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खेत के बाड़े में दौड़ रहा था करंट, मजदूर की मौत
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Mon, 09 May 2016 12:45 AM IST
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मृत किसान का फोटो
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खेत में बिजली के नंगे तारों से बनाए गए बाड़े में करंट से एक मजदूर की जान चली गई। मौत से उसके घर में कोहराम मच गया। खेत के मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
उत्तराखंड के पुलभट्ठा थाने के सैदोरा गांव निवासी 50 वर्षीय रफीक अहमद खेतों की जुताई का काम करते थे। उनके दो साथी जमालुद्दीन और कमरुद्दीन भी उनके साथ काम करते थे। रविवार सुबह पांच बजे तीनों हल लेकर घर से निकले। वे बार्डर पर बसे बहेड़ी क्षेत्र के माधेपुर के जंगल के रास्ते जा रहे थे। रास्ते में माधेपुर के किसान अमरीक सिंह और गुरनाम सिंह ने अपने खेत में चारों ओर जंगली जानवरों से फसल बचाने के लिए बिजली के नंगे तार लगा रखे थे। उनमें करंट दौड़ रहा था। रफीक के बैलों को करंट लगा तो वह तेजी से भाग निकले। इस बीच रफीक का पैर बिजली के तार में उलझ गया। रफीक ने वहीं तड़प कर दम तोड़ दिया। यह देख उसके साथी घबरा गये और उसके घर जाकर सूचना दी। थोड़ी देर में गांव के काफी लोग वहां पहुंच गए। खेत के मालिकों को बुलाया गया। वह मृतक के घरवालों पर फैसले का दबाव डालने लगे। सूचना मिलते ही बहेड़ी से इंस्पेक्टर अजय श्रोतिया और पुलभट्ठा थाने के इंस्पेक्टर हरेंद्र चौधरी मौके पर पहुंचे। चूंकि घटनास्थल यूपी में था। इसलिए बहेड़ी की सिरसा चौकी के दरोगा खीम सिंह जलाल ने शव पोस्टमार्टम को बरेली भेजा। उधर, रफीक के भाई खलील ने गुरनाम सिंह और अमरीक के खिलाफ लापरवाही से खेत में बिजली के नंगे तार पर करंट छोड़ने से भाई की गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कराया है।
नहीं मानी पत्नी और बेटों की सलाह
बहेड़ी। रफीक जब अंधेरे में बैलों को हल से जोड़ रहे थे, उस वक्त उनकी पत्नी शफीकन चूल्हे पर उन्हें चाय बना रही थीं। उनके दोनों बेटे सईद और अनीस खटपट से जाग गये थे। बेटों ने उनसे कहा कि अंधेरे में कहां जा रहे हो, फोरलेन हाइवे पर ट्रक अंधाधुंध चलते हैं, सुबह जाना। तब रफीक ने पत्नी से कहा कि बस आज का काम बाकी है, इसे पूरा कर खेत मालिक से पैसे भी मिल जाएंगे। तुम शाम को किच्छा बाजार से दस क्विंटल अनाज वाली कुठिया ले आना। बेटों से कहा कि तुम्हारे लिए रात दिन मेहनत कर रहा हूं। जो मैं कर रहा हूं वो तुम्हें न करना पडे़।
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बिजली विभाग भी कराएगा एफआईआर
बहेड़ी। हादसे के बाद खेत मालिक ने मजदूरों से तार खुलवाकर घर पहुंचा दिए। मृतक मजदूर के घरवालों ने इसकी वीडियो बनाकर बिजली विभाग को सौंप दी। एसडीई विनोद राणा का कहना है कि खेत में तार लगाकर करंट प्रवाहित करना बड़ा अपराध है। इसकी वीडियो क्लीपिंग भी मिल गई है। इसमें बिजली चोरी का भी मामला बनता है। विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। दोनो के खिलाफ विभाग भी मुकदमा कराएगा।
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उत्तराखंड के पुलभट्ठा थाने के सैदोरा गांव निवासी 50 वर्षीय रफीक अहमद खेतों की जुताई का काम करते थे। उनके दो साथी जमालुद्दीन और कमरुद्दीन भी उनके साथ काम करते थे। रविवार सुबह पांच बजे तीनों हल लेकर घर से निकले। वे बार्डर पर बसे बहेड़ी क्षेत्र के माधेपुर के जंगल के रास्ते जा रहे थे। रास्ते में माधेपुर के किसान अमरीक सिंह और गुरनाम सिंह ने अपने खेत में चारों ओर जंगली जानवरों से फसल बचाने के लिए बिजली के नंगे तार लगा रखे थे। उनमें करंट दौड़ रहा था। रफीक के बैलों को करंट लगा तो वह तेजी से भाग निकले। इस बीच रफीक का पैर बिजली के तार में उलझ गया। रफीक ने वहीं तड़प कर दम तोड़ दिया। यह देख उसके साथी घबरा गये और उसके घर जाकर सूचना दी। थोड़ी देर में गांव के काफी लोग वहां पहुंच गए। खेत के मालिकों को बुलाया गया। वह मृतक के घरवालों पर फैसले का दबाव डालने लगे। सूचना मिलते ही बहेड़ी से इंस्पेक्टर अजय श्रोतिया और पुलभट्ठा थाने के इंस्पेक्टर हरेंद्र चौधरी मौके पर पहुंचे। चूंकि घटनास्थल यूपी में था। इसलिए बहेड़ी की सिरसा चौकी के दरोगा खीम सिंह जलाल ने शव पोस्टमार्टम को बरेली भेजा। उधर, रफीक के भाई खलील ने गुरनाम सिंह और अमरीक के खिलाफ लापरवाही से खेत में बिजली के नंगे तार पर करंट छोड़ने से भाई की गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कराया है।
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नहीं मानी पत्नी और बेटों की सलाह
बहेड़ी। रफीक जब अंधेरे में बैलों को हल से जोड़ रहे थे, उस वक्त उनकी पत्नी शफीकन चूल्हे पर उन्हें चाय बना रही थीं। उनके दोनों बेटे सईद और अनीस खटपट से जाग गये थे। बेटों ने उनसे कहा कि अंधेरे में कहां जा रहे हो, फोरलेन हाइवे पर ट्रक अंधाधुंध चलते हैं, सुबह जाना। तब रफीक ने पत्नी से कहा कि बस आज का काम बाकी है, इसे पूरा कर खेत मालिक से पैसे भी मिल जाएंगे। तुम शाम को किच्छा बाजार से दस क्विंटल अनाज वाली कुठिया ले आना। बेटों से कहा कि तुम्हारे लिए रात दिन मेहनत कर रहा हूं। जो मैं कर रहा हूं वो तुम्हें न करना पडे़।
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बिजली विभाग भी कराएगा एफआईआर
बहेड़ी। हादसे के बाद खेत मालिक ने मजदूरों से तार खुलवाकर घर पहुंचा दिए। मृतक मजदूर के घरवालों ने इसकी वीडियो बनाकर बिजली विभाग को सौंप दी। एसडीई विनोद राणा का कहना है कि खेत में तार लगाकर करंट प्रवाहित करना बड़ा अपराध है। इसकी वीडियो क्लीपिंग भी मिल गई है। इसमें बिजली चोरी का भी मामला बनता है। विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। दोनो के खिलाफ विभाग भी मुकदमा कराएगा।