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एक साल पुराने वीडियो पर नपे एबीआरसी-एनपीआरसी

Sat, 25 Mar 2017 01:44 AM IST
बरेली।  
बरेली।   Updated Sat, 25 Mar 2017 01:44 AM IST
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ABRC-NPRC depicted on one year old video
ABRC-NPRC depicted on one year old video - फोटो : बरेली, अमर उजाला
रिश्वतखोरी के लिए बदनाम बेसिक शिक्षा विभाग में रिश्वत का वीडियो बम फूटा है। मगझवां ब्लाक में एबीआरसी और एनपीआरसी कुछ शिक्षकों से रिश्वत लेते हुए एक वीडियो में कैद कर लिए गए। ये शिक्षकों से खंड शिक्षा अधिकारी के नाम पर वसूली करते दिखे। ये वीडियो पुराने हैं। इसको लेकर पहले शिक्षा अधिकारियों से शिकायत हुई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। शुक्रवार को पीड़ित शिक्षकों ने डीएम को न केवल शिकायत की बल्कि वीडियो की सीडी भी सौंपी। डीएम ने तत्काल बीएसए को तलब किया। फटकार लगाते हुए मामले में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बीएसए ने एबीआरसी राकेश कुमार उपाध्याय और एनपीआरसी हरपाल गंगवार को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही दो ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारियों से इनकी जांच कराने के आदेश दिए हैं। वहीं मझगवां ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सिंह का मामला संयुक्त शिक्षा निदेशक बेसिक शिक्षा शशि देवी शर्मा को भेजा गया है।
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मझगवां के जलालनगर प्राथमिक विद्यालय का था मामला
मामला मझगवां ब्लाक के जलालनगर प्राथमिक विद्यालय का है। यहां के  प्रधानाध्यापक सूर्यकांत, अध्यापक अमित कुमार और सहायक अध्यापक नरेंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि बीईओ नरेंद्र सिंह शिक्षकों का मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं। स्कूल चेकिंग के नाम पर रिश्वत मांगी जाती थी। वेतन काटने की धमकी और सेवा पुस्तिका के नाम पर वसूली की जाती है। रिश्वत लेकर उन शिक्षकों का भी वेतन जारी कर दिया जो कि चेकिंग के दौरान कागजों में अनुपस्थित पाए गए थे। यह शिक्षक पिछले एक वर्ष से रिश्वत देने के दौरान एक वर्ष से वीडियो बना रहे थे। बीएसए से शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई। पिछले दिनों बीएसए चंदनाराम इकबाल यादव को भी शिकायती पत्र दिया गया। शिक्षकों ने वीडियो बनाया और पूरा मामला डीएम को सौंप दिया।
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ब्लॉक में जमकर होती है वसूली 
शिक्षा विभाग में यह पहला मामला नहीं है। ब्लॉक स्तर पर जमकर वसूली की जाती है। पिछले दिनों साइंस किट के नाम पर ही लाखों का घोटाला सामने आया था। चेकिंग के नाम पर शिक्षकों का आर्थिक उत्पीड़न किया जाता है। कुछ तो ऐसे मामले हैं शिक्षकों ने बीईओ से पूरे महीने के पैसे बांध रखे हैं। स्कूल जाए बगैर ही उनका वेतन निकलता है।
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मामला सामने आया है। एबीआरसी और एनपीआरसी को सस्पेंड कर दिया है। दो बीईओ से इनकी जांच कराई जाएगी। इसके अलावा मगझवां के बीईओ का मामला एडी बेसिक को भेज दिया है।
-चंदनाराम इकबाल यादव, बीएसए 
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