैं। अब दो मुख्य सफाई निरीक्षक और चार सफाई निरीक्षकों ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. एसपीएस सिंधू पर सफाई कर्मचारियों, सफाई नायकों और कार्यवाहक सफाई नायकों से कार्रवाई और स्थानांतरण की धमकी देकर अवैध वसूली का आरोप मढ़ा है। कहा है कि बैकलॉग सफाई कर्मचारियों के समायोजन के लिए भी सौदेबाजी की जा रही है। सफाई निरीक्षकों ने ये आरोप जड़ने के साथ नगर स्वास्थ्य अधिकारी का बहिष्कार करने का ऐलान भी कर दिया है। उन्होंने नगर आयुक्त से साफ-साफ कहा है कि अब वे न नगर स्वास्थ्य अधिकारी कोई आदेश मानेंगे न उनका फोन रिसीव करेंगे।
नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव को दिए पत्र में मुख्य सफाई निरीक्षक विमल कुमार मिश्रा और एके त्यागी, सफाई निरीक्षक राकेश गंगवार, एमसी राना, संजीव कुमार और दीपक कुमार ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी पर ये आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए उच्चाधिकारियों के आदेशों का पालन न करने वाले सफाई नायक, कार्यवाहक सफाई नायक या सफाई कर्मचारी के विरुद्ध वे जब रिपोर्ट भेजते हैं तो नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. सिंधू आरोपी कर्मचारी को कार्रवाई का डर दिखाकर अवैध वसूली कर लेते हैं। सफाई इंस्पेक्टरों का आरोप है कि नगर स्वास्थ्य अधिकारी उनकी बिना रिपोर्ट मांगे घूस लेकर सफाई कर्मियों और सफाई नायकों के तबादले कर रहे हैं। जो कर्मचारी घूस नहीं देता है, उन पर उसके खिलाफ रिपोर्ट देने का दबाव बनाया जाता है। कर्मचारियों को एसीपी का लाभ बिना उनकी चरित्र पंजिका लिए सीधे दिया जा रहा है जो शासनादेश के खिलाफ है। मुख्य सफाई निरीक्षक और सफाई निरीक्षकों ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी के साथ काम करने से साफ इनकार करते हुए कहा कि उनको नगर निगम दफ्तर से अटैच कर दिया जाए या फिर नगर स्वास्थ्य अधिकारी पद पर किसी अन्य अफसर की तैनाती की जाए। नगर आयुक्त ने आरोपों की जांच अपर नगर आयुक्त को सौंप दी है।
मैं कई दिनों से बाहर हूं। लौटने के बाद मुख्य सफाई निरीक्षक और सफाई निरीक्षकों से बात करूंगा। जो भी आरोप हैं उनकी जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। -डॉ. एसपीएस सिंधू, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
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सफाई निरीक्षकों के पत्र में लगाए गए आरोपों पर जांच के आदेश दिए गए हैं। नगर स्वास्थ्य अधिकारी के आने के बाद सबको साथ बैठाकर बात की जाएगी। जो भी समस्याएं हैं, उनको हल कर लिया जाएगा। -शीलधर सिंह यादव, नगर आयुक्त
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नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव को दिए पत्र में मुख्य सफाई निरीक्षक विमल कुमार मिश्रा और एके त्यागी, सफाई निरीक्षक राकेश गंगवार, एमसी राना, संजीव कुमार और दीपक कुमार ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी पर ये आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए उच्चाधिकारियों के आदेशों का पालन न करने वाले सफाई नायक, कार्यवाहक सफाई नायक या सफाई कर्मचारी के विरुद्ध वे जब रिपोर्ट भेजते हैं तो नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. सिंधू आरोपी कर्मचारी को कार्रवाई का डर दिखाकर अवैध वसूली कर लेते हैं। सफाई इंस्पेक्टरों का आरोप है कि नगर स्वास्थ्य अधिकारी उनकी बिना रिपोर्ट मांगे घूस लेकर सफाई कर्मियों और सफाई नायकों के तबादले कर रहे हैं। जो कर्मचारी घूस नहीं देता है, उन पर उसके खिलाफ रिपोर्ट देने का दबाव बनाया जाता है। कर्मचारियों को एसीपी का लाभ बिना उनकी चरित्र पंजिका लिए सीधे दिया जा रहा है जो शासनादेश के खिलाफ है। मुख्य सफाई निरीक्षक और सफाई निरीक्षकों ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी के साथ काम करने से साफ इनकार करते हुए कहा कि उनको नगर निगम दफ्तर से अटैच कर दिया जाए या फिर नगर स्वास्थ्य अधिकारी पद पर किसी अन्य अफसर की तैनाती की जाए। नगर आयुक्त ने आरोपों की जांच अपर नगर आयुक्त को सौंप दी है।
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मैं कई दिनों से बाहर हूं। लौटने के बाद मुख्य सफाई निरीक्षक और सफाई निरीक्षकों से बात करूंगा। जो भी आरोप हैं उनकी जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। -डॉ. एसपीएस सिंधू, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
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सफाई निरीक्षकों के पत्र में लगाए गए आरोपों पर जांच के आदेश दिए गए हैं। नगर स्वास्थ्य अधिकारी के आने के बाद सबको साथ बैठाकर बात की जाएगी। जो भी समस्याएं हैं, उनको हल कर लिया जाएगा। -शीलधर सिंह यादव, नगर आयुक्त