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...और रेलवे लाइन पर मिला बाराती का शव

Sat, 25 Apr 2015 12:47 AM IST
बरेली
बरेली Updated Sat, 25 Apr 2015 12:47 AM IST
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बदायूं के थाना वजीरगंज के न्यौली हरनाथपुर गांव के 55 साल के बाराती गोकिल यादव का शव बंशीनगला में एसआर यादव शादी हाल के सामने डाउन लाइन पर पड़ा मिला। वह यहां बारात में आए थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने के बाद परिवार वालों को सौंप दिया। परिवार वाले उनकी हत्या करके शव रेलवे लाइन पर डालने का आरोप लगा रहे हैं। जबकि थाना सुभाषनगर की मढ़ीनाथ चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि अब तक की जांच में बाराती की मौत ट्रेन की चपेट में आने से हुई पता चली है। यह आत्महत्या या हत्या का मामला नहीं लग रहा है। लग यह रहा है कि वह शौच के लिए वहां गए थे। इस संबध में कोई तहरीर भी नहीं आई है।  
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ग्राम न्यौली हरनाथपुर के किसान गोकिल यादव अपने गांव के विकास यादव की बारात में आए हुए थे। शनिवार की सुबह पुलिस को जानकारी मिली कि उनका शव डाउन लाइन पर पड़ा है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो गोकिल के सिर का एक हिस्सा गायब था। खोपड़ी बुरी तरह से फूट गई थी। पंचनामा भरने के दौरान पुलिस ने प्राथमिक जांच करने के बाद बताया कि ट्रेन की चपेट में आने से ही इस तरह की चोट लगती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी पुलिस की इसी बात की पुष्टि कर रही है। मृतक की जेब से 27 रुपये का तहसील बिसौली के तहसीलदार की तरफ से जारी मुआवजे का चेक निकला है। फसल बर्बाद होने पर गोकिल को यह चेक मिला है। शुरू में किसान की मौत को आत्महत्या माना जा रहा था, लेकिन पुलिस की जांच में ऐसा कुछ नहीं मिला।

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बेटियों केे आंसू नहीं थम रहे
एयरफोर्स गेट डिफेंस कॉलोनी निवासी नामित पार्षद एवं सपा युवजन सभा के महानगर अध्यक्ष अशोक कुमार यादव ने बताया कि गोकिल उनके पिता के फुफेरे भाई थे। उनके पास करीब तीन बीघा जमीन है। सुमन, सरोजा और हेमवती तीन बेटियों में दो की शादी हो चुकी है। हेमवती की अभी शादी नहीं हुई है। घटना की सूचना मिलने पर पोस्टमार्टम हाउस पहुंची बेटियों का बुरा हाल है। उनके आंसू नहीं थम रहे हैं।  
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आधी रात को बारातियों ने किया बारातघर पर पथराव
बंशीनगला में घराती की टिप्पणी पर भड़के बारातियों ने किया बवाल, लड़की की मां समेत कई घायल

सुबह छह बजे दूल्हा को बुलाकर लड़की को विदा किया
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। थाना सुभाषनगर इलाके में शुक्रवार की रात को शमशान भूमि रोड पर बंशीनगला में खाने के दौरान लड़की पक्ष के लोगों से विवाद होने पर बदायूं के बारातियों ने शादी हाल पर पथराव कर दिया। रेलवे लाइन पर चढ़कर फेंके गए पत्थरों से शादी हाल के कई शीशे टूट गए। पथराव के दौरान लड़की की मां समेत एक दर्जन लोग चोटिल हो गए। दूल्हा भी भाग गया। शनिवार की सुबह बिरादरी के जिम्मेदार लोगों की मदद से दूल्हा को बुलाकर फेरे कराने के बाद लड़की को विदा कर दिया गया।
बदायूं के थाना वजीरगंज के न्यौली हरनाथपुर गांव के नरेंद्र कुमार उर्फ नन्हें यादव के बेटे विकास उर्फ सलकू यादव की शादी सीबीगंज थाने के ग्राम सराय तलफी के डेयरी संचालक सुखपाल यादव की बेटी उषा के साथ तय हुई थी। 23 अप्रैल को सुखपाल अपने परिवार के 15 लोगों के साथ लग्न लेकर बेटी की सुसराल गया था। नरेंद्र यादव के बड़े भाई  मास्टर राकेश यादव के बेटे सोहित यादव की लग्न भी बरेली से गई थी। बताते हैं कि सुखपाल ने लग्न में चार लाख रुपये, एक मोटर साइकिल, सोने की चेन दी थी, लेकिन उनके साथ गए परिवार के लोगों की नरेंद्र यादव के यहां खातिर नहीं हो पाई थी। मास्टर साहब के मेहमानों की खूब खातिरदारी हो रही थी। शुक्रवार को रात करीब 10.30 बजे विकास की बारात आ गई। बारात के खाने और ठहरने का इंतजाम सुखपाल ने बंशीनगला के शादीहाल में कि या था। यहां बारात चढ़ने के बाद रात करीब साढ़े ग्यारह बजे खाना शुरू हुआ तो लड़की पक्ष के किसी युवक ने बारातियों पर टिप्पणी कर दी। इसी को लेकर हंगामा खड़ा हो गया। दोनों पक्षों के लोगों में मारपीट होने लगी। सुखपाल हाथ जोड़कर लोगों को समझाकर शांत करता रहा, लेकिन उसकी किसी ने एक नहीं सुनी। इसी बीच बाराती दस कदम दूरी पर स्थित रेलवे लाइन पर चढ़कर पथराव करने लगे। पथराव में सुखपाल की पत्नी ननको देवी के अलावा गांव के ही वेदपाल सिंह यादव, कुंवर पाल सिंह यादव, धीर सिंह, यादव, अप्पे आदि करीब एक दर्जन लोग चोटिल हो गए। रात करीब एक बजे पुलिस मौके पर पहुंची तो बाराती अपने-अपने घरों को भाग गए। सुखपाल यादव के ममेरे भाई समाजवादी पार्टी के जिला महासचिव मलखान सिंह यादव  ने न्यौली हरनाथपुर गांव और पलेई गांव के प्रधानों को फोन करके बात की। उधर सुखपाल ने समधी नरेंद्र यादव को फोन करके अपनी गलती पूछी। उन्होंने कह दिया कि आपकी कोई गलती नहीं है। इसके बाद देवचरा के पास रसूलपुर गांव में अपने रिश्तेदार के यहां चले गए विकास यादव और उसके परिवार वालों को बुलाकर फेरे कराने के बाद उषा को विदा कर दिया गया।

 -बारात आने के बाद सब कुछ ठीक चल रहा था। खाना खाने के दौरान किसी ने शरारत कर दी। इसके बाद बवाल खड़ा हो गया। हमारी ही किस्मत खराब थी कि बेटी की शादी में बिना वजह बवाल हो गया। उनके समधी भी जानते हैं कि हमने उनके साथ कुछ बुरा नहीं किया। पांच दिन बाद वह बेटी की विदाई कराने जाएंगे- सुखपाल लड़की के पिता


खाने की हो गई बर्बादी
सुखपाल की बेटी की शादी में बवाल होने के बाद खाना बर्बाद हो गया। आटा और तैयार हो चुकी सब्जी और दाल नालियों में बहानी पड़ी। शादी हाल के लड़के भी मारपीट और पथराव होने से सहम गए। दहेज का सामान भी शादी हाल के कमरे में बंद पड़ा है। सुखपाल का कहना है कि वह बेटी के दहेज का सामान भिजवा देंगे।
 
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