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चकबंदी टीम की मौजूदगी में बवाल, फायरिंग
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Sat, 04 Jun 2016 12:59 AM IST
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थाना क्षेत्र के ग्राम सिंघाई कलां में शुक्रवार दोपहर चकबंदी कराने को लेकर बुलाई गई बैठक में खासा बवाल हो गया। प्रधान के पति और उनके विपक्षियों में जमकर लाठी डंडे चले तो फायरिंग भी हुई। संघर्ष में दोनों पक्ष के आठ लोग घायल हो गए तो चकबंदी टीम ने भागकर जान बचाई। दो थानों की पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपी फरार हो गए। दोनों पक्षों ने एक दूसरे के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है।
शुक्रवार पूर्वान्ह लगभग 11 बजे सिंघाई कलां प्राथमिक विद्यालय के पीछे बाग में चकबंदी विभाग के सीओ मनोज कुमार और नायब सुनील कुमार ने अपनी टीम के साथ ग्रामीणों की बैठक बुलाई थी। ग्राम प्रधान शबाना के पति नईम खां की मौजूदगी में यहां काफी संख्या में ग्रामीण जुटे। अधिकारियों ने गांव में चकबंदी का प्रस्ताव रखा तो प्रधान पक्ष ने इसका स्वागत किया। वहीं, विपक्ष के लोग प्रस्ताव का विरोध करने लगे। इसे लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हुई जो धीरे धीरे गालीगलौज और मारपीट में बदल गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों में संघर्ष शुरू हो गया। लाठी डंडे चलने के साथ ही कुछ ग्रामीण लाइसेंसी और और नाजायज हथियार निकाल लाए। हवाई फायरिंग से हड़कंप मच गया। चकबंदी टीम मौका पाकर अपनी जान बचाकर भाग निकली। बैठक में बवाल की सूचना पर थानाध्यक्ष गौरव सिंह भारी मात्रा में फोर्स लेकर गांव पहुंचे। फरीदपुर पुलिस भी मौके पर आ गई। हालांकि तब तक हमलावर फरार हो गये। संघर्ष में प्रधान के पति नईम खां, सलीम खां, कलीम खां, नसीम खां पुत्र नन्हें, आसिफ खां, सलीम विकलांग तथा दूसरे पक्ष के जावेद खां और फारूख खां गंभीर रूप से घायल हो गये। पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए बरेली अस्पताल भेजा। नईम ने विरोधी पक्ष के 11 लोगों के खिलाफ तो जावेद ने नईम समेत चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
वर्जन
हमारी टीम तो चकबंदी के लिए गांव में माहौल देखने गई थी। सोचा था कि ज्यादा ग्रामीणों की राय होगी तो चकबंदी कराएंगे। इस बीच बैठक में प्रधानी की रंजिश को लेकर तकरार हो गई और हंगामा होने लगा। चकबंदी टीम से किसी ने कुछ नहीं नहीं कहा। हम लोग वहां से चले आए। - मनोज कुमार, सीओ चकबंदी
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वर्जन
चकबंदी को लेकर कई गांवों में लफड़े हो चुके हैं। चकबंदी टीम को पार्टीबंदी वाले गांव में इस तरह ग्रामीणों की एक साथ बैठक करनी ही नहीं चाहिए थी। अगर करते भी तो पुलिस को सूचना देकर पहले सुरक्षा के बंदोबस्त करा लेते। चकबंदी टीम की लापरवाही से ही घटना हुई। हालांकि हम दोषियों पर सख्त कार्रवाई करेंगे। - गौरव सिंह यादव, एसओ भुता
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शुक्रवार पूर्वान्ह लगभग 11 बजे सिंघाई कलां प्राथमिक विद्यालय के पीछे बाग में चकबंदी विभाग के सीओ मनोज कुमार और नायब सुनील कुमार ने अपनी टीम के साथ ग्रामीणों की बैठक बुलाई थी। ग्राम प्रधान शबाना के पति नईम खां की मौजूदगी में यहां काफी संख्या में ग्रामीण जुटे। अधिकारियों ने गांव में चकबंदी का प्रस्ताव रखा तो प्रधान पक्ष ने इसका स्वागत किया। वहीं, विपक्ष के लोग प्रस्ताव का विरोध करने लगे। इसे लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हुई जो धीरे धीरे गालीगलौज और मारपीट में बदल गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों में संघर्ष शुरू हो गया। लाठी डंडे चलने के साथ ही कुछ ग्रामीण लाइसेंसी और और नाजायज हथियार निकाल लाए। हवाई फायरिंग से हड़कंप मच गया। चकबंदी टीम मौका पाकर अपनी जान बचाकर भाग निकली। बैठक में बवाल की सूचना पर थानाध्यक्ष गौरव सिंह भारी मात्रा में फोर्स लेकर गांव पहुंचे। फरीदपुर पुलिस भी मौके पर आ गई। हालांकि तब तक हमलावर फरार हो गये। संघर्ष में प्रधान के पति नईम खां, सलीम खां, कलीम खां, नसीम खां पुत्र नन्हें, आसिफ खां, सलीम विकलांग तथा दूसरे पक्ष के जावेद खां और फारूख खां गंभीर रूप से घायल हो गये। पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए बरेली अस्पताल भेजा। नईम ने विरोधी पक्ष के 11 लोगों के खिलाफ तो जावेद ने नईम समेत चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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हमारी टीम तो चकबंदी के लिए गांव में माहौल देखने गई थी। सोचा था कि ज्यादा ग्रामीणों की राय होगी तो चकबंदी कराएंगे। इस बीच बैठक में प्रधानी की रंजिश को लेकर तकरार हो गई और हंगामा होने लगा। चकबंदी टीम से किसी ने कुछ नहीं नहीं कहा। हम लोग वहां से चले आए। - मनोज कुमार, सीओ चकबंदी
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चकबंदी को लेकर कई गांवों में लफड़े हो चुके हैं। चकबंदी टीम को पार्टीबंदी वाले गांव में इस तरह ग्रामीणों की एक साथ बैठक करनी ही नहीं चाहिए थी। अगर करते भी तो पुलिस को सूचना देकर पहले सुरक्षा के बंदोबस्त करा लेते। चकबंदी टीम की लापरवाही से ही घटना हुई। हालांकि हम दोषियों पर सख्त कार्रवाई करेंगे। - गौरव सिंह यादव, एसओ भुता