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सपा कार्यकर्ता ने की आत्मदाह की कोशिश
बरेली
Updated Tue, 16 Jun 2015 01:28 AM IST
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कमिश्नरी में विकलांग सपा कार्यकर्ता ने आत्मदाह की कोशिश कर खलबली मचा दी।
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जमीनी विवाद में इंसाफ की मांग करने पहुंचे फतेहगंज पूर्व के टिसुआ गांव
निवासी रामप्रकाश यादव ने दबाव बनाने के लिए खुद पर मिट्टी का तेल छिड़का
और माचिस जलाने वाला था तभी उसे पकड़ लिया गया। उसे बचाने में होमगार्ड भी
चोटिल हो गया। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज करने के बाद सपा कार्यकर्ता
को जेल भेज दिया है।
सोमवार को दोपहर करीब 12 बजे सपा कार्यकर्ता रामप्रकाश यादव कमिश्नर ऑफिस पहुंच गया। वह बोतल में मिट्टी का तेल लेकर आया था। वह आते ही कमिश्नर से मिलने की जिद करने लगा। कमिश्नर सभागार में अफसरों की मीटिंग ले रहे थे। इसकी वजह से उनके ऑफिस के सामने अफसरों के गनर भी खड़े थे। रामप्रकाश ने गेट पर बैठे कर्मचारियों के मना करने पर कमिश्नर कक्ष में घुसने की कोशिश की तो पुलिस कर्मियों ने उसे पकड़ लिया। पुलिस कर्मियों के हाथ से छूटकर गेट के पास आ गया। यहां रामप्रकाश ने अपने कपड़ों पर मिट्टी का तेल डालकर खुद को जलाने की कोशिश की। उसने आग लगाने के लिए माचिस निकाली तो होमगार्ड रामस्वरूप मिश्रा ने उसे दौड़कर बचा लिया। हालांकि इस दौरान माचिस की छीनाझपटी करने में होमगार्ड को चोट भी लग गई। कमिश्नर की मीटिंग में रामप्रकाश के आत्मदाह करने की कोशिश की सूचना पहुंची तो कई अफसर बाहर निकल आए। उन्होंने रामप्रकाश को कोतवाली भिजवा दिया। रामप्रकाश ने बताया कि उसके हिस्से की 25 बीघा जमीन उसके चचेरे भाई सीताराम ने हथिया ली है। उसके तहेरे भाई गोपीचंद्र के पास कोई औलाद नहीं थी। उसकी वसीयत की गई जमीन भी सीताराम ने ही अपने कब्जे में ले रखी है। जबकि उसमें उसका भी हिस्सा है। दो साल से इंसाफ के लिए भटक रहा है। कोई उसकी सुनने वाला नहीं है। अधिकारी उसे पागल कहते हैं। जबकि वह सपा का सच्चा सिपाही है। वह दो बार साइकिल यात्रा में शामिल हो चुका है।
पहले भी कर चुका है कोशिश
-21 अक्तूबर को फरीदपुर तहसील में रामप्रकाश अपने गांव में चौपाल लगाने की मांग कर रहे थे। उनका जमीनी विवादों का समाधान न होने पर भी गुस्सा था। इसी को लेकर रामप्रकाश ने एसडीएम प्रशांत शर्मा के सामने भी आत्मदाह की कोशिश की थी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के बाद जेल भिजवा दिया था। बाद में एसडीएम ने चौपाल लगाने के लिए नायब तहसीलदार को भेजा था। लेकिन वह संतुष्ट नहीं था। 10 जून को वह फरीदपुर एसडीएम को चौपाल की जिद करने लगा था, इस पर एसडीएम ने नाराज होकर उसे ऑफिस से निकलवा दिया था।
सोमवार को दोपहर करीब 12 बजे सपा कार्यकर्ता रामप्रकाश यादव कमिश्नर ऑफिस पहुंच गया। वह बोतल में मिट्टी का तेल लेकर आया था। वह आते ही कमिश्नर से मिलने की जिद करने लगा। कमिश्नर सभागार में अफसरों की मीटिंग ले रहे थे। इसकी वजह से उनके ऑफिस के सामने अफसरों के गनर भी खड़े थे। रामप्रकाश ने गेट पर बैठे कर्मचारियों के मना करने पर कमिश्नर कक्ष में घुसने की कोशिश की तो पुलिस कर्मियों ने उसे पकड़ लिया। पुलिस कर्मियों के हाथ से छूटकर गेट के पास आ गया। यहां रामप्रकाश ने अपने कपड़ों पर मिट्टी का तेल डालकर खुद को जलाने की कोशिश की। उसने आग लगाने के लिए माचिस निकाली तो होमगार्ड रामस्वरूप मिश्रा ने उसे दौड़कर बचा लिया। हालांकि इस दौरान माचिस की छीनाझपटी करने में होमगार्ड को चोट भी लग गई। कमिश्नर की मीटिंग में रामप्रकाश के आत्मदाह करने की कोशिश की सूचना पहुंची तो कई अफसर बाहर निकल आए। उन्होंने रामप्रकाश को कोतवाली भिजवा दिया। रामप्रकाश ने बताया कि उसके हिस्से की 25 बीघा जमीन उसके चचेरे भाई सीताराम ने हथिया ली है। उसके तहेरे भाई गोपीचंद्र के पास कोई औलाद नहीं थी। उसकी वसीयत की गई जमीन भी सीताराम ने ही अपने कब्जे में ले रखी है। जबकि उसमें उसका भी हिस्सा है। दो साल से इंसाफ के लिए भटक रहा है। कोई उसकी सुनने वाला नहीं है। अधिकारी उसे पागल कहते हैं। जबकि वह सपा का सच्चा सिपाही है। वह दो बार साइकिल यात्रा में शामिल हो चुका है।
पहले भी कर चुका है कोशिश
-21 अक्तूबर को फरीदपुर तहसील में रामप्रकाश अपने गांव में चौपाल लगाने की मांग कर रहे थे। उनका जमीनी विवादों का समाधान न होने पर भी गुस्सा था। इसी को लेकर रामप्रकाश ने एसडीएम प्रशांत शर्मा के सामने भी आत्मदाह की कोशिश की थी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के बाद जेल भिजवा दिया था। बाद में एसडीएम ने चौपाल लगाने के लिए नायब तहसीलदार को भेजा था। लेकिन वह संतुष्ट नहीं था। 10 जून को वह फरीदपुर एसडीएम को चौपाल की जिद करने लगा था, इस पर एसडीएम ने नाराज होकर उसे ऑफिस से निकलवा दिया था।
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