{"_id":"5aa04c224f1c1b013e8b5be8","slug":"cbi-arrests-post-department-official-taking-bribe","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीबीआई ने शाहजहांपुर के डाक अधीक्षक को रिश्वत लेते पकड़ा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सीबीआई ने शाहजहांपुर के डाक अधीक्षक को रिश्वत लेते पकड़ा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Thu, 08 Mar 2018 02:01 AM IST
विज्ञापन
सीबीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पोस्ट मास्टर जनरल कार्यालय की मिलीभगत से लगातार घोटाले हो रहे हैं। बरेली मुख्य डाकघर में एक करोड़ से अधिक के गबन के बाद अब शाहजहांपुर में डाक अधीक्षक समेत दो लोग रिश्वत लेते पकड़े गए हैं। सीबीआई की इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है, लेकिन इस मामले में पीएमजी कार्यालय ने चुप्पी साध ली है।
डाक विभाग पार्सल आदि कार्यों के लिए फ्रेंचाइजी देता है, इसकी संस्तुति डाक अधीक्षक करता है और पीएमजी कार्यालय से अनुमोदन दिया जाता है। विभाग इसकी बिलिंग कर भुगतान करता है, इसके बदले में ऊपर से नीचे तक इस कार्य के लिए सुविधा शुल्क का बोलबाला रहता है, तभी बिलों के भुगतान होते हैं। प्रभावित पक्ष ने बिल भुगतान नहीं होने पर सीबीआई से शिकायत की कि डाक अधीक्षक बीके गुप्ता और क्लर्क शशिकांत सोलंकी अक्तूबर से जनवरी तक के बिल पास कराने के लिए रिश्वत मांग रहे हैं। इसके बाद सीबीआई की टीम ने ट्रैप करके बीके गुप्ता और शशिकांत सोलंकी को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
पीएमजी ने बात करने से किया मना
कभी डाक टिकट ब्लैक तो कभी बदायूं में पौने चार करोड़ रुपये केे गबन और अब चेक से एक करोड़ से अधिक के घोटाले के बाद सीबीआई की कार्रवाई होने से डाक विभाग में अफरातफरी मची हुई है। घोटालेबाजों को संक्षरण देने वाले पीएमजी कार्यालय ने इन सब मामलों में चुप्पी साध रखी है। पीएमजी आरकेबी सिंह ने फोन पर भी बात करने से मना कर दिया। उधर, शाहजहांपुर में अधीक्षक समेत दो लोगों के रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद विभाग लीपापोती में लग गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
डाक विभाग पार्सल आदि कार्यों के लिए फ्रेंचाइजी देता है, इसकी संस्तुति डाक अधीक्षक करता है और पीएमजी कार्यालय से अनुमोदन दिया जाता है। विभाग इसकी बिलिंग कर भुगतान करता है, इसके बदले में ऊपर से नीचे तक इस कार्य के लिए सुविधा शुल्क का बोलबाला रहता है, तभी बिलों के भुगतान होते हैं। प्रभावित पक्ष ने बिल भुगतान नहीं होने पर सीबीआई से शिकायत की कि डाक अधीक्षक बीके गुप्ता और क्लर्क शशिकांत सोलंकी अक्तूबर से जनवरी तक के बिल पास कराने के लिए रिश्वत मांग रहे हैं। इसके बाद सीबीआई की टीम ने ट्रैप करके बीके गुप्ता और शशिकांत सोलंकी को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
पीएमजी ने बात करने से किया मना
कभी डाक टिकट ब्लैक तो कभी बदायूं में पौने चार करोड़ रुपये केे गबन और अब चेक से एक करोड़ से अधिक के घोटाले के बाद सीबीआई की कार्रवाई होने से डाक विभाग में अफरातफरी मची हुई है। घोटालेबाजों को संक्षरण देने वाले पीएमजी कार्यालय ने इन सब मामलों में चुप्पी साध रखी है। पीएमजी आरकेबी सिंह ने फोन पर भी बात करने से मना कर दिया। उधर, शाहजहांपुर में अधीक्षक समेत दो लोगों के रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद विभाग लीपापोती में लग गया है।
विज्ञापन