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बरेली में फिर अलर्ट, संदिग्धों की तलाश
बरेली
Updated Tue, 08 Aug 2017 01:30 AM IST
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मुजफ्फरनगर में बांग्लादेशी आतंकी अब्दुल्ला के पकड़े जाने के बाद बरेली में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। खुफिया एजेंसियां अब्दुला का बरेली से कनेक्शन तलाश रही है। पाकिस्तानी जासूस इजाज ने बरेली को ही ठिकाना बनाया था। वह काफी समय तक पश्चिमी बंगाल में रहा था। इजाज के पकड़े जाने के बाद कोलकाता एसटीएफ ने उसके उस्ताद हाजी इरशाद उसके साथी अशफाक और जहांगीर को गिरफ्तार किया था। छानबीन के दौरान पता लगा था कि इजाज इरशाद के साथ कोलकाता के भोजपुर जिले के अजीमाबाद में कपड़ा बेचता था। इरशाद के पास कुछ कपड़े मिले थे। उनमें पाकिस्तान के स्टीकर लगे थे। इसलिए बरेली में संदिग्धों की तलाश के लिए कु छ खास इलाकों पर नजर रखी जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि बांग्लादेश के लोग बरेली में भी तो नहीं रह रहे हैं।
पाकिस्तानी जासूस इजाज ने शहर के मोहल्ला दीवानखाना (शाहबाद) को ठिकाना बनाकर सेना के इलाके में भी घूम आया था। दिसंबर 2014 से रह रहा था। 28 नवंबर 2015 को मेरठ में पकड़े जाने के बाद उसके पास सेना से संबंधित कई फोटो भी मिले थे। इजाज का बरेली में काफी बड़ा नेटवर्क था। उसने फर्जी पहचान पत्र भी बनवा लिया था। इससे पहले भी बरेली कई बार आतंकी गतिविधियों के लिए संदिग्ध रहा है। मुजफ्फरनगर में बंगलादेश के प्रतिबंधित आतंकी संगठन अंसार उल बांग्ला के अब्दुल्ला के पकड़े जाने के बाद एटीएस की टीम बरेली में भी उसका कनेक्शन तलाश कर रही है। किराए पर रहने वाले लोगों के बारे में भी पता कराया जा रहा है। सीओ एलआईयू भंवर सिंह पुंडीर ने बताया कि हमारी टीम अलर्ट है। इस पर और भी एजेंसियां काम कर रही हैं। जिले में जिसे भी कोई संदिग्ध व्यक्ति नजर आए, वह किसी भी अधिकारी को सूचना दे सकता है।
बरेली से कहां खो गए बंगलादेशी
बरेली। मुजफ्फरनगर में आतंकी पकड़े जाने के बाद मंडल के तीन जिलों से लापता29 बांग्लादेशियों की खुफिया एजेंसियों ने फिर से तलाश शुरू कर दी है, लेकिन अभी उनके बारे में अभी कोई सुराग नहीं मिला है। बरेली से 18, पीलीभीत से सात और शाहजहांपुर से चार बंगलादेशी लापता हैं। खुफिया एजेंसियों ने उनकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पाया। जब भी पश्चिमी यूपी में आतंकी गतिविधियों से संबंधित कोई खबर आती है, लापता बांग्लादेशियों की तलाश शुरू हो जाती है। अब फिर से उनकी तलाश शुरू कर दी गई है।
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पाकिस्तानी जासूस इजाज ने शहर के मोहल्ला दीवानखाना (शाहबाद) को ठिकाना बनाकर सेना के इलाके में भी घूम आया था। दिसंबर 2014 से रह रहा था। 28 नवंबर 2015 को मेरठ में पकड़े जाने के बाद उसके पास सेना से संबंधित कई फोटो भी मिले थे। इजाज का बरेली में काफी बड़ा नेटवर्क था। उसने फर्जी पहचान पत्र भी बनवा लिया था। इससे पहले भी बरेली कई बार आतंकी गतिविधियों के लिए संदिग्ध रहा है। मुजफ्फरनगर में बंगलादेश के प्रतिबंधित आतंकी संगठन अंसार उल बांग्ला के अब्दुल्ला के पकड़े जाने के बाद एटीएस की टीम बरेली में भी उसका कनेक्शन तलाश कर रही है। किराए पर रहने वाले लोगों के बारे में भी पता कराया जा रहा है। सीओ एलआईयू भंवर सिंह पुंडीर ने बताया कि हमारी टीम अलर्ट है। इस पर और भी एजेंसियां काम कर रही हैं। जिले में जिसे भी कोई संदिग्ध व्यक्ति नजर आए, वह किसी भी अधिकारी को सूचना दे सकता है।
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बरेली से कहां खो गए बंगलादेशी
बरेली। मुजफ्फरनगर में आतंकी पकड़े जाने के बाद मंडल के तीन जिलों से लापता29 बांग्लादेशियों की खुफिया एजेंसियों ने फिर से तलाश शुरू कर दी है, लेकिन अभी उनके बारे में अभी कोई सुराग नहीं मिला है। बरेली से 18, पीलीभीत से सात और शाहजहांपुर से चार बंगलादेशी लापता हैं। खुफिया एजेंसियों ने उनकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पाया। जब भी पश्चिमी यूपी में आतंकी गतिविधियों से संबंधित कोई खबर आती है, लापता बांग्लादेशियों की तलाश शुरू हो जाती है। अब फिर से उनकी तलाश शुरू कर दी गई है।
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