मस्जिद में भिड़े बरेलवी और देवबंदी
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कुतुबखाना मस्जिद में नए इमाम की नियुक्ति को लेकर बरेलवी और देवबंदी आमने-सामने आ गए। पांच घंटे शहर का मुख्य बाजार बवालियों के हवाले रहा। भीड़ पर पथराव और बोतलें फेंके जाने से भगदड़ मच गई। करीब दो दर्जन लोेग चोटिल हो गए। कुछ दुकानों में तोड़फोड़ करके आग लगाने की कोशिश भी की गई। पुलिस से धक्का-मुक्का भी हुई। भीड़ पर काबू करने के लिए पुलिस को कई बार लाठीचार्ज करना पड़ा। मोहल्ला कांकरटोला के घायल मोईन सिद्दीकी ने इस मामले में आठ लोगों को नामजद करते हुए 200-250 लोगों के खिलाफ तहरीर दे दी है। देर शाम मसले का हल निकालने केे आश्वासन पर भीड़ तो छंट गई लेकिन तनाव बरकरार है। सूत्रों के अनुसार इस प्रकरण पर देवबंद के दबाव के बाद सरकार ने आला अफसरों को यथाशीघ्र मामले का शांतिपूर्ण हल ढूंढने को कहा है।
सोमवार को कुतुबखाना मस्जिद में दीनी तालीम के लिए आए ग्वालियर के एक बच्चे के साथ कुकर्म के आरोप में इमाम मौलाना इम्तियाज हुसैन के जेल जाने के बाद अंजुमन-ए-इस्लामियां के सेक्रेटरी हुमांयू रियासत ने नए इमाम मौलाना फैसल तहसीनी की नियुक्ति कर दी थी। इसी को लेकर देवबंदी मसलक के लोग खफा हो गए। उनका कहना था कि मस्जिद में उनके ही मसलक का इमाम रहेगा। विवाद की वजह से मस्जिद में फज्र की नमाज भी जमात (सामूहिक) के साथ नहीं हो पाई। जोहर की नमाज के लिए शहर जामा मस्जिद के मुफ्ती खुर्शीद आलम के साथ नए इमाम फैसल तहसीनी मस्जिद में पहुंचे तो वहां पहले से ही देवबंदी मसलक के करीब सौ लोग मौजूद थे। उनके साथ नमाज पढ़ाने के लिए मदरसा काशिफ-उल-उलूम, बांसमंडी से मुफ्ती मोहम्मद मियां कासिमी आए थे। देवबंदियों ने फैसल तहसीनी को मस्जिद में घुसने ही नहीं दिया। देवबंदियों के इमाम समेत मस्जिद में होने की सूचना मिलते ही नबीर-ए-आला हजरत मौलाना तहसीन रजा खां और आईएमसी पार्टी के प्रवक्ता डॉ. नफीस खां भीड़ के साथ कुतुबखाना पहुंच गए और मस्जिद के बाहर बवाल शुरू हो गया। भीड़ में शामिल लोगों ने नारेबाजी करते हुए मस्जिद का दरवाजा तोड़ने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रोकना चाहा तो भिड़ गए। मस्जिद का रास्ता बड़ा बाजार रोड की तरफ पीछे से भी था।
दोनों दरवाजों में ताले लगाकर देवबंदी मसलक के लोग मस्जिद में कैद हो गए। भीड़ इतनी थी कि पुलिस और प्रशासन के अफसर भी उन्हें बाहर निकालने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। एडीएम प्रशासन अरुण कुमार यादव और एसपी सिटी राजीव मल्होत्रा ने कई बार बरेलवी मसलक के लोगों को समझाकर भीड़ को शांत करने की कोशिश की लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं था। दोपहर करीब तीन बजे एडीएम प्रशासन और एसपी सिटी ने भीड़ कम करके मस्जिद में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश की तो वे निकलने को तैयार नहीं हुए। बेकाबूू भीड़ कोपुलिस ने लाठियां भांजकर बांसमंडी की तरफ भगाया तो पथराव होने लगा। दुकानों में तोड़फोड़ करके आग लगाने की कोशिश भी हुई लेकिन पुलिस प्रशासन ने सख्ती करके मामला संभाल लिया।
इसी बीच डीएम गौरव दयाल और एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव भी मौके पर पहुंच गए। शहर के अलावा जिले के कई थानों की पुलिस बुला ली गई। पीएसी और आरएएफ भी मौके पर आ गई। डीएम-एसएसपी ने भीड़ को समझाकर शांत करने के प्रयास किए। उनका मकसद यही था कि भीड़ कम होते ही किसी तरह मस्जिद में बंद लोगों को बाहर निकाल दिया जाए। दो घंटे के प्रयास के बाद शाम करीब पांच बजे मस्जिद में बंद लोगों को वज्र वाहनों और पुलिस की गाड़ियों से निकालकर उनके घर की तरफ ले जाते समय पथराव कर दिया गया। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज करके भीड़ को खदेड़ दिया। लाठीचार्ज के दौरान कांकरटोला के मोईन सिद्दीकी समेत करीब दो दर्जन लोगों की पिटाई हो गई। पथराव और लाठीचार्ज में करीब दो दर्जन लोग चोटिल हो गए हैं। मोईन सिद्दीकी ने मामले में मुमताज, फैसल अनीस, इरफान मुर्गे वाला, शमीम, आजाद कबाड़ी, इल्मी, मुजाहिद और असीम समेत 200-250 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को तहरीर दी है। आरोप है कि फैसल अनीस और उसके साथियों ने फायरिंग की है। आईजी विजय सिंह मीना ने भी घटना स्थल का दौरा करने के बाद कोतवाली में एसएसपी और एसपी सिटी से घटना की बारीकी से जानकारी की। डीएम ने इस मामले में दोनों पक्षों को अपने-अपने कागजों के साथ बुधवार को बुलाया है। एसएसपी ने बताया कि कानून से किसी को खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। बवाल करने वालों को चिहिन्त करके कार्रवाई होगी।