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पुष्पेंद्र को अफजाल बनाने वाला मास्टर माइंड पकड़ा गया

Sun, 10 Jul 2016 01:34 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली Updated Sun, 10 Jul 2016 01:34 AM IST
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भुता। गोकशी के आरोप में पुष्पेंद्र को अफजाल बनाकर जेल भिजवाने वाले मास्टरमाइंड शमशाद को गिरफ्तार करके पुलिस ने जेल भिजवा दिया। फर्जी आईडी बनवाकर पुष्पेंद्र को शमशाद ने रुपये देकर अफजाल बनाया था। पुलिस का यह खेल खुलने के बाद भी किसी के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने शमशाद पुत्र मोहम्मद अजीज निवासी ग्यासपुर थाना बीसलपुर उसके घर छापामार गिरफ्तार कर लिया है। शमशाद ने पुलिस को बताया कि उसने ही पुष्पेंद्र निवासी ग्राम महेशपुर ठाकुरान थाना सुभाषनगर को पांच हजार रुपये का लालच देकर अफजाल के नाम की फर्जी आईडी बनवाकर जेल भिजवाया था। उसने ही थाने लाकर उसे अपनी कार का चालक बताया था। पुष्पेंद्र से उसने जल्द जमानत कराने का वादा किया था। पुष्पेंद्र स्मैक का नशा करने का आदी है, इसलिए वह पैसा लेकर जेल जाने के लिए राजी हो गया था। शमशाद का कहना है कि पुष्पेंद्र की जमानत नहीं हो पाई तो पुष्पेंद्र ने अफसरों को शिकायती पत्र भेजकर बताया कि वह पुष्पेंद्र है और उसे अफजाल के नाम से जेल भेजा गया है। अमर उजाला ने यह मुद्दा उठाया। कोर्ट ने थानाध्यक्ष भुता और विवेचक को भी तलब किया था। शमशाद का भेद खुलने पर कोर्ट ने उसकी शीघ्र गिरफ्तार करने के आदेश दिए थे। साथ ही पुष्पेंद्र को धोखाधड़ी का दोषी मानते हुए उसे आईपीसी की धारा 420 में जेल भेज दिया था। हालांकि 29 जून को पुष्पेंद्र ने जज साहब के नाम जो चिट्ठी लिखी थी, उसमें तर्क यह दिया था कि जेल जाते समय वह नशे में था। उसे शमशाद ने ही नशा दे दिया था। जेल में प्रवेश होने के बाद इसी वजह से उसे दस दिन अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा। इसके बाद जज साहब निरीक्षण को आए तो उसने शिकायत भी की थी। कोर्ट ने पुष्पेंद्र के आरोपों की जांच कराई तो उसमें सच्चाई सामने आ गई थी। पुलिस की जांच में यह बात साफ हो गई थी कि पुष्पेंद्र को अफजाल का नकाब पहनाकर शमशाद ने जेल ही खुद को बचाने के लिए जेल भिजवाया था। पोल खुलने पर पुलिस से बचने के लिए शमशाद पंजाब भाग गया था। पुलिस उसे पकड़ने के लिए लगी हुई थी। ईद पर जैसे ही वह आया घर आया, पुलिस ने उसे दबोच लिया।  
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यह था मामला
15 जनवरी को एहरौला गांव के पास मांस लदी शमशाद की कार को पुलिस ने पकड़ लिया था। पुलिस के मुताबिक शमशाद खुद कार चला रहा था, वह कार को छोड़कर भागा था। कार में मांस बीसलपुर बरेली की तरफ ला रहा था। 18 मार्च को शमशाद पुष्पेंद्र को अफजाल नाम की आईडी के साथ विवेचक के पास ले गया था। पुलिस से सांठगांठ करके शमशाद ने पुष्पेंद्र को अफजाल बनाकर जेल भिजवा दिया था। 
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इस मामले की कोर्ट से मानीटरिंग हो रही है। फिलहाल विवेचक की भूमिका को लेकर कुछ नहीं कहा जा सकता है, क्योंकि पुष्पेंद्र ने कोर्ट में तीन महीने के दौरान हुई पेशी में कभी यह नहीं बताया कि उसे फर्जी नाम से जेल भिजवाया गया है। इतना ही नहीं जेल में उसने अपने रिश्तेदारों तक के नाम भी मुस्लिम ही बताए। कोर्ट से दोबारा विवेचना के आदेश हुए हैं। विवेचना में जो तथ्य सामने आएंगे उसी के मुताबिक कार्रवाई होगी-यमुना प्रसाद, एसपी देहात   
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