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बीमारी से आजिज नगर निगम कर्मी ने जान दी
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बरेली। काफी समय से कैंसर से जूझ रहे नगर निगम के एक कर्मचारी ने अस्पताल में ही जहर खाकर जान दे दी। इससे पहले उसने सुसाइड नोट में अपनी मनोस्थिति का जिक्र किया। बारादरी पुलिस ने सुसाइड नोट कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। पीएम रिपोर्ट में जहर से मौत की पुष्टि के बाद विसरा सुरक्षित कर दिया गया।
नगर निगम के एक कर्मचारी करीब दो साल से ब्लड कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे। अक्सर उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में कई-कई दिन तक रखा जाता था। तीन दिन पहले पीलीभीत बाईपास के एक निजी अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया। यहां मंगलवार सुबह उन्होंने परिवार और स्टाफ से नजर बचाकर जहर खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर तमाम कोशिश के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका। शुरू में मृतक के परिवार ने अस्पताल स्टाफ को आरोपित किया। सूचना पर बारादरी इंस्पेक्टर केवी सिंह और जोगी नवादा चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तलाशी ली तो जेब से सुसाइड नोट मिला। इसमें मरने वाले ने अपना दर्द लिखा था। पत्नी, बेटे और बेटी को संबोधित इस पत्र में लिखा था कि वो कैंसर की बीमारी से परेशान हो चुके हैं। असहनीय दर्द अब बर्दाश्त नहीं होता। झेलने की शक्ति नहीं रही है, इसलिए जहर खा रहा हूं। इंस्पेक्टर ने बताया कि मामला आत्महत्या का ही है। किसी तरह की कोई शिकायत नहीं है।
नगर निगम के एक कर्मचारी करीब दो साल से ब्लड कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे। अक्सर उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में कई-कई दिन तक रखा जाता था। तीन दिन पहले पीलीभीत बाईपास के एक निजी अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया। यहां मंगलवार सुबह उन्होंने परिवार और स्टाफ से नजर बचाकर जहर खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर तमाम कोशिश के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका। शुरू में मृतक के परिवार ने अस्पताल स्टाफ को आरोपित किया। सूचना पर बारादरी इंस्पेक्टर केवी सिंह और जोगी नवादा चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तलाशी ली तो जेब से सुसाइड नोट मिला। इसमें मरने वाले ने अपना दर्द लिखा था। पत्नी, बेटे और बेटी को संबोधित इस पत्र में लिखा था कि वो कैंसर की बीमारी से परेशान हो चुके हैं। असहनीय दर्द अब बर्दाश्त नहीं होता। झेलने की शक्ति नहीं रही है, इसलिए जहर खा रहा हूं। इंस्पेक्टर ने बताया कि मामला आत्महत्या का ही है। किसी तरह की कोई शिकायत नहीं है।
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