फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Because police are defending the accused SP leader

सपा नेता की वजह से पुलिस कर रही आरोपी का बचाव

Tue, 24 May 2016 02:20 AM IST
ब्ययूराो अमर उजाला बरेली
ब्ययूराो अमर उजाला बरेली Updated Tue, 24 May 2016 02:20 AM IST
विज्ञापन
दहेज के लिए पत्नी को पीटने और उसके हाथ की नस काटने के आरोपी पर पुलिस इसलिए मेहरबान है कि वह सपा के एक बड़े नेता के यहां काम करता है। आरोपी अंकित पांडेय  ने पत्नी की हाथ की नस काट कर जान लेने की कोशिश की फिर भी पुलिस ने इसे महज दहेज उत्पीड़न का मामला ही माना और उल्टा इस मामले में समझौते का दबाव बनाने को आरोपी की तरफ से भी लड़की पक्ष के खिलाफ एनसीआर दर्ज कर ली। 
विज्ञापन

रामगंगा नगर में रहने वाले गांधी आश्रम कर्मचारी राजीव चतुर्वेदी ने छह फरवरी को अपनी बेटी नैंसी की शादी सनराइज कॉलोनी निवासी अंकित पांडेय के साथ की थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही अंकित ने दहेज के लिए नैंसी को तंग करना शुरू कर दिया था।  उसने बृहस्पतिवार को नैंसी के साथ मारपीट कर हाथ की नस काट दी। सूचना मिलने पर नैंसी के परिवार वाले उसकी ससुराल पहुंचे तो उन्हें डंडों से दौड़ाया। मोहल्ले के लोगों ने उन्हें बचाया। पिता राजीव चतुर्वेदी बेटी को लेकर सीधे थाने पहुंचे तो अंकित भी अपने साथियों को लेकर आ धमका। उसने थाने में ही नैंसी और उसके घरवालों को धमकाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उस वक्त उसे भगाकर आरोपी के खिलाफ दहेज उत्पीड़न के आरोप में मुकदमा लिख लिया। जबकि हाथ की नस काटने पर यह मामला जान लेने की कोशिश का बनता था।  मुकदमे में ससुर और सास को शामिल नहीं किया गया। इसके बाद पुलिस ने अगले दिन एक और खेल कर दिया। थाने पहुंचे अंकित  हाथ की नस काट कर थाने पहुंचा तो पुलिस ने उसकी तरफ से भी ससुर राजीव चतुर्वेदी, सास नीलम और बेटे कृष्ण चतुर्वेदी के खिलाफ एनसीआर दर्ज कर ली। प्रभारी निरीक्षक कमरुल हसन बताया कि दहेज उत्पीड़न सात साल से कम सजा वाला अपराध है। इसलिए गिरफ्तारी नहीं की जा सकती है। अंकित हाथ की नस कटी लेकर आया था, इसलिए एनसीआर उसकी भी लिख ली। मुकदमे को मीडिएशन में भेजा जा रहा है। इसके आगे मेडिकल रिपोर्ट के हिसाब के कार्रवाई होगी।  
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed