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लड़की का शव तो मिला, लड़का कहां गया

बरेली Updated Tue, 07 Apr 2015 01:31 AM IST
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17 दिन लापता भिटौरा के वार्ड पांच के वीरपाल मौर्य की 14 वर्षीय बेटी जावित्री उर्फ जगदेई की बोरे में बंद लाश तो घर के नजदीक  तालाब से बरामद हो गई लेकिन उसको भगा ले जाने के आरोपी लड़के का अभी तक पता नहीं चल सका है। उसके घरवालों को पहले ही लड़के-लड़की की  हत्या की आशंका थी। वह कई दिनों से तालाब-पोखरों को खंगाल रहे थे। उनकी ही खोज का नतीजा है कि लड़की की लाश तालाब से बरामद हो गई लेकिन उनके अपने लड़के का पता नहीं लगने से पूरा परिवार हलकान है। हालांकि पुलिस ने जल्द ही लड़के का भी पता लगाने का दावा किया है। पुलिस ने लड़की के पिता वीरपाल और उसके चचेरे भाई राजेंद्र को हिरासत में लिया है।
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लड़की का घर भिटौरा और लड़के का करीब चार सौ मीटर दूर लोदीनगर मोहल्ले में है। बताया जा रहा है कि दोनों में पांच-छह महीने से प्रेम प्रसंग चल रहा था। लड़के के परिवार वालों को भी इस बात का पता था। लड़की कभी-कभार लड़के के घर भी चली जाया करती थी। लड़की सातवीं कक्षा में पढ़ती थी और लड़का कक्षा नौ में। बताया जा रहा है कि 21 मार्च को लड़की पक्ष के किराएदार सोनू के बेटे का नामकरण संस्कार था। उसमें दीपक मौर्य भी गया था। तभी से दीपक भी लापता था।

लड़के की मां कमला ने पुलिस को बताया कि 21 तारीख को ही वीरपाल मौर्य ने बेटी और दीपक को आपत्तिजनक स्थिति में देखने के बाद दीपक की पिटाई की तो लड़की उनके घर आई और उसने इस बात की जानकारी दी। कमला के अनुसार उसने अपने पति को यह बात इसलिए नहीं बताई कि वह उस वक्त शराब पिए हुए थे ऐसे में कोई वारदात हो सकती थी। वह लड़की के जाने के कुछ देर बाद उसके घर  गई तो न तो दीपक वहां था और न ही लड़की। पूछने पर लड़की के घरवालों ने कह दिया कि दीपक यहां आया ही नहीं था। इसी से उन्हें आशंका थी कि दीपक का अपहरण कर उसके साथ कोई अनहोनी कर दी गई है।

सभासद के नेतृत्व में 150 लोगों ने चौकी घेरी
लोधीनगर सभासद महेंद्र पाल मौर्य, भिटौरा सभासद सुभाष मौर्य और पप्पू मौर्य समेत 150 से ज्यादा लोगों ने दीपक को गायब करने वालों को बचाने का पुलिस पर इल्जाम लगाते हुए कस्बा चौकी घेर ली। बीस मिनट तक हंगामे के बाद चौकी इंचार्ज अमरपाल सिंह ने निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाकर बमुश्किल उत्तेजित लोगों को शांत किया।

बोलेरो के आगे कूदी दीपक की मां
दीपक के अपहरण के आरोपी वीरपाल और उसके चचेरे भाई राजेंद्र को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। चौकी इंचार्ज अमरपाल सिंह हिरासत में लिए गए वीरपाल को पुलिस जीप में बैठाकर कप्तान के आदेश पर पुलिस लाइन ले जा रहे थे, लेकिन दीपक की मां कमला इंसाफ मांगते हुए बोलेरो के आगे कूद गई। उसके परिवार की अन्य औरतों समेत तमाम दीगर लोग भी आ डटे। सूचना पर थाने से फोर्स पहुंची, तब कहीं काफी जद्दोजहद के बाद लोगों को हटाया जा सका।

चोरी की बोलेरो दौड़ा रहे खाकी वाले
आठ-दस महीने पहले पुलिस ने चोरी की तीन लग्जरी गाड़ियां सतुइया टोल प्लाजा पर बरामद की थीं। अंतरराज्यीय वाहन चोर भी पकड़े गए थे। पुलिस वीरपाल को बरेली इसी चोरी की बगैर नंबर वाली बुलेरो से ले जा रही थी। थाने में खड़ी इन गाड़ियों को पुलिस कर्मी अक्सर इस्तेमाल में लाते रहे हैं। कड़ाई से पूछताछ के बाद भी पुलिस वीरपाल या राजेंद्र से देर शाम खबर लिखे जाने तक कुछ भी नहीं उगलवा पाई है।

     

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