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कृषि मंडी अधिनियम समाप्त करने की मांग
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Sat, 10 Dec 2016 01:05 AM IST
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Agricultural Market Act Demanding an end
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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उद्योग व्यापार मंडल ने कृषि मंडी अधिनियम समाप्त करने की मांग की है। यह व्यवस्था अन्य प्रदेशों में लागू नहीं है। मनमानी टैक्स प्रणाली से लगातार कारोबार प्रभावित हो रहा है।
प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता ने मुख्यमंत्री के नाम से प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि हरियाणा, दिल्ली, झारखंड आदि बिहार राज्य में मंडी शुल्क व्यवस्था लागू नहीं है, जिसका किसान और व्यापारी दोनों को सीधा लाभ मिलता है। यूपी में कृषि मंडी अधिनियम के तहत ढाई प्रतिशत टैक्स वसूली होती है। इससे बचने के लिए हर दिन बड़ी मात्रा में उपज पड़ोसी राज्यों में ट्रैक्टर-ट्राली आदि वाहनों से पहुंच रही है। इस तस्करी से यूपी में कारोबार चौपट होता जा रहा है। गुप्ता ने बताया कि खाद्यान्न, दलहन, तिलहन, गुड़ आदि जिंसों पर तीन चार सौ रुपये क्विंटल तक टैक्स दिया जाता है। इससे मंडी में भ्रष्टाचार पनप रहा है। टैक्स चोरों की मिलीभगत से मंडी परिषद और सही व्यापार को चूना लगता है।
जिला प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में तत्काल कृषि मंडी अधिनियम खत्म करने और अन्य पड़ोसी राज्यों की व्यवस्था लागू करने की मांग की है। इस मौके पर संजीव चांदना, सुदेश अग्रवाल, महेश कन्नौजिया आदि मौजूद रहे।
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प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता ने मुख्यमंत्री के नाम से प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि हरियाणा, दिल्ली, झारखंड आदि बिहार राज्य में मंडी शुल्क व्यवस्था लागू नहीं है, जिसका किसान और व्यापारी दोनों को सीधा लाभ मिलता है। यूपी में कृषि मंडी अधिनियम के तहत ढाई प्रतिशत टैक्स वसूली होती है। इससे बचने के लिए हर दिन बड़ी मात्रा में उपज पड़ोसी राज्यों में ट्रैक्टर-ट्राली आदि वाहनों से पहुंच रही है। इस तस्करी से यूपी में कारोबार चौपट होता जा रहा है। गुप्ता ने बताया कि खाद्यान्न, दलहन, तिलहन, गुड़ आदि जिंसों पर तीन चार सौ रुपये क्विंटल तक टैक्स दिया जाता है। इससे मंडी में भ्रष्टाचार पनप रहा है। टैक्स चोरों की मिलीभगत से मंडी परिषद और सही व्यापार को चूना लगता है।
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जिला प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में तत्काल कृषि मंडी अधिनियम खत्म करने और अन्य पड़ोसी राज्यों की व्यवस्था लागू करने की मांग की है। इस मौके पर संजीव चांदना, सुदेश अग्रवाल, महेश कन्नौजिया आदि मौजूद रहे।
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