फ्री मोबाइल ऐप भी कर रहे आपके पर्सनल डाटा में सेंधमारी

न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली Updated Sat, 24 Mar 2018 08:29 PM IST
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Beware: Free mobile apps stealing yor data

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फेसबुक के जरिये करोड़ों भारतीय यूजर का डाटा चोरी होने की बात सामने आने के बाद देश में हड़कंप मचा हुआ है, लेकिन आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि मोबाइल में फ्री इंस्टॉल होने वाले ऐप भी आपके पर्सनल डाटा में सेंधमारी कर रहे हैं। हाल ही में हुए सर्वे में यह बात सामने आ चुकी है। सबसे ज्यादा भारतीय यूजर्स का डाटा ही चोरी करके इंटरनेशनल स्तर की कंपनियों को बेचा जा रहा है। सोशल मीडिया के मोबाइल ऐप हों या फिर मनोरंजन ऐप, ये  इंस्टॉल होते ही सारी जानकारी स्कैन करके अपने सर्वर पर भेज देते हैं जहां से वह डाटा बाजार में कंपनियों को मुंहमांगे दामों में बेची जाती है। साइबर एक्सपर्ट की मानें तो हर साल बिलियन डॉलर का कारोबार डाटा चोरी करके हो रहा है।
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किस तरह चुराया जा रहा है डाटा
अगर आप अपने मोबाइल में कोई भी ऐप डाउनलोड करते हैं तो इंस्टॉल से पहले वह सारे राइट मांगता है। इसे ओके करते ही ई-मेल समेत अन्य मेलिंग एकाउंट, कांटेक्ट लिस्ट, लोकेशन, यहां तक पासवर्ड तक स्कैन कर लिया जाता है। मोबाइल ऐप डेवलप करने वाली कंपनी के सर्वर पर ये सारी जानकारी चली जाती है, जहां इस डाटा का जैसे चाहे उपयोग किया जा सकता है। ई-मेल पर आने वाले प्रमोशन मेल और मोबाइल पर आने वाले अनचाहे मेसेज भी इन्हीं ऐप की वजह से आते हैं। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉॅ. रविंद्र सिंह के अनुसार फ्री ऐप प्रयोग करना सबसे ज्यादा खतरनाक है। खासतौर से वीडियो कॉल ऐप और ग्रुप वीडियो कॉल ऐप सबसे खतरनाक हैं।  
मोबाइल ऐप के जरिये हैक हो सकता है आपका मोबाइल
आपने सोचा भी नहीं होगा कि मोबाइल ऐप के जरिये आपका मोबाइल भी हैक हो सकता है। साइबर एक्सपर्ट अनुज अग्रवाल के अनुसार अगर आपने कोई मोबाइल ऐप डाउनलोड किया है तो समझो आपने किसी अनचाहे, अनजाने व्यक्ति को अपने घर बुला लिया। इन ऐप के जरिये मोबाइल में वायरस पहुंचाया जा सकता है। मोबाइल हैक करके रैंसम यानी पैसे की मांग कर सकता है।

फ्री ऐप का प्रयोग करने से बचे
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस के एसोसिएट प्रोफेसर एसएस बेदी के अनुसार उनकी टीम ने एक सर्वे किया था, इसमें पता चला कि 66 फीसदी छात्र बिना सोचे समझे इंटरनेट कंटेंट का उपयोग करते हैं। इसमें कई छात्र ऐसे मिले जो तमाम तरह की जानकारी मोबाइल ऐप के जरिये जुटाते हैं जो खतरनाक साबित हो सकता है। मोबाइल पर सिर्फ ऐसे ऐप ही उपयोग करें जिसमें आपकी बहुत जरूरी जानकारी न रखी हो, जिसमें बैंक, ऑफिस या घर से जुड़ी जानकारी हो उन ऐप का उपयोग करने से बचें।

इंटरनेशनल लेवल पर आज डाटा इधर से उधर करना बड़े बाजार का रूप ले चुका है। बिलियन डॉलर का बाजार है। भारत में डाटा प्रोटेक्शन एक्ट न होने के कारण बाहर की कंपनियां भारतीय यूजर को निशाना बना रही हैं। पिछले एक साल की बात करें तो 30 फीसदी से ज्यादा मामले सामने आए हैं जिसमें प्रोडक्ट प्रमोशन वाली कंपनियों ने भारतीय यूजर्स का डाटा यूज किया है। फेसबुक का मामला खुलने के बाद अब बाकी मामले भी खुल रहे हैं। - अनुज अग्रवाल, चेयरमैन सेंटर फॉर रिसर्च आन साइबर क्राइम एंड साइबर लॉ दिल्ली 
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