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अशफाक-इस्लाम की सिफारिश पर बने फर्जी शस्त्र लाइसेंस

Mon, 09 Mar 2015 01:45 AM IST
बरेली
बरेली Updated Mon, 09 Mar 2015 01:45 AM IST
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पीलीभीत के लोगों के बरेली के फर्जी पतों पर बनाए गए शस्त्र लाइसेंस की दस फाइलें विवेचक को मिल गई हैं। इसी के साथ ये खुलासा भी हुआ है कि इनके लिए किसी और ने नहीं बल्कि दो पूर्व विधायकों अशफाक अहमद अंसारी और उनके बेटे इस्लाम साबिर ने सिफारिश की थी। बिना जांच पड़ताल के माननीयों का इस तरह शस्त्र लाइसेंस के लिए सिफारिश करना चौंकाने वाला है। विवेचक कोतवाली के उप निरीक्षक यश कुमार के अनुसार शस्त्र लाइसेंसों के आवेदनों पर रिपोर्ट लगाने वाले दरोगा और लेखपालों को भी मुल्जिम बनाया जा रहा है।
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सपा नेता इरशाद खान की तहरीर पर डीआईजी आरकेएस राठौर के आदेश पर कोतवाली में 14 फरवरी को पीलीभीत की बीसलपुर कोतवाली के मीरपुर वाहनपुर, महादेवा, अभयपुर चैना नकटी और रसायनखानपुर गांव के तेरह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में शहर कोतवाली में मुकदमा लिखने के बाद अभी तक फर्जी पतों पर शस्त्र लाइसेंस बनवाने वाले खुलेआम घूम रहे हैं। विवेचक को 13 में से दस की फाइलें मिल गई हैं। इनमें आबिद हुसैन के अलावा जलालालुद्दीन और उसके भाई रईसुद्दीन का शस्त्र लाइसेंस बारादरी के मोहल्ला चक महमूद के फर्जी पते पर बना है। सद्दीक, बुंदा खां, मुंशी, का बिथरी चैनपुर के परसौना गांव के पते पर बनवाया गया है। साबिर हुसैन, परवेज खां का लाइसेंस फरीदपुर के मोहल्ला परा के पते पर बनवाया गया है। मसीयर खां का थाना बारादरी के ही पुराना शहर और मैसर हुसैन का थाना भुता इलाके के गांव के पते पर लाइसेंस बना है। अताउल्ला खां, मुन्ने और नबीशेर की फाइलें अभी तक विवेचक को नहीं मिल पा रही हैं। सद्दीक का शस्त्र लाइसेंस बनाने के लिए तत्कालीन विधायक अशफाक अहमद अंसारी ने सिफारिश की थी। इसके अलावा बुंदा खां और मुंशी के शस्त्र लाइसेंस बनाने के लिए उनके बेटे पूर्व विधायक इस्लाम साबिर ने सिफारिश की है। विवेचक ने बताया कि  असलाह दफ्तर से जो दस फाइलें उन्हें मिली हैं, उनमें पूर्व विधायक अशफाक हुसैन और इस्लाम साबिर के सिफारिशी पत्र लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि शस्त्र लाइसेंसों के आवेदनों पर रिपोर्ट लगाने वाले दरोगा और लेखपाल भी इस मामले में दोषी है। उनके नामों का पता लगाकर मुल्जिम बनाया जाएगा। गन नंबर मिलने के बाद शस्त्र लाइसेंसों के निलंबन की कार्रवाई कराई जाएगी।  
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